12 साल की बच्ची को शाम होते ही ले जाते थे खंडहर में फिर...

आरोपियों ने खुद स्वीकारी दरिंदगी,बच्ची छह माह तक रोज होती रही ज्यादती का शिकार,पांच और आरोपी गिरफ्तार।

By: दीपेश तिवारी

Published: 12 Nov 2017, 10:56 AM IST

भोपाल। 12 वर्षीय बच्ची दिनभर स्टेशन और उसके आसपास कचरा बीनती और लोगों से भीख मांगती। दिन भर यहां-वहां भटकने के बाद थककर चूर हुई मासूम जब आराम की तलाश में कोना ढूंढती कोई न कोई वहशी उसे खींच लेता।

स्टेशन के पास बने खंडहरों में बारी-बारी से ले जाकर उससे जोर-जर्बदस्ती की जाती, लेकिन न तो कोई उसकी चीखें सुनने वाला होता था, न ही अगले ही दिन उसके साथ हुई दरिंदगी की दास्तान सुनने वाला हमदर्द ही उसे नसीब था। छह महीनों तक आधा दर्जन आरोपी लगातार उसे अपनी हवस का शिकार बनाते रहे।

जुल्मों की यह दास्तां 12 वर्षीय बच्ची से रेप मामले में शनिवार को गिरफ्तार हुए आरोपियों ने खुद स्वीकार की। इन पांच गिरफ्तारियों के बाद मामले में आरोपी बनाए सभी छह की गिरफ्तारी हो चुकी है।

बच्ची से रेप के मामले में जीआरपी ने शनिवार को पांच आरोपियों को जीआरपी ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। इनमें से दो वयस्क हैं, वहीं तीन आरोपी नाबालिग हैं। इस मामले में इससे पूर्व सलमान की गिरफ्तारी हो चुकी है। सभी किशोर एवं युवक स्टेशन क्षेत्र और ट्रेनों में घूमने के साथ ट्रेनों में झाड़ू लगाने, कचरा बीनने का काम करते हैं। पुलिस के अनुसार शनिवार को जीआरपी टीम ने मंगल और मनीष नाम के युवकों को गिरफ्तार किया। इनकी निशानदेही पर तीन नाबालिग किशोरों को भी गिरफ्तार किया गया।

12 साल की मासूम का दो दिन में अलग होगा गर्भ-
सुल्तानिया अस्पताल में 12 वर्षीय पीडि़ता के गर्भ में पलने वाले चार माह के भू्रण को अलग करने का निर्णय बाल कल्याण समिति ने लिया। अस्पताल में गर्भ अलग करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इस विषय पर अस्पताल अधीक्षक डॉ. करन पीपरे ने बताया कि बच्ची को ब्लड की एक ड्रिप शुक्रवार को व एक ड्रिप शनिवार को लग चुकी है। बच्ची के गर्भ को अलग करने के लिए दवाई देने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।

लगभग दो दिन के अंदर बिना किसी परेशानी के बच्ची का गर्भ स्वत: अलग हो जाएगा। परेशानी न हो इसके लिए एक्सपर्ट डॉक्टर की टीम बनाई गई है।

सलमान ही है जिम्मेदार
गिरफ्तार युवक और किशोरों को मामले में अपना नाम आने की भनक तो थी, लेकिन सलमान की गिरफ्तारी होने से यह निश्चिंत थे। इनका मानना था कि बालिका को ज्यादातर सलमान अपने साथ रखता था। पुलिस हमसे पूछताछ भी करती है तो हम सारा दोष सलमान पर डालकर बच जाएंगे। इसके चलते यह लोग फरार होने के बजाए स्टेशन क्षेत्र और आसपसास घूमते रहे। पुलिस टीम ने एक के बाद एक सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया तब भी इन्होंने सलमान के ही आरोपी होने की ही कहानी सुनाई थी, लेकिन गहराई से पूछताछ करने पर सभी की भूमिका सामने आ गई।

इधर, छात्रा ने फील किया 'बैड टच', आरोपी गिरफ्तार
हमीदिया अस्पताल परिसर में एमबीबीएस छात्रा के साथ कैंटीन कर्मचारी ने छेड़छाड़ कर दी। कैंटीन में चाय पीने आई छात्रा को बैड टच का अहसास होते ही उसने विरोध किया तो छात्रा को धमकाने लगा। छात्रा ने शिकायत कोहेफिजा पुलिस से की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के मुताबिक जीएमसी हॉस्टल में रहने वाली 21 वर्षीय युवती सेकंड ईयर की छात्रा है। बुधवार सुबह छात्रा अपनी सहेलियों के साथ हमीदिया परिसर में शव परीक्षण गृह के पास स्थित कैंटीन में चाय पीने गई थी। इसी बीच पीछे चल रहे कैंटीन कर्मचारी अनिल यादव ने हरकत की, छात्रा पहली बार कर्मचारी की हरकत नहीं समझ सकी। वह फिर दोबारा छात्रा के शरीर पर हाथ रखते हुए आगे निकला। बैड टच फील होते ही छात्रा ने विरोध किया। पुलिस ने कैंटीन कर्मचारी अनिल यादव को गिरफ्तार कर लिया है।

थोड़ी देर पर छात्रा ने खुद पकड़कर पीटा
बताया गया कि छात्रा अक्सर कैंटीन में चाय पीने आती है। कैंटीन में काम करने वाले अनिल यादव को वह पहचानती थी। घटना के दिन भी वह उसे पहचान गई थी, लेकिन वह मौके से फरार हो गया था।

ऐसे में छात्रा उसका आस-पास रुककर इंतजार करती रही। थोड़ी देर बाद अनिल कैंटीन पहुंचा। अनिल को कैंटीन में देख छात्रा अपनी सहेलियों के साथ पहुंचकर उसे पकड़ लिया। इसके बाद छात्राओं ने उसे सबब सिखाया। इसके बाद पुलिस को सौंप दिया। आरोपी खुद को घिरा देख छात्राओं से माफी मांगता रहा।

जीरो पर करें एफआईआर-
राजधानी में यूपीएससी की तैयारी कर रही छात्रा से गैंगरेप के बाद पुलिस मुख्यालय की राज्य महिला अपराध शाखा (सीएडब्ल्यू) ने प्रदेश के सभी एसपी को फरमान जारी किया है।
पीएचक्यू की सीएडब्ल्यू शाखा ने प्रदेशभर के एसपी को जारी किए आदेश में कहा है कि किसी भी पीडि़ता के थाने पहुंचने पर गंभीर मामले में जीरो पर एफआईआर नहीं की गई, तो उस अफसर के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। बताया जा रहा है कि इस फरमान में सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। महिला अपराधों को गंभीरता से लेने के साथ ही पुलिस को भी पीडि़ता के साथ संवेदनशील रवैया अपनाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

दीपेश तिवारी
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