Bank Strike : आज ही निपटा लें बैंक से जुड़े काम, अगले सप्‍ताह हो सकती है हड़ताल

हड़ताल के समर्थन में 10 यूनियन... bank closed

भोपाल। एक ओर जहां जनवरी 2020 में 10 दिन बैंकों banks में कामकाज नहीं होगा, वहीं इन 10 छुट्टियों (Bank Holidays) में अलग-अलग राज्यों में होने वाली छुट्टियों के साथ महीने का दूसरा और चौथा शनिवार भी शामिल है।

ऐसे में जहां इस माह आपको बैंक से जुड़े कामों को समेटने के लिए कम दिन मिलेंगे, वहीं अब बैंकों के 8 जनवरी को हड़ताल bamk strike में जाने की बात समाने आ रही है।

जिसके कारण आपका बैंक bank से जुड़ा कोई अतिआवश्यक काम work अटक सकता है। यदि आप अपने काम को इसी माह पूरा करना चाहते हैं। तो अपने बैंक से जुड़े उस काम को आज ही निपटा लें, वरना देरी हो सकती है।

बैंकों की हड़ताल... Bank strike in india
सामने आ रही जानकारी के अनुसार 8 जनवरी को बैंकों की हड़ताल हो सकती है। इस हड़ताल की स्थिति में ग्राहकों का लेनदेन का काम प्रभावित हो सकता है।
बैंकिंग सेक्‍टर केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने 8 जनवरी को हड़ताल का फैसला किया है। अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (AIBEA) के एक नेता ने बताया कि इस हड़ताल का समर्थन 10 यूनियन कर रही हैं।

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AIBEA (All India Bank Employees Union) के के पदाधिकारियों के अनुसार इस हड़ताल का मुद्दा सरकार की नीतियों का विरोध है। इस विरोध के चलते रोजगार के नए अवसर पैदा करने, श्रम कानूनों में संशोधन पर रोक लगाने और जॉब सिक्‍योरिटी संबंधी मांगें रखी जाएंगी।

यूनियनें : जो कर रहीं हड़ताल का समर्थन...
समाने आ रही जानकारी के मुताबिक इस हड़ताल में बैंकिंग सेक्‍टर से जुड़ी प्रमुख यूनियनें शामिल होंगी। इनमें AIBEA, AIBOA, BEFI, INBEF और INBOC आदि यूनियनों के नाम प्रमुख हैं। उनका कहना है कि rbi (भारतीय रिजर्व बैंक) के कर्मचारी भी इस हड़ताल में भागेदारी करेंगे। इन यूनियनों के अलावा सहकारी बैंक, LIC (भारतीय जीवन बीमा निगम), rrb (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक) सहित बीमा क्षेत्र के अन्‍य कर्मचारी भी हड़ताल का समर्थन कर रहे हैं।

ये है कारण reason behind strike : बैंकों के विलय के फैसले का विरोध...
करीब तीन माह पहले सरकार ने बैंकों के विलय की घोषणा की थी। केंद्रीय वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 10 बैंकों के विलय का ऐलान करते हुए कहा था कि इसके बाद 4 नए बैंक वजूद में आएंगे।

इलाहाबाद बैंक, सिंडिकेट बैंक, आंध्रा बैंक, कार्पोरेशन बैंक, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स का वजूद नहीं रहेगा। सरकार की इस घोषणा के बाद से ही बैंक यूनियंस इसका विरोध कर रही हैं। उनका कहना है कि इससे बैंकिंग क्षेत्र में लोगों की नौकरी असुरक्षित हो जाएगा।

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दीपेश तिवारी
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