बेसमेंट में बने विजय के रेस्टोरेंट को पर अभी तक नहीं गई किसी की निगाह, पत्थरों से पटा है द्वार

इधर नीलबड़ में मारण परिवार की तरफ से दबा कर रखी वन विभाग की जमीन से नहीं हटा कब्जा

भोपाल। भू माफिया के खिलाफ चल रही कार्रवाई में अभी भी कई बड़े माफियाओं पर कार्रवाई होना बाकी है, लेकिन जो पूर्व में हो चुकी हैं उनमें से कुछ अभी पूरी नहीं हुई। चेतकब्रिज पर बनी विजय की पांच माला बिल्डिंग में बेसमेंट में पार्र्किंग की जगह पर रेस्टोरेंट बनाया गया है। कार्रवाई के दौरान यहां मलवा गिरने से बेसमेंट में बने रेस्टोरेंट जाने का रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया। प्रशासन और निगम अमले को इस रेस्टोरेंट पर भी कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन इसे छोड़ दिया गया है।

कुछ दिन बाद इस रेस्टोरेंट का फिर से संचालन भी शुरू हो जाएगा। इस रेस्टोरेंट को यहां किराय से उठा रखा है। इस संबंध में 76 बी सेक्टर कस्तूरबा नगर के समस्त व्यापारियों ने निगमायुक्त के यहां शिकायत की है और एक प्रति कलेक्टर को दी है। व्यापारियों का कहना है कि होटल हटने के बाद सड़क पर जो वाहन खड़े किए जाते हैं वे पार्र्किंग में खड़े होंगे। इससे चेतकब्रिज पर लगने वाले जाम की समस्या से निजात भी मिलेगी।

नीलबड़ रातीबड़ रोड पर मस्तान सिंह और विजय सिंह मारण का शॉपिंग काम्पलेक्स वन विभाग की जमीन पर बना है। मुख्य सड़क पर होने के कारण ये जमीन करोंड़ों रुपए की है, लेकिन इस पर से कब्जा नहीं हटाया जा रहा है। यहां शॉपिंग कॉम्पलेक्स बनाकर दुकानों से किराया वसूला जा रहा है। पिछले मंगलवार को हुई जनसुनवाई में अवैध कब्जों की अनगिनत शिकायतें पहुंची है।

पुराने शहर, गोविंदपुरा, बैरागढ़ चीचली की ज्यादा शिकायते हैं। कलेक्टर तरुण पिथोड़े का कहना है कि जो माफिया या अवैध कब्जों को लेकर शिकायत मिल रही हैं उनकी जांच कराने के बाद उन पर कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा अवैध कॉलोनियों और पहले से चिन्हित बड़े माफियाओं के खिलाफ अभियान जारी है।

प्रवेंद्र तोमर Reporting
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