MP के 450 यात्री कश्मीर और 200 यात्री उत्तराखंड में फंसे

MP के 450 यात्री कश्मीर और 200 यात्री उत्तराखंड में फंसे
amarnath yatra

अमरनाथ और केदारनाथ यात्रा पर गए MP के करीब 650 लोग रास्ते में ही फंस गए हैं। वे परेशान हो रहे हैं। रास्ते में फंसे लोगों ने अपने परिजनों को यह जानकारी दी है। सभी यात्री सुरक्षित हैं।


भोपाल। अमरनाथ और केदारनाथ यात्रा पर गए MP के करीब 650 लोग रास्ते में ही फंस गए हैं। वे परेशान हो रहे हैं। रास्ते में फंसे लोगों ने अपने परिजनों को यह जानकारी दी है। सभी यात्री सुरक्षित हैं।


हाल ही में अमरनाथ यात्रा के लिए भोपाल से 450 यात्रियों का जत्था जम्मू गया था। खबर आ रही है कि शनिवार को वे सभी यात्री बीच रास्ते में फंस गए हैं। तेज बारिश और भूस्खलन के कारण सभी चमोली में रुके हुए हैं। करीब चार से पांच घंटे के बाद ही उन्हें रवाना किया जा पाएगा। जत्थे में कई महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि सभी यात्री सुरक्षित है। बीच रास्ते में फंसे होने के कारण उन्होंने परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

भोपाल से यात्रियों के जत्थे को भेजने वाले ओम शिव शक्ति सेवा मंडल के सचिव रिंकू भटेजा के मुताबिक शनिवार को जम्मू से यात्रियों का जत्था रवाना हुआ है। वह पटनी टॉप से आगे गुजर चुका था। वे सभी सुरक्षित हैं। इसके अलावा उत्तराखंड में बादल फटने के कारण हमारा जत्था फंसा हुआ है। वे भी सुरक्षित हैं। सभी लोग हमारे संपर्क में हैं।

उत्तराखंड में फंसे 200 फंसे
भोपाल से उत्तराखंड पहुंचे 200 से ज्यादा यात्री बादल फटने से वहां फंस गए हैं। वे सभी हरिद्वार का रास्ता बंद होने से ये यात्री पीपलकोठी में ठहरे हुए हैं और सभी सुरक्षित है। सभी 22 जून को भोपाल से रवाना हुए थे। 

एक जुलाई को शुरू हुई यात्रा
बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए शुक्रवार सुबह जम्मू से श्रद्धालुओं का पहला जत्था श्रीनगर के लिए रवाना हुआ था। शाम को इस जत्थे ने श्रीनगर पहुंचकर शनिवार सुबह आगे की यात्रा शुरू की थी। लेकिन, मौसम खराब होने के कारण उनकी यात्रा बीच में ही रोक दी गई है।

मंडराया आतंकी खतराअमरनाथ यात्रा के दौरान आतंकवादी खतरे को देखते हुए वहां सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं। इस बार अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह भी सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं।

मेडिकल सुविधाएं भी उपलब्ध
यात्रा के दौरान जरूरत पड़ने पर यात्रियों को मेडिकल सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। राज्य सरकार और श्राइन बोर्ड की ओर से स्वास्थ संबंधित सुविधाओं का खास ध्यान रखा गया है। पहलगाम में नुनवन बैस कैंप से गुफा तक 19 कैंपस और 19 मेडिकल केंद्र बनाए हैं। यहां हर दो किलोमीटर पर एक मेडिकल सेंटर है। उल्लेखनीय है कि कई यात्रियों को पहाड़ों पर चढ़ने के कारण सांस फूल जाती हैं, कइयों की मौत भी हो जाती है। ऐसे में यह मेडिकल कैंप बेहद मददगार साबित होते हैं।

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