कातिलों ने मिटा दिए सबूत, बुआ ने कहा, कुछ भी कर लें जेल भेजकर ही दम लूंगी

कातिलों ने मिटा दिए सबूत, बुआ ने कहा, कुछ भी कर लें जेल भेजकर ही दम लूंगी

sanjana kumar | Publish: Oct, 12 2017 05:01:16 PM (IST) Bhopal, Madhya Pradesh, India

पुलिस चाहे कितने रोड़े लगाए। पकड़े गए आरोपियों को हल्की धारा लगाकर थाने से छोड़ दे, लेकिन जब तक गुनहगार सलाखों के पीछे नहीं पहुंच जाएंगे हारूंंगी नहीं

 

भोपाल। भतीजा अविनाश आज इस दुनिया में नहीं है, लेकिन मैं उसके एक-एक गुनहगार को सजा दिलाकर ही रहूंगी। पुलिस चाहे कितने रोड़े लगाए। पकड़े गए आरोपियों को हल्की धारा लगाकर थाने से छोड़ दे, लेकिन जब तक गुनहगार सलाखों के पीछे नहीं पहुंच जाएंगे, मैं हार नहीं मानूंगी। उन्हें सजा दिलाकर ही दम लूंगी। ये कहना है मृतक अविनाश की बुआ का। बात करते-करते उनकी आंखों में आंसू आ गए। बात करने के बाद वो उठीं और चल दी अपने लक्ष्य की तरफ...

10 दिन में भी अब्दुल का कॉल रिकॉर्ड नहीं निकाला

सरिता का आरोप है कि पुलिस ने घटना के वक्तकार चलाने के आरोप में अब्दुल वारिस को गिरफ्तार किया है। पुलिस घटना के १० दिन बीतने के बाद भी अब्दुल की कॉल रिकॉर्ड नहीं निकाल रही, ये पता नहीं लगा सकी कि उसकी लोकेशन उस वक्तकहां थी।

सरिता की लड़ाई से बढ़ी आरोपियों की संख्या

सरिता पुलिस पर कार तलाशने का दबाव बनाती रही, लेकिन पुलिस जानते हुए भी कार जब्त नहीं कर सकी। बाद में सरिता ने कार की बैकलाइट के कोड नंबर से कार की तलाश की। फिर पुलिस ने बताया कि कार चालक अब्दुल फरार है, वह नहीं मिल रहा है। तीन दिन पहले सरिता पूर्व सांसद के बंगले में अब्दुल को पकड़ा। इसके बाद सूचना देकर पुलिस को बुलाया, जहां उनके साथ पुलिस ने अभद्रता की।

सबूत मिटाने वाला पूर्व सांसद का बेटा चंद मिनटों में छूटा

जिस कार से अविनाश का एक्सीडेंट हुआ था वह कार विनीता आजम के नाम से रजिस्टर्ड है। विनीता आजम पूर्व सांसद गुफराने आजम की पत्नी हैं। हादसे के बाद सबूत नष्ट करने के चलते पुलिस ने आजम के बेटे फरहान आजम को आईपीसी की धारा २०१ का आरोपी बनाया था। सोमवार को पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी की और थाने से ही जमानत दे दी गई। सरिता का कहना कि आरोपियों से पुलिस साठगांठ कर रखी है। यही वजह कि उनके खिलाफ कमजोर धाराएं लग रही हैं। इससे पहले कार चालक अब्दुल को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।

&आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की है। सरिता के आरोप निराधार हैं। महेन्द्र सिंह चौहान, टीआई

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