लता और आशा के आगे टिकी ये सिंगर, सबसे ज्यादा गाने गाने का रिकॉर्ड

मेरे टाइप के गाने अगर आते हैं तो मैं गाती हूं। कई गाने तो स्टूडियो जाकर, सुनकर, मना करके लौटना पड़ता है। क्योंकि वो बेढंगे से गाने होते हैं। 

भोपाल।  जैसे-जैसे इंडस्ट्री में फिल्मों का दौर बदला, संगीत भी बदलता गया। आज कल युवाओं के गानों की चॉइस बदल गई है। अपने जमाने की मशहूर गायिका अलका यागनिक शुक्रवार को भोपाल पहुंची। अलका याज्ञनिक भोजपुर उत्सव में परफॉर्म करने के लिए भोपाल आईं थीं। उन्होंने कहा कि आजकल गाने अलग किस्म के बन रहे हैं, मेरी वॉइस को सूट कम करते हैं। 






मैं तो गानों को मना कर देती हूं
मेरे टाइप के गाने अगर आते हैं तो मैं गाती हूं। कई गाने तो स्टूडियो जाकर, सुनकर, मना करके लौटना पड़ता है। क्योंकि वो बेढंगे से गाने होते हैं। मैं 12 हजार से ज्यादा सारे में गाने गा चुकी हूं, एक मुकाम बना लेने के बाद जो ऑडियंस और फैंस हैं वो कुछ एक्पेक्ट करते हैं। क्योंकि एक स्टैंडर्ड बन चुका है। अब मैं अगर कुछ ऊंटपटांग गाऊंगी तो लोगों को अच्छा नहीं लगेगा। तो एेसे में मुझे देखना पड़ता है कि मैं क्या गाऊं और क्या नहीं। इसलिए मैं छांटकर ही जो भी छोड़ा बहुत होता है वही काम  करती हूं।


 
90 के दशक की सबसे चर्चित आवाज 
अलका का कहना है कि पहले हमारा फोकस सिर्फ रिकॉर्डिंग पर ही होता था लेकिन अब प्लेबैक सिंगिंग के अलावा म्यूजिक के कई प्लेटफॉर्म है। रिएलिटी शो, लाइव शो, कंसर्ट, एकेडमी समेत कई काम है, मैं जितना उन दिनों बिजी नहीं रहती थी उतना आज रहती हूं वो भी म्यूजिक के काम में ही।  






लता के दौर में बनाई जगह
पिछले 30 सालों से बॉलीवुड में अपनी आवाज का जादू बिखेर रहीं अलका याज्ञनिक उस वक्त इंडस्ट्री में आईं थीं जब लता मंगेशकर और आशा भोसले का दौर था। उस दौरान इन दोनों के आगे कोई टिक नहीं पाया था, एेसे में अलका ने अपना एक अलग मुकाम बनाया और बॉलीवुड में सबसे ज्यादा गाने रिकॉर्ड करने वाली अलका पांचवी सिंगर हैं। वे अब तक 600 से अधिक फिल्मों में 12 हजार से अधिक गाने गा चुकी हैं। 



झूम उठे दर्शक
भोजपुर उत्सव में अलका ने तुम पास आए यू मुस्कुराए..., ऊं नम: शिवाय, हर हर भोले नम: शिवाय..., ओ पालनहारी निर्गुण ओ न्यारे, 'गजब का है दिन, सोचो जरा...'किसी रोज उनसे मुलाकात होगी..., अरे लाल दुपट्टा उड़ गया बेरी हवा के झोंके से...Óजैसे गीतों से माहौल में समां बांध दिया। 



Alka yagnik



प्रदेश के पांच बड़े उत्सव में भोजपुर उत्सव शामिल
संपूर्ण मप्र में संस्कृति विभाग द्वारा 1600 कार्यक्रम होते हैं जिनमें लगभग दो दर्जन बड़े आयोजन होते है। इसमें उज्जैन के कालिदास समारोह, खजुराओ उत्सव, किशोर कुमार स्मृति कार्यक्रम सहित भोजपुर उत्सव प्रदेश के पांच बड़े कार्यक्रमो में शामिल है।

Show More
Juhi Mishra
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned