Children’s Day: बाल प्रतिभाओं ने किया परिवार और शहर का नाम देश भर में रोशन

खेल, नृत्य, गायन,अभिनय सहित वादन के क्षेत्र में शहर की बाल प्रतिभाओं ने देश भर में अपना झंडा गाड़ दिया है।

By: दीपेश तिवारी

Published: 14 Nov 2017, 09:58 AM IST

भोपाल। अपने टैलेंट के चलते नई पीढ़ी के बच्चे अब बड़ों को भी पीछे छोड़ रहे हैं। बहुत कम उम्र में ही ये बच्चे ऐसी उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं, जिसकी कल्पना तक नहीं की जा सकती। खेल, नृत्य, गायन,अभिनय सहित वादन के क्षेत्र में शहर की बाल प्रतिभाओं ने देश भर में अपना झंडा गाड़ दिया है।

इस बाल दिवस के मौके पर हम कुछ ऐसी ही बाल प्रतिभाओं(Bal Divas 2017 Story Childrens Day Celebration in India) के बारे में आपको बता रहे हैं, जिन्होंने अपनी कला के माध्यम से अपने परिवार और शहर का नाम देश भर में रोशन किया। सही मायने में इन बच्चों ने वहीं कर दिखाया है जैसा की देश के पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू चाहते थे। प्रतिभाओं ने अपने 'चाचा नेहरू' के सपनों को साकार किया है।

राष्ट्रीय नृत्य प्रतियोगिता में पहला स्थान :
अवधपुरी की 11 वर्षीय जिया कालरा ने पुणे में आयोजित होने वाली ग्लोबल हारमनी राष्ट्रीय नृत्य प्रतियोगिता(Bal Divas 2017 Story Childrens Day Celebration) में पहला स्थान हासिल किया है। अगस्त में हुई इस प्रतियोगिता में देश भर के चाइल्ड डांसर ने भाग लिया था। जिया कलरा का कहना है कि उसे डांस Happy Childrens Day Imagesकरने की प्रेरणा खुद से मिली।
वहीं जब घर के सदस्यों को इसके संबंध में बताया तो वे आश्चर्य करने लगे। घर में कोई भी क्रिएटिव फिल्ड से नहीं था। उनके अनुसार उन्होंने पहले डांस की तकनीकी को देखा,समझा और खुद सीखा। इसके लिए उन्होंने पारंपरिक नृत्य पर भी काफी ध्यान दिया और घर पर ही प्रेक्टिस की। जिया स्कूल और राज्य स्तरीय नृत्य प्रतियोगिताओं में भी परफार्म कर पहला स्थान हासिल कर चुकी हैं। वे इन दिनों डांस की कोचिंग कर रहीं हैं।

जीते गोल्ड और सिल्वर :
कराटे में अब तक तीन बार नेशनल खेल चुके 13 वर्षीय अमन कौर ने प्रतियोगिता में गोल्ड और सिल्वर मैडल जीते हैं। अमन के मुताबिक उन्हें पिताजी से कराटे खेलने की प्रेरणा मिली। अमन का कहना है कि वे हॉकी खेलते थे। वे चाहते थे कि मैं हॉकी में अपना कॅरियर बनाऊं, लेकिन मेरी रुचि केवल कराटे में थी।

बचपन से ही मैंने गेम की प्रैक्टिस शुरू कर दी थी। शुरुआत में यह गेम नीरस लगा, लेकिन समय के साथ यह नीरसता Happy Childrens Day Photos भी दूर हो गई। कराटे परिश्रम के साथ धैर्य की मांग करता है। इस खेल की बारीकी मैंने अपने पिता से सीखी। हर खेल एक दूसरे से जुड़ा हुआ होता है। कराटे खेलने के लिए मैं रोजाना 5 घंटे की प्रैक्टिस करता हूं।

चाचा नेहरू का जन्म दिन
देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के जन्मदिन यानि 14 नवंबर को बाल दिवस(Happy Bal Diwas) के रूप में मनाया जाता है। पंडित नेहरू को बच्चों से बहुत प्यार था और बच्चे उन्हें चाचा नेहरू कह कर पुकारते थे। बाल दिवस बधाों को समर्पित भारत का एक राष्ट्रीय त्योहार है।

ये स्‍पीच(Children’s Day Speech) देकर बच्चों तक पहुंचाएं पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू का संदेश :-
संयुक्त राष्ट्र की सभा में अधिकारिक रुप से 20 नवंबर को बाल दिवस मनाने की घोषणा की थी। वहीं भारत में देश के पहले प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर यानि 14 नवंबर को बाल दिवस के रुप में मनाया जाता है।

पंडित जवाहरलाल नेहरु के जन्मदिन को बाल दिवस(Childrens Day 2017)के रुप में इसलिए चुना गया, क्योंकि नेहरु जी का बच्चों के प्रति विशेष स्नेह था। नेहरु जी बच्चों को देश के भविष्य की तरह देखते थे। नेहरु जी अपना अधिकतम Happy Childrens Day Quotesसमय बच्चों के साथ बिताना पसंद करते थे, वो हमेशा बच्चों के प्रति अपना लगाव जाहिर करते थे और चाहते थे देश को कामयाबीHappy Childrens Day Messages की राह तक देश के ये बच्चे ही पहुंचाए और इस देश को विकसित बनाए।
भारत के आजाद होने के बाद उन्होंने योजना आयोग का गठन किया, जिसके बाद पंचवर्षीय योजनाओं का शुभारंभ किया, जिससे भारत में उद्योग का एक नया युग शुरु हुआ।

नेहरु ने भारत की विदेश नीति में भी प्रमुख भूमिका निभाई। आज भारत के बच्चे हर क्षेत्र में अपने देश का नाम रौशन कर रहे हैं और दुनिया के सामने उदाहरण रख रहे हैं कि कला, विज्ञान, अध्यात्म किसी भी क्षेत्र में भारत किसी से भी कम नहीं है। भारत देश के बच्चों के लिए इसी तरह का सपना चाचा नेहरु ने देखा था।

पंडित जवाहरलाल नेहरु ने इस देश को विकसित देश बनाने के लिए बाल शिक्षा, कल्याण, अधिकारों और सम्पूर्ण सुधार का सपना देखा था और उसे पूर्ण करने के लिए हमेशा उत्साहित रहते थे और अपने काम को गर्मजोशी से करना पसंद करते थे। वह हमेशा बच्चों को कठिन परिश्रम और बहादुरी के कार्य करने के लिए प्ररित करते थे। बच्चों को उनके बचपन के अधिकार प्राप्त हो सकें इसके लिए उन्होनें बच्चों Childrens Day HD Wallpaperके स्वास्थ के लिए परिश्रम किया। बच्चों से स्वार्थहित प्रेम के कारण उन्हें चाचा नेहरु का नाम दिया गया।

1964 में उनकी मृत्यु के बाद उनके जन्मदिन को पूरे भारत में बाल दिवस 14 नवंबर को मनाया जाने लगा। नका मानना था कि बचपन Happy Childrens Day Messagesजीवन का सबसे अच्छा समय होता है ये हमेशा खुशियों और स्वास्थय से भरा होना चाहिए जिससे वो हमेशा अपने देश का नेतृत्व करने के लिए तैयार रहें और देश का नाम हमेशा ऊंचा करें।

दीपेश तिवारी
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