दिनभर चला शनिदेव का तेलाभिषेक, शाम को हुए भंडारे

मंदिरों में भगवान शनिदेव की विशेष पूजा अर्चना हुई। श्रद्धालुओं ने भगवान शनिदेव का तिल, तेल, काली उड़द से अभिषेक किया।

By: KRISHNAKANT SHUKLA

Published: 16 May 2018, 09:32 AM IST

भोपाल. राजधानी में मंगलवार को शनि जयंती मनाई गई। इस दौरान शनि मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिरों में भगवान शनिदेव की विशेष पूजा अर्चना हुई। श्रद्धालुओं ने भगवान शनिदेव का तिल, तेल, काली उड़द से अभिषेक किया। बरखेड़ी स्थित प्राचीन शनि मंदिर में सुबह हवन, पूजन, अभिषेक और सुन्दरकांड का आयोजन किया गया।

रात में विशाल भंडारा हुआ। यहां सुबह से रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। न्यू मार्केट स्थित शिरडी शनिशिंगणापुर शनि दरबार में भी विशेष पूजा की गई। सुबह शनिदेव का अभिषेक प्रारंभ हुआ, दोपहर में हवन किया गया। इसी तरह आरटीओ कार्यालय में स्थित हनुमान मंदिर में शनि जयंती पर सुंदरकांड किया गया। इसके बाद महाआरती और भंडारा हुआ।

दिन भर चला हवन और भंडारों का सिलसिला

शहर में मां ममतामयी शक्तिधाम मंदिर परवलिया सड़क के शनि दरबार में पूजा, हवन व आरती आदि आयोजन हुए। प्रवक्ता शैलेष श्रीवास्तव ने बताया कि मां के सान्निध्य में विशेष पूजा हुई व दरबार सजाया। कमला पार्क नागा बाबा आश्रम स्थित शनि-हनुमान मंदिर में शनिदेव को 56 व्यंजनों का भोग लगाया गया।

इसके बाद भंडारा हुआ। इसी तरह हबीबगंज नाका सावकर सेतु स्थित नागनागेश्वर शनि मंदिर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। रचना नगर शनि मंदिर सहित शहर के अन्य शनि मंदिरों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शनि महाराज की पूजा अर्चना की।

वट वृक्ष की पूजा कर महिलाओं ने की अखंड सौभाग्य की कामना
राजधानी में मंगलवार को वट सावित्री अमावस्या का पर्व श्रद्धा भक्ति के साथ मनाया गया। महिलाओं ने अखंड सौभाग्य की कामना के साथ वट वृक्ष की परिक्रमा कर पूजा-अर्चना कर पकवान चढ़ाए। शहर के मंदिर परिसरों में सुबह 10 से लेकर दोपहर 2 बजे तक महिलाओं ने वट और पीपल वृक्ष का पूजन किया और धागा बांधकर फेरे लगाए।

पंडितों के अनुसार वट सावित्री पूजन को विधि विधान से किए जाने से सुहागिन महिलाओं को दीर्घायु सुहाग व संतान सुख मिलता है। इस व्रत में महिलाएं सुहाग के लिए दीर्घायु की कामना करती हैं। वट सावित्री के लिए महिलाएं ज्येष्ठ द्वादशी के दिन से ही तैयारी शुरू कर दी थीं।

श्रीरामानंद गौशाला परिसर में वट सावित्री अमावस्या हर्षोउल्लास से मनाई गई। इस मौके पर सुन्दरकांड पाठ किया गया। मंदिर परिसर में सुबह 6 बजे से ही महिलाओं का आना शुरू हो गया था। मंदिर में स्थित बरगद के वृक्ष की सुहागिन महिलाओं ने पूजन परिक्रमा कर पति के दीर्घायु की कामना की।

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