समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष का बड़ा बयान, बोले- स्मार्ट सिटी, कालाधन कहां है मोदीजी

सपा प्रमुख का बड़ा बयान, बोले- स्मार्ट सिटी, कालाधन कहां है मोदीजी

By: Manish Gite

Updated: 20 Jul 2018, 12:45 PM IST

भोपाल। उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा है कि देश के 100 शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने वाले थे, बेरोजगारों को रोजगार दिलाने वाले थे, वहीं किसानों की आय दोगुनी करने वाले थे, इसके अलावा काला धन भी लाने वाले थे। वे सब कहां है। यादव ने मध्यप्रदेश में अन्य दलों के साथ गठबंधन के भी संकेत दिए। उन्होंने कहा कि कमलनाथजी से चर्चा हो गई है।

 

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव शुक्रवार को राजधानी भोपाल में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। वे कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव के आवास पर लंच के लिए आए थे। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुभाष यादव और उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के बीच पारिवारिक रिश्ते हैं। वे इसीसिले में उनके निवास पर मिलने पहुंचे थे। हालांकि राजनीति गलियारों में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के गठबंधन की अटकलें लगाई जा रही है। अखिलेश यादव ने भी इससे इनकार नहीं किया है। उन्होंने कांग्रेस से अपनी पार्टी के संबंध बहुत अच्छे बताए हैं।

 

और क्या-क्या बोले अखिलेश यादव

अखिलेश यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सुभाष यादव और उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के ऐसे संबंध थे, जो किसी से छिपे नहीं थे। यह शिष्टाचार संबंधों को लेकर पुराने लोगों में काफी था। नेताजी ने जो संबंधों का सिलसिला जो शुरू किया था वो आज भी है। यह परिवारों का संबंध है। दो दलों के संबंध अलग बात है। कांग्रेस के कुछ नेताओं से रिश्ते बहुत अच्छे हैं। जो शुरुआत हमारे बुजुर्गों ने की है, हमारी जवाबदारी है कि हम उस परंपरा को आगे बढ़ाए। यदि हम दोनों दलों से मिलने पर जनता को लाभ मिले तो यह और अच्छी बात है।

अखिलेश ने कहा कि देश के बीचों बीच हृदय प्रदेश है। अब चूंकि चुनाव है तो राजनीतिक दलों का प्यार भी अब मध्यप्रदेश में ज्यादा बढ़ेगा। सरकार हमसे ज्यादा बोलेगी, वो ऐसी खीर खिलाएगी जिससे दोबारा सत्ता में आ सके। हमारा प्रयास है कि जो जनता के वायदे पूरे नहीं किए उन वायदों को याद दिलाएंगे।

 

अविश्वास प्रस्ताव पर बोले अखिलेश

भाजपा के ही घोषणा पत्र में था कि नए शहर बसाए जाएंगे। गाय सड़क पर घूम रही होंगी, सांड घूम रहे होंगे। लोग बेरोजगार हो जाएंगे। स्मार्ट सिटी बनेंगे। मध्यप्रदेश में कितने स्मार्ट सिटी बनाई गई. यह मुझे नहीं मालूम। मोदी जी जहां से सांसद है उस शहर में नालियां बह रही है। कर्जमाफी कहां है। किसानों की आय दोगुनी कर देंगे।

-एमएसपी के फार्मूले को ही बदल दिया गया। कांग्रेस ने कई बार एमएसपी बढ़ाई। किसानों को इसकी कीमत मिल रही है या नहीं। 9 हजार किसान जान दे गए। नौजवानों को नौकरी नहीं मिल रही है। एक ऐसी पीढ़ी निकल जाएगी और उन्हें रोजगार नहीं मिलेगा। अखिलेश ने कहा कि विदेशों ने तरक्की कर ली, मोदीजी कई देश घूम रहे हैं।

-वाट्सअप पर नफरत फैलाने का काम कर रही है भाजपा। उन्होंने कहा कि अब तो ईवीएम में भी गड़बड़ियां हो रही हैं।

-9 हजार किसानों की आत्महत्या किसान कर चुके हैं। बीजेपी बताएगी कि यहकौन सा डिजीटल इंडिया है। यह कैसा भारत है।

-कमलनाथ से बात हुई है लेकिन हम नहीं बताएंगे क्या बात हुई।

-कवि नीरज के बाजे में भी उन्होंने कहा कि उनका नेताजी से बहुत लगाव रहा। हिन्दी और साहित्य के लिए जितना उन्होंने काम किया शायद किसी ने नहीं किया। यशभारती सम्मान मिला।

 

देश नया प्रधानमंत्री चाहता है

विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव पर उन्होंने बताया कि दिनों ही चुनावों में खेल दूसरा होगा। देश नया प्रधानमंत्री चाहता है। जिसे भी प्रधानमंत्री बनना हो, वे यूपी आ जाओ। नोटबंदी ने कारोबार खत्म कर लिया, न भ्रष्टाचार खत्म हुआ न काला धन वापस आया।

-हमारी इच्छा है कि हम दूसरे प्रदेशों में भी चुनाव लड़े। मध्यप्रदेश में समाजवादी पार्टी का संगठन मजबूत नहीं है, इस बारे में अखिलेश ने कहा कि अब संगठन मजबूत नहीं किया जा सकता, इसमें मजबूत लोग लाकर चुनाव लड़ाया जा सकता है।

अब मध्यप्रदेश कप जीतना है

अखिलेश यादव ने वर्ल्ड कप से चुनावों की तुलना करते हुए कहा कि अब मध्यप्रदेश कप जीतना जरूरी है। किसान चाहते हैं, व्यापारी चाहते हैं बेरोजगार भी चाहते हैं कि मध्यप्रदेश में भी हम सब मिलकर जीतेंगे।

-हम बीएसपी को फारवर्ड रख रहे हैं। यादव ने गठबंधन पर कहा कि उत्तरप्रदेश या मध्यप्रदेश किसी की मजबूरी नहीं है।

बसपा के बाद सपा से गठबंधन की अटकलें
राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि हाल ही में बसपा के साथ गठबंधन कर चुकी कांग्रेस की निगाह अब सपा पर है। यह भी अटकलें लगाई जा रही है कि बीजेपी को हराने के लिए क्या समाजवादी पार्टी कांग्रेस के साथ गठबंधन करेगी। क्योंकि लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए 6 जून को ही अखिलेश यादव घोषणा कर चुके हैं कि मध्यप्रदेश में वे कांग्रेस के साथ गठबंधन कर सकते हैं। हालांकि अभी विधानसभा चुनाव में गठबंधन पर बड़ा फैसला होना बाकी है।

 

MP में यह है स्थिति
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का विंध्य, बुंदेलखण्ड और ग्वालियर-चंबल संभाग के 14 जिलों में प्रभाव है। वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में बसपा चार सीटों पर चुनाव जीती थी। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में 62 सीटें ऐसी रहीं जहां बसपा प्रत्याशी ने 10 हजार से ज्यादा और 17 सीटों में 30 हजार से ज्यादा वोट मिले थे। इसी ताकत के बल पर कांग्रेस पार्टी बसपा से गठबंधन चाहती है।

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