आयुष्मान योजना में 241 पैकेज हुए ओपन फॉर ऑल, एक ही जगह मिलेगा पूरा इलाज

स्टेट हेल्थ एजेंसी ने समीक्षा के बाद किए कई बदलाव

By: praveen shrivastava

Updated: 06 Jan 2020, 01:30 AM IST

भोपाल. कमजोर वर्ग के परिवारों को पांच लाख रुपए तक के निशुल्क इलाज के लिए संचालित आयुष्मान भारत योजना एक साल पूरा होने के बाद स्टेट हेल्थ एजेंसी ने इसमें नागरिकों के हित में कुछ बदलाव किए हैं। योजना में कुछ ऐसे नियम थे, जिनकी वजह से मरीजों को अस्पतालों में आधा-अधूरा इलाज मिल पाता था। जैसे सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के सिर का इलाज तो निजी अस्पतालों में आयुष्मान के पैकेज से हो जाता है, लेकिन हड्डी (ऑर्थोपेडिक) का इलाज सिर्फ सरकारी अस्पतालों में ही मिलता है। स्टेट हेल्थ एजेंसी ने सभी 1400 पैकेज की समीक्षा की और सरकारी अस्पतालों के लिए आरक्षित 241 पैकेज को ओपन फॉर ऑल कर दिया है। अब इन पैकेज से मरीज अपनी स्वेछा से निजी और सरकारी दोनों जगह इलाज करा सकेंगे। पहले आयुष्मान योजना से ब्रेस्ट केंसर की सर्जरी निजी में हो जाती थी लेकिन कीमोथैरेपी सिर्फ सरकारी अस्पतालों में कराने पर ही आयुष्मान का लाभ मिलता था। इसी प्रकार जले हुए मरीजों के मामलों में 40 फीसदी से कम जले हुए मरीजों को ही निजी अस्पतालों में आयुष्मान से लाभ मिल पाता था। अब इन पैकेज को ओपन कर दिया गया है। इससे एक ही जगह वे पूरा इलाज करा सकेंगे।

यह भी हुए बदलाव
हार्ट अटैक का मेडिकल मैनेजमेंट यानी एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी के पहले होने वाली जांचों और दवाओं का लाभ सिर्फ सरकारी अस्पतालों में ही मिलता था। ऐसे ही मेडिकल ऑन्कोलॉजी में ब्लड केंसर, रेटिनोपैथी ऑफ प्रीमेच्योर बेबी (आरओपी) की लेजर थैरेपी सहित ईएनटी के लगभग 46 पैकेज को अब ओपन कर दिया गया है। डेंगू के इलाज को भी अब ओपन कैटेगरी में शामिल किया गया है।

231 पैकेज अभी भी सरकारी अस्पतालों के लिए आरक्षित
आयुष्मान भारत योजना में कुल 1400 पैकेज से इलाज मिलता है। इनमें पहले सरकारी अस्पतालों के लिए 472 पैकेज रिजर्व थे। अब 241 पैकेज को ओपन फॉर ऑल कर दिया गया है। 231 पैकेज अभी भी सरकारी अस्पतालों के लिए आरक्षित हैं।

समीक्षा के दौरान मरीजों की परेशानियों को देखते हुए कुछ पैकेज को ओपन कैटेगरी में शामिल किया गया है। इससे मरीज अपनी सुविधा के अनुसार इम्पैनल्ड हॉस्पिटल में ट्रीटमेंट करा सकेंगे।
- जे. विजयकुमार, सीईओ, आयुष्मान भारत

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