ADG मिश्रा के पिता का मामला- आयोग ने सीएस और एसीएस गृह से कहा DGP से 23 तक दिलाएं रिपोर्ट

ADG मिश्रा के पिता का मामला- आयोग ने सीएस और एसीएस गृह से कहा DGP से 23 तक दिलाएं रिपोर्ट

Sunil Mishra | Publish: Apr, 06 2019 08:24:37 AM (IST) | Updated: Apr, 06 2019 08:24:38 AM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

पीएचक्यू ने मानवाधिकार आयोग को फिर भेजा विधिक सलाह का पत्र कहा हाइकोर्ट के निर्देश के बाद ही उचित होगी कार्रवाई

एडीजी आरके मिश्रा के पिता कुलामणि मिश्रा के मामले में मानव अधिकार आयोग में शुक्रवार को भी डीजीपी ने जांच रिपोर्ट पेश नहीं की। पीएचक्यू ने फिर से अभियोजन अधिकारी से विधिक सलाह लेकर आयोग को एक पत्र भेजकर कहा है कि यह प्रकरण मप्र हाई कोर्ट में विचाराधीन है।

कोर्ट के फैसले के बाद ही अगली कार्रवाई करना उचित होगा। इस पर आयोग ने सख्त रूख अपनाते हुए मुख्य सचिव, एसीएस गृह आदि उच्चाधिकारियों को डीजीपी को मार्गदर्शन देकर 23 अप्रैल के पहले जांच प्रतिवेदन दिलाने के लिए कहा है।

राज्य मानवाधिकार आयोग में शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई तय थी। लेकिन आयोग को पीएचक्यू से जांच रिपोर्ट नहीं मिली। पुलिस मुख्यालय से आयोग को एक पत्र मिला। पत्र में पुलिस मुख्यालय द्वारा उपसंचालक अभियोजन विभाग से इस मामले में फिर से विधिक राय लेने का उल्लेख किया गया है।

उपसंचालक अभियोजन विभाग ने यह मामला हाइकोर्ट जबलपुर में विचाराधीन होने के कारण फिर से कोर्ट के निर्देशानुसार ही अगली कार्रवाई किया जाना उचित बताया है। पुलिस मुख्यालय द्वारा भी इसी आशय का अनुरोध मानव अधिकार आयोग से किया गया है।

आयोग ने कहा पीएचक्यू का फिर वही अनुरोध उचित नहीं

आयोग के रजिस्ट्रार (लॉ) ने बताया कि चूंकि हाइकोर्ट द्वारा आयोग के किसी भी आदेश या किसी भी कार्रवाई पर अब तक कोई भी अंतरिम स्टे ऑर्डर या अन्य कोई आदेश पारित नहीं किया गया है। इसलिए पुलिस मुख्यालय का फिर वही अनुरोध उचित नहीं है।

अब आयोग ने मुख्य सचिव मध्यप्रदेश शासन, अपर मुख्य सचिव, गृह (पुलिस) विभाग, एवं अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विभाग को इस संबंध में अवगत कराकर इन्हें पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मध्यप्रदेश को जांच रिपोर्ट देने के लिए निर्देशित करने के लिए कहा गया है। आयोग ने 23 अप्रैल 2019 के पहले जांच रिपोर्ट मांगी है। इस मामले की अगली सुनवाई भी अब 23 अप्रैल को होगी।

ऐसे चला मामला

- 14 जनवरी 2019 को कुलामणि मिश्रा को एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने मेडिकली मृत घोषित किया था।

-सबसे पहले मानव अधिकार आयोग ने 18 फरवरी को डीजीपी को इस मामले की रिपोर्ट पेश करने को कहा। लेकिन रिपोर्ट नहीं भेजी। आयोग ने फिर 19 फरवरी तक रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए।

- बाद में आयोग ने 3 एलोपैथी व 3 होम्योपैथी डॉक्टरों की टीम गठित कर उनसे कुलामणि मिश्रा की जांच कर 23 फरवरी तक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। लेकिन डीजीपी ने 26 फरवरी को आयोग से 7 दिन का समय मांगा। इस पर आयोग ने 11 मार्च तक का समय दे दिया।

- 11 मार्च को भी डीजीपी ने रिपोर्ट पेश नहीं की। इस पर आयोग ने डीजीपी को कहा कि हाई कोर्ट ने आयोग की कार्रवाई पर रोक नहीं लगाई और न ही स्थगन आदेश दिया गया है।

- आयोग ने पुराने बिंदुओं पर जांच कर 26 मार्च तक जांच रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा। लेकिन रिपोर्ट पेश करने के बजाय विधिक सलाह पत्र भेज दिया। फिर आयोग ने 5 अप्रैल तक का समय दिया था लेकिन फिर से विधिक सलाह वाला पत्र ही भेज दिया।

 

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