भाजपा सरकार का उप चुनाव पहले बड़ा दांव, सरकारी महकमों में शुरू होगी नियुक्ति प्रक्रिया

रिक्त पदों पर खर्चों का वित्त विभाग कर रहा आंकलन

भोपाल। प्रदेश की भाजपा सरकार सरकारी विभागों में नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रही है। प्रयास है कि उप चुनाव के पहले यह प्रक्रिया शुरू हो जाए। रिक्त पदों पर होने वाले खर्चों के आंकलन की जिम्मेदारी वित्त विभाग को दी गई है। इसको लेकर विभाग ने माथा पच्ची शुरू कर दी है। उप चुनाव के पहले नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने के प्रयास को भाजपा सरकार का यह बड़ा दांव माना जा रहा है।

प्रदेश के विभिन्न विभागों में सैकड़ों पद रिक्त हैं, लेकिन यहां नियमित नियुक्ति के बजाय सरकार ने आउट सोर्स और संविदा नियुक्तियों पर अधिक फोकस किया। स्थिति यह है कि ज्यादा विभागों में इन कर्मचारियों की संख्या है, लेकिन अब सरकार विभागों में रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति की तैयारी में है। इस संबंध में हाल ही में वित्त विभाग ने स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, आदिम जाति कल्याण, गृह विभाग सहित अन्य विभागों के अफसरों के साथ बैठक की। हालांकि यह प्रारंभिक बैठक थी। विभागों से रिक्त पदों की जानकारी मांगी गई है।

यह है सरकार का प्लान -

सरकार चाहती है कि रिक्त पदों पर एमपीपीएससी और पीईबी के जरिए भर्ती की जाए। इसमें सामान्य और आरक्षित सहित सभी वर्गों को मौका दिया जाएगा। वित्त विभाग के आंकलन के बाद नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। सरकार यह भी मानती है कि नियुक्ति प्रक्रिया लम्बी खिंचेगी लेकिन प्रयास यह है कि उप चुनाव के पहले तक रिक्त पदों के लिए आवेदन बुला लिए जाएं। जिससे युवाओं को यह भरोसा हो जाए कि सरकार वास्तव में इसके लिए गंभीर है। इससे युवाओं की नाराजगी दूर होगी, क्योंकि भाजपा के पिछले कार्यकाल में सरकारी कर्मचारियों की रिटायरमेंट एज 60 से 62 वर्ष किए जाने पर रिटायरमेंट की कगार पर खड़े सरकारी कर्मचारी तो खुश हो गए लेकिन युवाओं का बड़ा वर्ग नाराज हो गया क्योंकि रिक्त पदों पर उनकी संभावनाएं समाप्त हो गई थीं। विधानसभा चुनाव में विरोधी वोट से उनकी नाराजगी नजर आई।


इन विभागों में सबसे ज्यादा पद रिक्त -

पंचायत एवं ग्रामीण, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, स्कूल शिक्षा, गृह, नगरीय प्रशासन, सहकारिता, लोक निर्माण, सामाजिक न्याय, खेल एवं युवक कल्याण, कृषि, जल संसाधन।
20 साल से नहीं हुई नियुक्तियां -

राज्य में पिछले 20 साल से सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर नियुक्तियां नहीं हुई हैं। खजाने का बढ़ता बोझ कम करने के लिए दिग्विजय सिंह कार्यकाल में नियुक्तियों के बजाय 30 प्रतिशत पदों पर कटौती कर दी थी। इससे रिक्त पदों पर नियुक्ति की संभावना लगभग समाप्त हो गई। इसके बाद भाजपा का 15 साल कार्यकाल रहा, लेकिन इस दौरान भी सरकारी विभागों में नियुक्तियों के द्वार नहीं खोले गए। परिणाम स्वरूप बेरोजगार युवओं की बड़ी फोज तैयार हो गई। चुनाव के दौरान युवाओं में नाराजगी भी दिखी।


कमलनाथ सरकार ने शुरू किए थे प्रयास -

रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए कमलनाथ सरकार ने प्रयास किए थे। दावा किया गया था कि एक लाख पदों पर नियुक्तियां होंगी। नियुक्तियां शुरू होती इसके पहले ही कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई और सत्ता परिवर्तन हो गया।

दीपेश अवस्थी Reporting
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