प्रोटोकॉल में मनमानी पर सख्त हुई विधानसभा, कार्रवाई के निर्देश

तीस से अधिक मामले सरकार को भेजे गए, ज्यादातर फाइलों में कैद

भोपाल। अफसरों की मनमानी और प्रोटोकॉल उल्लंघन के मामले में विधानसभा सख्त हुई है। ऐसा इसलिए है क्योंकि बार-बार प्रोटोकॉल उल्लंघन और शिकायत के बाद भी सरकार की ओर से कोई कार्यवाहीं नहीं हो रही है। शिकायती पत्र फाइलों में ही कैद हैं। अब विधानसभा ने सरकार से कहा है कि इन मामलों पर कार्यवाही की जाए। जिम्मेदारी भी तय हो।

प्रोटोकॉल उल्लंघन के 30 से अधिक मामले लंबित हैं। चूंकि सभी मामलों में कहीं न कहीं राज्य सरकार के अधिकारी-कर्मचारी जिम्मेदार हैं। प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने पर विधायकों ने इन्हें ही दोषी माना है, इसलिए विधानसभा ने सभी मामलों पर कार्यवाही के लिए राज्य सरकार को कहा है। समय-समय पर इस मामले में पत्र व्यवहार भी होता रहा है, लेकिन सरकार की ओर से कार्यवाही नहीं होने के कारण विधानसभा ने सख्ती दिखाई है। हाल ही में हुई सदस्य सुविधा समिति की बैठक के दौरान भी ये मामला चर्चा में आया था। इस दौरान सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने निर्देश दिया है कि इन मामलों पर कार्यवाही की जाए।

ऐसे हैं मामले -
प्रोटोकाल उल्लंघन के मामलों में ज्यादातर सरकारी कार्यक्रमों में विधायकों को आमंत्रित न किए जाने, कार्यक्रम के दौरान प्रोटोकॉल का पालन न किया जाना, सरकारी कार्यक्रमों में मंच पर उचित स्थान न मिलना, क्षेत्र में भ्रमण के दौरान अफसरों द्वारा असहयोग करना, सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा अभद्रता करना इत्यादि शामिल हैं।

दीपेश अवस्थी
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned