बिना आधार नहीं होगा अतिथि शिक्षकों का सत्यापन!

अभ्यर्थी अपने आवेदन के वेरिफिकेशन होने की पुष्टि कर सकता है। इसके लिए आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करना होगा।

By: दीपेश तिवारी

Published: 11 Nov 2017, 03:54 PM IST

भोपाल। इस बार अतिथि शिक्षक को सत्यापन के लिए आधार कार्ड बेहद जरूरी हो गया है। इसके बिना अपके चयन में समस्याएं खड़ी हो सकतीं है। सूत्रों के मुताबिक मध्यप्रदेश सरकार के लिए इन दिनों अतिथि शिक्षक परेशानी का विषय बने हुए है। सरकारी विद्यालयों में अध्यापकों के रिक्त पदों पर अस्थाई नियुक्ति के तौर पर योग्य अभ्यर्थियों को शिक्षण के लिए लगाया गया था। जिन्हें इस बार हटा दिया गया। वहीं इनके विरोध के बाद सरकार को झुकना पड़ा।

दरअसल सत्यापन से पहले मोबाइल नंबर के साथ आधार कार्ड का जोड़ना बेहद जरुरी है। क्योंकि सत्यापन के दौरान चयनित को अपना मोबाइल नंबर भी देना होगा। वहीं इसमें किसी भी प्रकार धोखेबाजी या अन्य किसी के आधार नंबर प्रविष्ट करने की स्थिति में दंड का नियम हैं।

वहीं राज्य सरकार ने अतिथि शिक्षकों को संविदा अध्यापकों की भर्ती में 9 वर्ष की छूट का प्रावधान किया है। 9 वर्ष की छूट के लिए अभ्यर्थी के पास 3 शैक्षणिक सत्र का अनुभव होना जरुरी है। जिसमें कम से कम 200 दिन की उपस्थिति दर्ज हो।

4000 से ज्यादा आवेदन खारिज :
अब तक अतिथि शिक्षक के लिए शुरू ऑनलाइन पोर्टल पर कुल आवेदन 2 लाख से ऊपर है जिनमें से वेरिफिकेशन के बाद 4019 को रिजेक्ट कर दिया गया है। जिले के अनुसार प्राप्त आवेदनों पर विचार कर जल्द ही इन्हें विद्यालयों में नियुक्ति के लिए भेजा जायेगा।

अभ्यर्थी अपने आवेदन के वेरिफिकेशन होने की पुष्टि कर सकता है। इसके लिए आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करना होगा। जिसके बाद आपकी प्रोफाइल पर पूरा डेटा दिखाई देगा। इस बार 23 अक्टूबर तक सत्यापन किया गया था। जिसके बाद जिलेवार सूची डाल दी गई हैं। इनमें से प्राथमिकता के आधार पर सरकारी विद्यालयों में नियुक्ति की प्रक्रिया जारी की जाएगी।

राज्य सरकार विधानसभा चुनाव को लेकर भी गंभीर नजर आ रही है। वो हर संभव सभी वर्गों को खुश रखने में हैं। कर्मचारी संगठन आंदोलन के जरिये अपनी बात मनवाने में लगे है। ऐसे में संविदा शिक्षकों में 25 प्रतिशत आरक्षण को हरी झंडी दी गई। जिन अतिथि शिक्षकों को लम्बे समय से वेतन नहीं मिला था उनका भी निस्तारण किया जा रहा है।

इधर, संविदा शिक्षकों के लिए ये है खास:
शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए आखिरकार एक अच्छी खबर आई है। इसके अनुसार MP में अगले साल फरवरी में 32 हजार संविदा शिक्षकों की भर्ती होगी। वहीं अतिथि शिक्षकों की आयु सीमा में छूट और 25 फीसदी आरक्षण से जुड़े नियम आगामी तीन महीने में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की नियमावली में जुड़ जाएंगे। इसके बाद भर्ती की अधिसूचना जारी होगी।

इस सत्र से पढ़ाएंगे टीचर...
अफसरों के अनुसार पहला ड्राफ्ट प्रकाशन के लिए भेज दिया गया है। प्रकाशन के बाद एक महीना इस पर सुनवाई होगी। उसके बाद अंतिम प्रकाशन होगा। पूरी प्रक्रिया में दो-तीन महीने लगेंगे। अगले साल फरवरी में भर्ती की अधिसूचना जारी हो जाएगी।

इससे पहले पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने आखिरी बार वर्ष 2011 में संविदा शिक्षकों की भर्ती की थी। तब करीब 40 हजार पद भरे गए थे। नियमानुसार भर्ती हर तीन साल में होना थी, लेकिन सरकार ने वर्ष 2011 के बाद से इस ओर ध्यान नहीं दिया। इस बीच कई डीएड-बीएड प्रशिक्षित युवा ओवर एज हो गए।

दीपेश तिवारी
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