मेपकास्ट डीजी की नियुक्ति का मामला, जानिये किस कांग्रेसी नेता की पत्नी को बनाए जाने की है तैयारी!

मेपकास्ट डीजी की नियुक्ति का मामला, जानिये किस कांग्रेसी नेता की पत्नी को बनाए जाने की है तैयारी!

Deepesh Tiwari | Publish: Jun, 17 2019 01:00:44 PM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

मैपकास्ट : मंत्री के यहां पहुंची फाइल...

भोपाल। राज्य सरकार मेपकास्ट में नए डीजी की नियुक्ति करने जा रही है। इसके लिए मैनिट की ट्रेनिंग एण्ड प्लेसमेंट ऑफीसर डॉ. अरुणा सक्सेना के नाम की फाइल चल पड़ी है। डॉ. अरुणा व्यापमं घोटाले के आरोपी कांग्रेस नेता संजीव सक्सेना की पत्नी हैं।

मेपकास्ट में डीजी नियुक्ति के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री पीसी शर्मा के यहां फाइल पहुंची है। नियुक्ति के बारे में अंतिम निर्णय इन्हीं को लेना है। उनकी नियुक्ति की फाइल दौडऩे के साथ ही सवाल भी खड़े होने लगे हैं।

vyapam

डॉ. अरुणा और उनकी बहन अर्चना सक्सेना लाइब्रेरियन पर आरोप लगे थे कि उन्होंने मैनिट में गलत तरीके से नियुक्ति ली है। 2011-12 में मैनिट की जांच कमेटी ने दोनों बहनों की सेवाएं बर्खास्त कर दी थीं। डॉ अरुणा बर्खास्तगी आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट से स्थगन आदेश ले आई हैं।

अब वे मैपकास्ट में डीजी बनने के प्रयास में हैं। जबकि मैपकॉस्ट के भर्ती नियमों के अनुसार डीजी पद पर वाइस चांसलर की समकक्ष योग्यता और कम से कम 15 साल का अकादमिक अनुभव अनिवार्य है। डॉ अरुणा 2005 से मैनिट में प्रशिक्षण और प्लेसमेंट ऑफीसर हैं, ऐसे में उन्हें किसी तहर के तकनीक एवं प्रशासनिक कार्य का अनुभव नहीं है।

विशेषज्ञों का कहना है कि मेपकास्ट में डीजी जैसे महत्वपूर्ण पद के लिए खुली प्रतिस्पर्धा के तहत नियुक्ति होना चाहिए। इसके लिए विज्ञापन जारी कर आवेदन बुलाए जाएं तो योग्य लोगों का चयन हो सकेगा।


यह सही है कि मेपकास्ट डीजी की नियुक्ति होना है। नियुक्ति पूरी नियम के साथ की जाएगी।
- पीसी शर्मा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री


इधर, शिवराज बोले- समाज खड़ा हो जाए, तो दरिंदे भाग जाएंगे
वहीं दूसरी ओर मध्यप्रदेश में महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि दरिंदो को रोकना सिर्फ सरकार की ही नहीं समाज की भी जिम्मेदारीं होती है।

हम सब अच्छे लोग मिलकर ऐसे दरिंदों के खिलाफ अभियान चलाएंगे। समाज यदि खड़ा हो जाए तो दरिंदे शहर से भाग जाएंगे। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह बात रविवार को कोटरा सुल्तानाबाद की मांडवा बस्ती में बेटी बचाओ अभियान के तहत मोहल्ला समिति के गठन पर कही।

चौहान ने कहा कि दरिंदगी करने वाले राक्षसों के लिए कानून का खौफ जरूरी है। ऐसी घटनाओं को रोकने फांसी की सजा का कानून बना और 26 दंरिदों को फांसी की सजा हुई है, लेकिन अब तक कोई फांसी के फंदे तक नहीं पहुंचा है।

सर्वोच्च न्यायालय को पोस्टकार्ड लिखकर दुष्कर्म के आरोपी को फांसी पर चढ़ाने की मांग की जाएगी। इस दौरान महापौर आलोक शर्मा भी मौजूद रहे।

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned