850 पेड़ों की शिफ्टिंग शुरू, लगाने थे 20 फीट दूर, 2-5 फीट पर ही लगा रहे

स्मार्ट सिटी एबीडी एरिया के पेड़ों की शिफ्टिंग का मामला

By: Pushpam Kumar

Updated: 29 Dec 2020, 02:36 PM IST

भोपाल. स्मार्ट सिटी के एरिया बेस्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के लिए टीटी नगर से उखाड़े पेड़ों को चंदनपुरा, कलियासोत क्षेत्र में शिफ्ट करने की कवायद सोमवार से शुरू हुई। 850 पेड़ों को शिफ्ट करना है, जिसमें 50 को रोप दिया गया। ये काम स्मार्टसिटी ने डीएम मार्केटिंग कंपनी को दिया, लेकिन कंपनी ने काम दिल्ली की रोहित नर्सरी को दिया।
प्रोजेक्ट सुपरवाइजर अभिमन्यु बताते हैं कि पथरिली जगह होने से खुदाई में मुश्किल है। हम पेड़ों की एक साल तक रखरखाव करेंगे, लेकिन सर्वाइवल रेट नहीं बता सकते। पेड़ों के रोपण की स्थिति पर्यावरणविद सुभाष सी पांडेय ने एक्टिविस्ट राशिद नूर खान के साथ मौका मुआयना किया। पांडेय का कहना है कि ये बड़े पेड़ हैं और यदि जीवित रहते हैं तो फैलने बढऩे के लिए जगह चाहिएगी, लेकिन दो से पांच फीट की दूरी में तो पेड़ जीवित ही नहीं बच पाएंगे।
एबीडी के लिए काटे जा चुके हैं 4000 पेड़
स्मार्टसिटी ने 4000 पेड़ों को काट दिया। शहर के बड़े हरियाली वाले हिस्से की कटाई पर विरोध और विवाद शुरू हुए। मामला एनजीटी पहुंचा तो बचे पेड़ों की शिफ्टिंग तय हुई। अब शिफ्टिंग हो रही, लेकिन वैज्ञानिक पद्धति से नहीं, इसमें एक्सपर्ट शामिल नहीं है, इससे पेड़ों के जीवित रहने का दावा नहीं किया जा रहा। इस काम के लिए ़10 करोड़ रुपए की राशि तय है।
पहले फेल हो चुकी है ट्री शिफ्टिंग
बीआरटीएस प्रोजेक्ट के तहत होशंगाबाद रोड पर काटे गए पेड़ों में से 150 को बचाने तत्कालीन निगमायुक्त मनीष सिंह ने ट्री शिफ्टिंग की कोशिश की। इंदौर के एक्सपर्ट प्रेम जोशी के माध्यम से शिफ्टिंग कराई गई। ये पेड़ होशंगाबाद रोड पर नटराज मंदिर समेत मिसरोद श्मसान व अन्य स्थानों पर रोपे गए थे, लेकिन अब इनमें से एक भी जीवित नहीं है।
एक पेड़ पर 15 हजार रुपए तक खर्च
एबीडी के एक पेड़ की शिफ्टिंग पर 12 से 15 हजार रुपए तक खर्च होते हैं। इसी आधार पर कंपनी भुगतान लेगी। बावजूद इसके प्रोजेक्ट के सुपरवाइजर अभिमन्यु का कहना है कि पेड़ जीवित कितने बचेंगे नहीं कह सकते। उनका कहना है कि पेड़ की प्रजाति, कितनी गहराई तक रोपण हुआ और क्या ट्रीटमेंट दिया, इसपर ही लागत तय होगी।
21 पेड़ों की लकड़ी जब्त की, नोटिस दिया
क लियासोत नदी किनारे काटे गए पेड़ों का पंचनामा बनाने नगर निगम उपायुक्त मनोज श्रीवास्तव टीम सहित मौके पर पहुंचे और 21 पेड़ों के काटने का पंचनामा बनाकर लकड़ी जब्त की। भू-स्वामी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। पेड़ कटाई की स्थिति में प्रति पेड़ पांच हजार जमाकर मामला रफादफा किया जाता है। इससे पहले भी ऐसा ही हुआ है। एक लाख रुपए जमा कर पेड़ कटाई करने वाला पूरी तरह मुक्त हो जाएगा।

स्मार्टसिटी के पेड़ों को बचाने के लिए हमने कहा हुआ है। ट्री शिफ्टिंग के बाद वे जीवित रहें, इसे सुनिश्चित कराया जाएगा।
भूपेंद्र सिंह, मंत्री शहरी आवास एवं विकास

Pushpam Kumar Desk
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