सैम्पल देने के बाद बाहर घूमते रहे लोगों से 810 में फैला कोरोना, अभी भी समय है संभलने का

- रिपोर्ट में खुलासे के बाद शुरू की सख्ती, जुर्माने का प्रावधान भी किया,

- इधर सख्ती से बची बुजुर्गों और बच्चों की जान, ज्यादातर 20 से 45 साल के कोरोना पीडि़त

प्रवेंद्र तोमर. कोरोना संदिग्ध होने के बाद सैम्पल देकर बाहर घूमते रहे लोगों से 810 लोगों में कोरोना फैला है। कोरोना स्प्रैड के इस चौंकान वाले खुलासे के बाद प्रशासन ने सैम्पल लेने के बाद क्वारेंटाइन किए गए लोगों के बाहर घूमने पर दो हजार रुपए जुर्माना लगाने का प्रावधान किया है। अगर समय रहते अभी भी नहीं चेते तो आने वाले दिनों में कम्यूनिटी स्पैड की संभावना बढ़ जाएगी। क्योंकि जिन लोगों से कोरोना फैला वे ज्यादातर जहांगीराबाद, ऐशबाग, बाणगंगा, संजय नगर बस्ती व अन्य घनी बस्ती के लोग हैं। फिर इन 810 के फस्र्ट कॉन्टेक्ट में आए तीन हजार से ज्यादा लोगों की सैम्पलिंग की गई। जिसमें से 260 से ज्यादा की रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है। अगर पहली स्टेट के लोग ही सैम्पल देने के बाद सावधानी बरतते तो ये स्थिति नहीं बनती।

दरअसल अप्रैल-मई माह में जिन लोगों के सैम्पल लिए गए उन लोगों को रिपोर्ट आने तक क्वारेंटाइन सेंटर या घर में ही रहना था। लेकिन इनमें से बड़ी संख्या में लोग बाहर घूमते रहे। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद इनको अस्पताल ले जाया गया। फिर इनके फस्र्ट कॉन्टेक्ट की तलाश शुरू की गई तो धीरे-धीरे कर आंकड़ा बढ़ता चला गया। कोरोना की चेन बनती चली गई। इस लापरवाही से ही 810 लोग और कोरोना की चपेट में आ गए। रिपोर्ट में हुए खुलासे के बाद जून माह में सैम्पल लेने के बाद लोगों को अस्पताल या क्वारेंटाइन सेंटर में रखा जा रहा है और बड़ी संख्या में लोगों को होम आईसोलेट कर रहे हैं। इससे रिपोर्ट में पॉजिटिव आ रहे लोगों में से 65 फीसदी को तलाशना नहीं पड़ता। वे पहले से ही अस्पताल या डॉक्टरों की निगरानी में हैं। इसके बाद भी अगर कोई बाहर घूमता मिलता है तो उस पर दो हजार रुपए जुर्माना लगाने की तैयारी भी है।

इधर अच्छी खबर:
जिला प्रशासन ने बुजुर्ग और बच्चों को घर से बाहर निकलने पर लगाई रोक का असर ये हुआ कि बड़ी संख्या में बुजुर्ग और बच्चे कोरोना की चपेट में आने से बच गए। जिले में अब तक सामने आए 2332 मरीजों में 80 फीसदी की उम्र 20 से 45 साल के बीच है। भोपाल के लिए ये एक राहत देने वाली खबर है। इससे कई बुजुर्गों की जान बचाई जा सकी और जिस उम्र के लोग कोरोना पॉजिटिव आ रहे हैं वे जल्दी रिकवर कर रहे हैं। इससे भोपाल में कोरोना से हुई मौत का आंकड़ा कम है।

वर्जन

होम क्वारेंटाइन या क्वारेंटाइन सेंटर में रखे गए संदिग्ध लोग अगर बाहर घूमते मिले तो उन पर अब जुर्माना लगाया जा रहा है। ताकि रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उनसे और लोगों में कोरोना न फैले। अब तो अस्पताल में भी लोगों को पहले से भर्ती कर रहे हैं। भोपाल के लिए अच्छी खबर ये है कि यहां पर जो केस आ रहे हैं उनमें 20 से 45 साल के लोग हैं, जो जल्दी रिकवर कर रहे हैं।
तरुण पिथोड़े, कलेक्टर

प्रवेंद्र तोमर Reporting
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