चुनाव में डटी मंत्रियों की फौज, विभागों के काम सुस्त

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- दो दर्जन मंत्रियों की चुनाव संबंधित कामों में ड्यूटी, उनके विभागों में काम लगभग ठप
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भोपाल। प्रदेश में तीन विधानसभा और एक लोकसभा सीट पर उपचुनाव में मंत्रियों की फौज उतार दी गई है। इससे करीब दो दर्जन मंत्री चुनावी कामों में लगे हैं, जबकि उनके विभागों का कामकाज लगभग ठप हो गया है। इससे मंत्रालय में भी अधिकतर अधिकारी अब मीटिंग के नाम पर गायब हो जाते हैं। कुल मिलाकर विभागों में महज जरूरी कामकाज ही हो रहा है। चुनाव में 15 मंत्रियों की सीधे तौर पर तैनाती की गई है। इनमें 14 मंत्री विधानसभावार तैनात किए गए हैं, जबकि नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह को चुनाव प्रबंध की कमान दी गई है। चुनाव प्रबंधन के लिए भोपाल में रहने से भूपेंद्र जरूर विभागीय कामों को भी समय दे रहे हंै, लेकिन बाकी मंत्रियों के लिए दुष्कर स्थिति हो गई है। बाकी 14 मंत्रियों के विभाग को काम सुस्त हो गया है।
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14 मंत्रियों को सीधी जिम्मेदारी-
खंडवा लोकसभा सीट पर विधानसभावार मंत्रियों को तैनात किया गया है। इसमें नेपानगर में जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, बुरहानपुर में स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, मांधाता में वन मंत्री विजय शाह, खंडवा विधानसभा में कृषि मंत्री कमल पटेल, पंधाना में उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव, बागली में संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर, भीकनगांव व बड़वाह में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा को तैनात किया गया है। वहीं विधानसभा उपचुनाव में पृथ्वीपुर विधानसभा में सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया व उद्यानिकी मंत्री भारत सिंह कुशवाह, रैगांव सीट पर अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण रामखिलावन पटेल, खाद्य मंत्री बिसाहूलाल सिंह व खनिज मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह और जोबट विधानसभा चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग व पशुपालन मंत्री प्रेमसिंह पटेल को लगाया गया है।
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दूसरे मंत्री भी चुनावी मोड में-
14 मंत्रियों को सीधे विधानसभावार सीटों पर तैनात किया गया है। इनके अलावा दूसरे कुछ मंत्रियों को भी अप्रत्यक्ष रूप से चुनावी मोड में लगा दिया गया है। ऐसे मंत्रियों को विभाग के स्तर पर अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई है। मसलन, लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव, ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्र सिंह तोमर सहित अन्य को चुनावी इलाकों की समस्याओं को प्राथमिकता से निपटाना है। इन्हें भी अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं। वहीं नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह को चुनाव प्रबंधन की कमान दी गई है। इस कारण उनकी व्यस्तता चुनाव प्रबंधन में बढ़ी है। हालांकि भोपाल में बैठने के कारण विभागीय बैठकों को भी मंत्री ने जारी रखा है, लेकिन दूसरे मंत्री भोपाल से बाहर जाने के कारण विभागीय कामों को नहीं निपटा पा रहे हैं।
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अफसरशाही भी सुस्ती के मोड़ में -
राज्य स्तर पर विभागों में अफसरशाही भी सुस्ती के मोड में आ गई हैै। सीएम शिवराज सिंह चौहान और विभागीय मंत्रियों के स्तर पर जो काम दिए जा रहे हैं, उनके अलावा बाकी काम सुस्त हो गए हैं। केवल रूटीन बैठकें व रूटीन फाइलों के ही काम हो रहे हैं। खास तौर पर चुनावी कामों में व्यस्त मंत्रियों के विभागों में यह स्थिति है।
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जीतेन्द्र चौरसिया Reporting
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