पॉजिटिव केस में बागसेवनियां टॉप पांच में, होशंगाबाद रोड की कॉलोनियों के लिए अलार्म, जाटखेड़ी तक पहुंचा कारोना

- अशोका गार्डन को पीछे कर आया टॉप फाइव में, नंबर वन पर जहांगीराबाद, दूसरे नंबर पर मंगलवारा, तीसरे पर ऐशबाग, चौथे पर कोहेफिजा

भोपाल. राजधानी में लगातार बढ़ रहे लोगों के मूवमेंट का असर ये है कि जो वार्ड और थाने ग्रीन और सेफ माने जाते थे उनमें संक्रमण बढ़ता जा रहा है। शहर में बागसेवनियां अब टॉप फाइव थानों की सूची में शामिल हो गया है। यहां पर एक्टिव मरीजों की संख्या 19 पहुंच गई है। अभी तक टॉप फाइव में अशोका गार्डन शामिल था। पिछले 48 घंटे में ये बदलाव हुआ है। इसका असर होशंगाबाद रोड की कॉलोनियों पर पड़ेगा, ये उनके लिए अलार्म है। क्योंकि अभी तक ये एरिया सेफ जोन ग्रीन में आता था। तीन दिन पहले जाटखेड़ी में भी तीन मरीज सामने आ चुके हैं। ऐसे में इस जोन को सेक्टर मानते हुए खोलने में क्या-क्या सावधानियां बरतनी होंगी इस पर प्रशासन को गंभीरता से विचार करना होगा।

कोरोना पॉजिटिव को लेकर भोपाल देश के ग्यारह शहरों में शामिल हो चुका है जहां मरीजों का आंकड़ा एक हजार पार कर चुका है। अच्छी बात ये है कि यहां से ठीक होकर जाने वालों का आंकड़ा पांच सौ से ज्यादा पहुंच गया है। 15 मई को जारी हुई सूची में शहर का मॉस्ट हॉटस्पॉट जहांगीराबाद क्षेत्र संक्रमण के मामने में नंबर एक पर बना है, यहां मरीजों का आंकड़ा 260 को पार कर गया। इसके बाद नंबर मंगलवारा, ऐशबाग, कोहेफिजा और पांचवा नंबर बोगसेवनियां का है। अभी तक यहां अशोकागार्डन का नंबर आता था, अब इसका नंबर छह पर पहुंच गया है। ओल्ड सुभाष नगर में मरीज आने से ये क्षेत्र भी अब ऑरेंज में पहुंच गया है। अगर इसी तरह से मरीज सामने आते रहे तो एक दिन बचे हुए ग्रीन जोन भी ऑरेंज और रेड हो जाएंगे।

सिटी भोपाल में सबसे ज्यादा मौतें

अब तक कोरोना संक्रमण से जितनी मौत हुईं हैं उसमें सबसे ज्यादा 26 मौतें सिटी भोपाल सर्किल से हुईं हैं। इसके बाद बैरागढ़ सर्किल और कोलार, टीटी नगर और गोविंदपुरा का नंबर आता है। सिटी में गैस पीडि़तों की संख्या ज्यादा रहने से भी ये स्थिति बनी है। यहां ज्यादा मौत हुई और कई कोरोना संक्रमित खतरे में हैं।

सीनियर सिटीजन की विशेष स्क्रीनिंग
कोरोना संक्रमण को लेकर शहर के बुजुर्गों और गैस पीडि़त करीब 800 बुजुर्गों के संबंध में कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने अपील की है कि सीनियर सिटीजन और मेडिकल हिस्ट्री वाले बुजुर्गो को यदि कोई भी बीमारी के लक्षण दिखाई देें। जैसे सर्दी, खांसी, बुखार या अन्य समस्या है जो पिछले 1 महीने में हुई है तो इसके संबंध में तुरंत ही संबंधित हॉस्पिटल में जाकर इसकी जांच कराएं। भोपाल में गैस पीडि़त लोग काफी हैं और इनकी कहीं ना कहीं कोई ना कोई मेडिकल हिस्ट्री रही है।

प्रवेंद्र तोमर Reporting
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