scriptBan on bathing in Narmada | नर्मदा में स्नान पर पाबंदी, अन्य नदियों में भी नहाना हुआ प्रतिबंधित | Patrika News

नर्मदा में स्नान पर पाबंदी, अन्य नदियों में भी नहाना हुआ प्रतिबंधित

आदेश का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी

भोपाल

Updated: January 14, 2022 08:48:45 am

भोपाल. कोरोना संक्रमण के कारण सरकार कई पाबंदियां लगा रही है. अब मध्यप्रदेश में नदियों में नहाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है. प्रदेश सरकार के आदेश के अनुसार नर्मदा सहित अन्य नदियों में स्नान नहीं होगा. इसके साथ ही प्रशासन ने मेलों पर भी प्रतिबंध लगाया है. खासतौर पर मकर संक्रांति को देखते हुए इनपर सख्ती से अमल किया जाएगा. आदेश का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है.

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मकर संक्रांति सूर्य के उत्तरायण होने का पर्व है. इस मौके पर पवित्र नदियों में स्नान की पंरपरा है. लोक परम्परा के ऐसे पर्वों में बड़ी संख्या में लोग नर्मदा नदी में आस्था की डुबकी लगाते हैं. मकर संक्रांति पर नर्मदा किनारे सदियों से मेले भी लगते रहे हैं. लेकिन इस बार मकर संक्रांति पर मध्यप्रदेश में किसी भी नदी में स्नान नहीं किया जा सकेगा. कोरोना संक्रमण देखते हुए पूरे प्रदेश में नदियों में स्नान और नदी किनारे लगने वाले मेलों पर रोक लगा दी गयी है.

मध्यप्रदेश सरकार ने इस निर्णय पर सख्ती से अमल करने को कहा है. मकर संक्रांति (Makar Sankranti) पर नर्मदा, बेतवा, क्षिप्रा सहित सभी नदियों में स्नान प्रतिबंधित किया गया है. आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी गई है. कोरोना की तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है.

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narmada.jpgहर साल जुटते हैं लाखों लोग
मकर संक्रांति पर प्रदेश में विशेष रूप से नर्मदा स्नान किया जाता है. जबलपुर के तिलवाराघाट होशंगाबाद के सेठानी घाट, नेमावर, महेश्वर सहित सभी नर्मदा घाटों पर लाखों लोग स्नान के लिए आते हैं. नर्मदा घाटों पर मेले भी लगते हैं. नर्मदा स्नान के बाद तिल-गुड़ का दान दिया जाता है. पर कोरोना के बढ़ते संक्रमण और आम नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को देखते हुए स्नान पर प्रतिबंध लगाया गया है.
14 जनवरी को मकर संक्रांति पर नदियों में स्नान और मेलों पर रोक संंबंधी आदेश में यह भी कहा गया है कि आने वाले अन्य पर्वों के दौरान भी पाबंदी रहेगी. आदेश में मेलों के आयोजन को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत प्रतिबंधित कर दिया गया है.आदेश में घाटों पर समूह में इकट्ठा होने और नदी में सामूहिक रूप से स्नान करने पर भी रोक लगाई गई है.
देवास में भी प्रशासन ने नेमावर में नर्मदा स्नान पर रोक लगा दी है. अगर कोई स्नान करता घाट पर देखा जायेगा तो उसके विरुद्ध पुलिस प्रशासन कार्रवाई करेगा. इधर उज्जैन जिला प्रशासन ने भी क्षिप्रा नदी में स्नान पर रोक लगा दी है. कलेक्टर ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है. यहां हर साल मकर संक्रांति पर रामघाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान के लिए आते हैं. इस बार रामघाट पहुंचने वाले सारे रास्ते बैरिकेड लगा कर बंद कर दिये गए हैं.

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