रिस्टोरेशन में लापरवाही : सड़क और फुटपाथ पर थेगड़े लगा रही कंपनी

पत्रिका की खबर के बाद हरकत में आया स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन

By: दीपेश तिवारी

Published: 25 Apr 2018, 06:42 PM IST

भोपाल। स्मार्ट पोल व सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम डेवलप करने वाली प्राइवेट आईटी कंपनी एरिक्सन और टेक्नोसेस ने प्रमुख सड़कें और फुटपाथ खोदने के बाद घटिया रिस्टोरेशन वर्क शुरू कर दिया है। पत्रिका में 19 अप्रैल को खबर प्रकाशित होने के बाद स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कार्पोरेशन की एक्जीक्टिव डायरेक्टर प्रियंका दास ने दोनों कंपनियों को खुदाई के स्थानों पर पेचवर्क करने के निर्देश दिए थे।

मंगलवार को पत्रिका टीम ने मौका मुआयना किया तो नजर आया कि कंपनियों ने बेहद घटिया पेचवर्क और रिस्टोरेशन किया है। बोर्ड ऑफिस, शौर्य स्मारक, बागसेवनिया थाने के सामने, नेहरू नगर, लिंक रोड, वीआईपी रोड सहित 6 नंबर और 10 नंबर मार्केट के आसपास इस प्रकार की खुदाई की गई थी। रिस्टोरेशन के नाम पर यहां सीमेंट की रोड पर डामर,मुरम डालकर मामला निपटाया जा रहा है।

दस हजार फाइलों को पढऩे चौथी बार बदला अफसर

नगर निगम के परिवहन पार्टस घोटाले की करीब 10 हजार फाइलों को पढऩे के लिए चौथी बार अफसर बदला गया। मंगलवार को उपायुक्त बीडी भूमकर की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया। ये फाइल पढ़ेंगे, उसके बाद भूमरकर मंजूरी की मुहर लगाएंगे।

ये फाइलें उन ठेकेदारों के भुगतान की है, जिन्होंने नगर निगम के वाहनों के लिए पाटर््स विक्रय किए हैं। इनका भुगतान करने ये फाइलें बनी थी, लेकिन तत्कालीन निगमायुक्त छवि भारद्वाज ने घोटाला पकड़ा और भुगतान रुक गए। फाइलों को पढ़कर तय करना है कि कौन सी सही है किसे भुगतान किया जाए। परिवहन घोटाला उजागर होने के बाद फाइलों को जब्त कर इसका जिम्मा तत्कालीन अपर आयुक्त प्रदीप जैन को दिया गया था।

जैन का ट्रांसफर होने के बाद जिम्मा अपर आयुक्त मलिका निगम और उनके बाद अपर आयुक्त वीके चतुर्वेदी को मिला। अब दोनों ही ट्रेनिंग टूर पर गए हुए हैं, इसलिए उपायुक्त बीडी भूमकर को जिम्मेदारी दी गई है। संपत्तिकर अधिकारी अर्चना शर्मा भी अवकाश है इसलिए इनका प्रभारी भी मंगलवार को भूमरकर को दे दिया गया।

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दीपेश तिवारी
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