व्यापमं मामला: कमलनाथ, सिंधिया और​ दिग्विजय के खिलाफ होगी एफआईआर

व्यापमं मामला: कमलनाथ, सिंधिया और​ दिग्विजय के खिलाफ होगी एफआईआर

Harish Divekar | Publish: Sep, 26 2018 08:00:00 PM (IST) Bhopal, Madhya Pradesh, India

भोपाल जिला कोर्ट ने श्यामला हिल्स थाने को दिए निर्देश



कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ, चुनाव समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रशांत पांडे के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। यह आदेश भोपाल की जिला कोर्ट ने श्यामला हिल्स थाने को दिए हैं, कोर्ट ने कहा कि इन नेताओं ने कोर्ट को गुमराह करते हुए झूठे दस्तावेज पेश किए हैं, इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विस्तृत जांच की जाए। जिला न्यायालय ने पुलिस थाने से कहा है कि एपफआईआर दर्ज कर हर हाल में 4 अक्टूबर तक न्यायालय में पेश की जाए।
कोर्ट ने ये भी कहा कि न्यायालय जांच, विवेचना नहीं कर सकता। इसलिये पुलिस केस दर्ज कर जांच के बाद कोर्ट में चालान पेश किया जाए। बीजेपी विधि प्रकोष्ठ ने न्यायालय में IPC 420, 466, 468 समेत कई धाराओं में परिवाद दायर कर कहा था कि कांग्रेस ने फर्जी एक्सल शीट होने की बात कहकर न्यायालय को गुमराह किया है।

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कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने 6 दिन पहले बहुचर्चित व्यापमं घोटाले की एक्सेल शीट में फेरबदल करने के मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय मंत्री उमा भारती और पांच अन्य के खिलाफ भोपाल की स्थानीय अदालत में परिवाद दायर किया था। भोपाल में गठित विशेष न्यायालय के न्यायाधीश सुरेश सिंह की अदालत में पेश हुए थे। इस दौरान मशहूर वकील एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री कपिल सिब्बल तथा वरिष्ठ वकील एवं कांग्रेस नेता विवेक तन्खा सहित कई अधिवक्ता दिग्विजय का पक्ष रखने के लिए अदालत में मौजूद थे।

शिवराज पर अपराधिक अभियोग चलाने की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय ने अपनी दलील में अदालत से मांग की कि व्यापमं घोटाले के मामले में चौहान, उमा एवं पांच अन्य लोगों के खिलाफ अपराधिक अभियोग चलाया जाए।

 

 

अदालत में दिग्विजय का बयान दर्ज होने के बाद उनकी ओर से दलील देने आए सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा, ‘‘हमने इस मामले से जुड़े सारे सबूत अदालत में दे दिए हैं । वह सीडी जिसमें 48 बार सीएम (मुख्यमंत्री) लिखा हुआ हैं, वो भी दी है। एक्सेल शीट की मूल कॉपी भी कोर्ट को दे दी है.’’ सिब्बल ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में जांच एजेंसियों ने चौहान और उमा को बचाने की कोशिश की है।

27000 पन्नों का दाखिल किया था परिवाद
उन्होंने कहा, ‘‘व्यापमं में हुए भ्रष्टाचार की जड़ इस प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं. इससे (दिग्विजय द्वारा दायर परिवाद) हम इसे साबित कर देंगे।’’ यह परिवाद दिग्विजय ने अदालत में 19 सितंबर को प्रस्तुत किया था, जिसके लिए उन्होंने शनिवार को अपने बयान अदालत के समक्ष दर्ज करवाये विवेक तन्खा ने कहा कि दिग्विजय ने 27,000 पन्नों की चार्जशीट अदालत में प्रस्तुत की है।

 

2016 में सीएम चौहान को सुप्रीम कोर्ट ने दी थी क्लीन चिट
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल यानी व्यापमं द्वारा मेडिकल कोर्स में प्रवेश के लिए ली गई एमपीएमटी परीक्षा एवं सरकारी नौकरियों में भर्ती के लिए ली गई परीक्षाओं में भारी धांधली हुई थी। इस घोटाले की जांच विशेष कार्य बल (एसटीएफ) कर चुकी है. वर्ष 2016 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने व्यापमं घोटाले की जांच की और मुख्यमंत्री चौहान को क्लीन चिट दी है।

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