अपर आयुक्त की जांच साहयक इंजीनियरों को सौंपी

Deepesh Tiwari

Publish: Dec, 08 2017 10:48:21 (IST)

bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India
अपर आयुक्त की जांच साहयक इंजीनियरों को सौंपी

नगर निगम का एक और कारनामा, पत्रिका ने इस खेल का खुलासा 17 नवंबर को किया था।

भोपाल. अधूरे प्रोजेक्ट को पूर्णता प्रमाणपत्र देकर रियल एस्टेट रेग्युलरेटी अथॉरिटी (रेरा) के दायरे से बाहर करने के खेल की जांच करने नगर निगम ने गुरुवार को समिति का गठन कर दिया। ये समिति जोन क्रमांक 18 व 19 में 2016-17 में कॉलोनाइजर द्वारा बनाए गए आवासों-आवासीय ईकाई के संबंध में जारी कार्यपूर्णता प्रमाण-पत्र की जांच करेगी। इस जांच की सबसे मजेदार बात है कि अपर आयुक्त की जांच साहयक इंजीनियरों को सौंपी गई है। वहीं समिति में शामिल किए जाने का एमआईसी कृष्णमोहन सोनी और गिरीष शर्मा ने भी विरोध जताया है।

गौरतलब है कि पत्रिका ने इस खेल का खुलासा 17 नवंबर को किया था। इसमें एक ही दिन यानी 28 अप्रैल को 45 कार्यपूर्णता प्रमाणपत्र जारी करने का खुलासा भी किया था। इसके बाद इस मामले को पार्षद गिरीश शर्मा ने नगर निगम परिषद की बैठक में उठाया, जिसके बाद महापौर आलोक शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को कार्यमुक्त कर दस दिन में दो जोन के कार्यपूर्णता पत्रों की जांच के आदेश दिए। इसपर ही ये समिति गठित हुई है। निगमायुक्त को जांच अधिकारी तय किया गया है।

 

ये करेंगे जांच
जोन क्रमांक 18 के आवासों-आवासीय इकाइयों की जांच के लिए एमआईसी कृष्णमोहन सोनी, सहायक यंत्री ओपी गुप्ता, सहायक यंत्री एचएस फुलरे को सदस्य बनाया गया है।
जोन क्रमांक 19 के आवासों-आवासीय इकाइयों की जांच के लिए वार्ड ६७ के पार्षद गिरीश शर्मा, सहायक यंत्री अवधेश दुबे, सहायक यंत्री अजय मालवीय, सहायक यंत्री केसी गुप्ता, सहायक यंत्री राकेश गुप्ता को सदस्य बनाया गया है।
नोट- दोनों जोन में जांच के लिए दस दिन का समय तय है। जांच निगमायुक्त के निर्देशन में होगी।

 

प्रदीप जैन निगम से मुक्त, रेरा में भेजा

अपर आयुक्त प्रदीप जैन को नगर निगम की सेवाओं से मुक्त कर दिया है। उन्हें अस्थायी तौर पर रियल एस्टेट रेग्युलरेटी अथॉरिटी में प्रशासनिक अधिकारी बनाया गया है। अब तक वे निगम के साथ ही रेरा में भी जिम्मेदारी संभाल रहे थे। हाल की परिषद बैठक में महापौर आलोक शर्मा ने दो जगह काम करने पर आपत्ति दर्ज कराई थी, जिसके बाद गुरुवार को शासन से इसके निर्देश जारी हो गए।

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