डेढ़ साल बाद स्वराज भवन आर्ट गैलरी फिर गुलजार, हर पेंटिंग में दिखी स्वतंत्रता संग्राम की दास्तां

भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों पर 'राष्ट्रीय चित्रकला प्रदर्शनी-2021' का आयोजन

By: hitesh sharma

Published: 25 Sep 2021, 11:42 PM IST

भोपाल। साहित्य अकादमी और ऋद्धि-सिद्धि आर्ट स्टूडियो की ओर से भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों पर आधारित 'राष्ट्रीय चित्रकला प्रदर्शनी-2021' का आयोजन स्वराज वीथि में किया जा रहा है। यहां देशभर से आए चयनित 25 कलाकारों की 28 आर्ट वर्क डिस्प्ले किया गया। सभी में स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों के जीवन से जुड़े मूवमेंट्स को उकेरा गया है। नवोदित कलाकारों ने ऐक्रेलिक, डॉट आर्ट, वुडन आर्ट, पेंसिल कलर्स और एब्सट्रेक्ट आदि मीडियम में वर्क किया है। करीब छह माह बाद शहर की आर्ट गैलेरी ओपन हुई है। वहीं, डेढ़ साल बाद स्वराज वीथि में कोई प्रदर्शनी आयोजित की गई है।

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इंस्टॉलेशन आर्ट वर्क तैयार किया
फाइन आट्र्स स्टूडेंट जयदेव पाटिल ने बताया कि मैंने सुभाष चंद्र बोस पर आर्ट वर्क तैयार किया है। उनका आजादी में अतुलनीय योगदान रहा है। उनकी एक खास बात यह थी कि वे कभी भी किसी अंदर की आग को बुझने नहीं देते थे। इसी से प्रेरित होकर मैंने उनका लाइट एंड शैडो इंस्टॉलेशन आर्ट तैयार किया। यह पेपर की कटिंग और लाइट से पडऩे वाली परछाई से सुभाष चंद्र बोस का पोट्र्रेट बनाती है।

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आधा किलो बुरादे से बनाई रानी अवंतिबाई की पेंटिंग
राजस्व विभाग में पटवारी के पद पर पदस्थ शुभम कुशवाह ने बताया कि भारत की आजादी में रानी अवंति बाई ऐसी प्रथम महिला थी जो देश के लिए शहीद हुई थीं। वे हमेशा से संगठित होकर अंग्रेजों के खिलाफ युद्ध लडऩे के लिए प्रेरित करती थीं। वे सिवनी मालवा में ही पैदा हुई थी। मैंने लकड़ी के बुरादे से उनकी पेंटिंग बनाई है। करीब आधा किलो लकड़ी के बुरादे इसे बनाया। इसे ऑफिस से आने के बाद तैयार करता था।

एम्ब्रॉयडरी पर नायडू का पोर्ट्रेट बनाया
नौवीं क्लास की छात्रा ऋतिका जैन ने बताया कि मैंने देश की पहली महिला गवर्नर सरोजिनी नायडू का पोट्र्रेट तैयार किया है। इसमें क्रॉस स्टिचिंग और ज्वैलरी से डिजाइन किया है। मुझे इसे बनाने में करीब 12 दिनों का समय लगा। मैंने पहली बार ये प्रयास किया है। आर्ट स्टूडेंट ट्विंकल सक्सेना ने बताया कि मैंने वीर सावरकर का पोट्र्रेट तैयार किया है। इसमें मैने उस दृश्य को दिखाया है कि जब उन्होंने कहा था कि भारत माता का पैर जंजीरों में जकड़ा हुआ है। मैं चाहता हूं इन जंजीरों को निकलाकर देश को आजादी दिलाई जाए। इसी किस्से से प्रभावित होकर ब्लैक पेन के एक-एक डॉट से इसे तैयार किया है। इसे बनाने में 14 दिन का समय लगा।

hitesh sharma Reporting
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