ISI जासूसी कांड में बड़ा खुलासा, भाजपा के बाद अब विहिप से भी कनेक्शन

 ISI के लिए जासूसी करने के मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। जासूसी कांड में एटीएस की गिरफ्त में आए सतना के बलराम सिंह का विश्व हिन्दू परिषद से कनेक्शन सामने आया है।

By: Manish Gite

Published: 14 Feb 2017, 03:43 PM IST


भोपाल। ISI के लिए जासूसी करने के मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। जासूसी कांड में एटीएस की गिरफ्त में आए सतना के बलराम सिंह का विश्व हिन्दू परिषद से कनेक्शन सामने आया है। उसने फरवरी 2015 में विराट हिन्दू सम्मेलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी।

यह सम्मेलन विश्व हिन्दू परिषद स्वर्ण जयंती महोत्सव समिति की ओर से सतना में आयोजित किया गया था। विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया समेत कई स्थानीय लोगों के साथ उसकी तस्वीर सामने आई है। इन तस्वीरों के सामने आने के बाद ऐसा माना जा रहा है कि इस जासूसी कांड के तार कहीं न कहीं भाजपा और संघ के बड़े नेताओं से तो नहीं जुड़े हैं।

सवाल उठना लाजमी है क्योंकि इसी मामले में भोपाल से गिरफ्तार भारतीय जनता युवा मोर्चा के तथाकथित जिला संयोजक ध्रुव सक्सेना के भी भाजपा के बड़े नेताओं से संबंध उजागर हो चुकी है। ध्रुव की बैठ प्रदेश भाजपा की पहली पंक्ति के नेताओं तक थी और वह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत कई बड़े नेताओं के साथ भी मंच साझा कर चुका था।

आईएसआई जासूसी कांड के बाद वायरल हुई ध्रुव की तस्वीरों ने मध्यप्रदेश की सियासत में भूचाल ला दिया था। हालांकि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंद कुमार सिंह चौहान ने दो टूक शब्दों में कहा था कि किसी के साथ फोटो खिचवा लेने से कोई आतंकवादी नहीं हो जाता और ध्रुव सक्सेना के साथ भाजपा का कोई लेना देना नहीं है। पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी भाजपा के इस जवाब से संतुष्ट नहीं है। सवाल अब भी उठ रहे हैं कि आईएसआई से ताल्लुक रखने वाले मध्यप्रदेश के जासूसों के आखिर राजनीतिक संबंध कैसे बने।

कोर्ट में पेश किया गया
आईएसआई जासूसी मामले में एटीएस ने सतना के बलराम सिंह, भोपाल के ध्रुव सक्सेना, मनीष गांधी और मोहित अग्रवाल को मंगलवार को भोपाल की अदालत ने पेश किया। जहां एटीएस ने 18 फरवरी तक रिमांड की मांग की।




(यह है सतना का बलराम सिंह)
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