छात्रा से गंदा काम करने वाले प्रिंसिपल को 10 साल की कैद

अदालत ने सुनाया फैसला

भोपाल। कक्षा 12वीं की छात्रा से ज्यादती करने वाले ज्ञानज्योति हायर सेकेन्ड्री स्कूल के प्रिंसिपल शशिकांत विश्वकर्मा को अदालत ने 10 साल के सश्रम कारावास- 10 हजार रूपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

विशेष सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कुमुदनी पटेल ने यह फैसला सुनाया है। शशिकांंत विश्वकर्मा ने स्कूल में पढने वाली 16 वर्षीय छात्रा को घर ले जाकर दो बार ज्यादती की थी।

मामला मिसरोद थाने का है। सरकारी वकील मनीषा पटेल ने बताया कि ज्यादती के बाद छात्रा ने स्कूल जाना बंद कर दिया था। कारण पूछने पर छात्रा ने माता-पिता को बताया था कि 14 मार्च 2017 को स्कूल में ही पिकनिक का कार्यक्रम था।

स्कूल के प्रिंसीपल शशिकांत विश्वकर्मा ने बाजार से सामान लाने के बहाने छात्रा को समरधा स्थित घर ले जाकर ज्यादती की थी। घटना के बाद छात्रा ने माता-पिता के साथ थाने जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

इसके बाद मामला अदालत में पेश किया। अदालत ने सभी पक्षों की सुनवाई की। उसके बाद मंगलवार को अपना फैसला सुना दिया। अब प्रिंसिपल को 10 साल तक जेल में चक्की पीसना होगी।

इधर, मासूम के साथ ज्यादती: शेष जीवन काल तक कैद की सजा

वहीं एक अन्य मामले में घर में घुसकर 9 वर्षीय मासूम के साथ ज्यादती करने वाले मोनू जाटव को अदालत ने शेष जीवन काल तक कैद की सजा सुनाई है। विशेष सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट वंदना जैन ने यह फैसला सुनाया है।

मामला बैरागढ थाने का है। सरकारी वकील विक्रम सिंह ने बताया कि बैरागढ राहुलनगर स्थित घर में 9 अप्रैल 2018 को 9 वर्षीय मासूम अकेली थी। शाम करीब 5 बजे पडोस में रहने वाले मोनू जाटव ने घर में घुसकर मासूम से ज्यादती की थी। मजदूरी से वापस लौटने पर मां को मासूम ने घटना के बारे में बताया था। इसके बाद थाने जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसके बाद मामला अदालत में पेश किया। अदालत ने सभी पक्षों की सुनवाई की। उसके बाद मंगलवार को अपना फैसला सुना दिया।

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सुनील मिश्रा
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