संयम-सौहार्द से चल पड़ी जिंदगी, पुख्ता सुरक्षा के बीच खुले शहर के बाजार, लोगों ने की खरीदारी


जनजीवन सामान्य: चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा व्यवस्था के बीच आश्वस्त दिखे शहरवासी
धारा-144 लागू रहेगी, आज होगा रिव्यू, सुरक्षा में जुटे हैं 6 हजार जवान

भोपाल. जिले में सामान्य जनजीवन को देखते हुए सोमवार से सभी स्कूल, कॉलेज खोले जाएंगे। शहर की सुरक्षा व्यवस्था सेक्टरों के अनुसार पहले की तरह रहेगी। इसी क्रम में धारा-144 भी लागू रखी गई है। शहर में शांति व सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए संभागायुक्त कल्पना श्रीवास्तव, एडीजी आदर्श कटियार, कलेक्टर तरुण पिथोड़े, डीआईजी इरशाद वली, निगम आयुक्त विजय दत्ता सहित पुलिस प्रशासन का अमला लगातार शहर में भ्रमण कर रहा है। अधिकारी एक दिन में 200 प्वॉइंटों पर जाकर सुरक्षा जांच रहे हैं। एसएएफ, एसटीएफ, क्यूआरएफ, पीटीएस तिघरा, पचमड़ी, भौंरी सहित 6 हजार जवान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात हैं। सेक्टर मजिस्टे्रट व्यवस्था लागू है।
रविवार को एडीजी/आईजी भोपाल जोन आदर्श कटियार और संभागायुक्त कल्पना श्रीवास्तव ने करोंद व पुराने शहर के कई संवेदनशील क्षेत्रों का भ्रमण कर लोगों से बात की। इधर, रविवार रात बाजारों में रौनक बढ़ गई। जनजीवन सामान्य हो रहा है। अतिरिक्त पुलिस कंट्रोल रूम से सीसीटीवी सर्विलांस के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने टीम तैनात है। वाहनों की चैकिंग जारी है। बुधवारा, स्टेशन क्षेत्र, छोला, टीला जमालपुर, रॉयल मार्केट, शाहजहांनाबाद, नूर महल रोड, पीर गेट आदि क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। दुकानों पर 5 से अधिक व्यक्ति न खड़े हों, इसके लिए समझाइश दी जा रही है।
दुकानों पर भीड़ देख जताई नाराजगी
कलेक्टर-डीआईजी गश्त करते हुए इतवारा तक पहुंचे तो वहां दुकानों के बाहर भीड़ दिखाई दी। इसको लेकर कलेक्टर ने एसडीएम जमील खान व पुलिस अधिकारियों पर नाराजगी जताई और चाय दुकानों से भीड़ को हटवाया। फिलहाल रात को सुरक्षा व्यवस्था का रिव्यू किया जा रहा है। सोमवार को धारा-144 हटाने पर फैसला लिया जा सकता है।

सभी रूट्स पर चलीं लो-फ्लोर बसें
अयोध्या पर फैसले के मद्देनजर 36 घंटे तक बाधित रहने के बाद रविवार सुबह 8 बजे से लो-फ्लोर बस सेवा को बहाल कर दिया गया। बीसीएलएल डायरेक्टर केवल मिश्रा के मुताबिक पुलिस के फीडबैक के आधार पर बस सेवा पहले नए शहर के रूट पर चालू की गई। दोपहर बाद तक पुराने शहर और बैरागढ़ जाने वाले रूट चालू करवा दिए गए। लो फ्लोर बस सेवा के बंद होने से पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों को पिछले 36 घंटे से परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। लोगों की फजीहत की बड़ी वजह प्रायवेट कैब कंपनियों की मनमानी भी रही। ओला, उबर जैसी कंपनियों ने अयोध्या फैसले के दिन अपनी 80 प्रतिशत कार को ऑफ रोड करवा दिया था। जो कैब सडक़ पर ऑन लाइन दिख रही थीं, उनका किराया आम आदमी के लिए काफी ज्यादा रहा, जिसके चलते लोगों को एक से दूसरे स्थान तक पहुंचने में खासी दिक्कतें आईं।
मॉर्निंग वॉक में भी परख रहे सुरक्षा व्यवस्था
अधिकारी सुबह, शाम और रात को संवेदनशील क्षेत्रों में भ्रमण कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। यहां तक कि अधिकारी मॉर्निंग वॉक भी संवेदनशील क्षेत्रों में कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के चलते राजधानी में अमन-चैन कायम है।

तीन प्रमुख वजहों से कायम रही शांति
1. सुरक्षा: शहरभर में करीब 156 प्वॉइंट्स पर 5 हजार पुलिसकर्मी 24 घंटे मुस्तैदी से तैनात रहे। एडीजी/आईजी आदर्श कटियार और डीआईजी इरशाद वली ने सुरक्षा व्यवस्था की लगातार समीक्षा की।
2. संवाद: फैसला आने से पहले पुलिस, प्रशासन ने समाजिक-धार्मिक संगठनों, धर्म गुरुओं, नागरिकों से जनसंवाद किया। शांति बनाए रखने की अपील की। आम लोगों को सुरक्षा में सहयोगी बनाया। भडक़ाऊ बयान देने के लिए चर्चित करीब 250 लोगों को चिह्नित कर उन पर कड़ी निगाह रखी गई।
3. सोशल मीडिया: पुलिस ने 900 से अधिक सोशल मीडिया ग्रुप को राडार पर रखा। पुलिस की मॉनीटरिंग से इन ग्रुपों में भकड़ाऊ पोस्ट नहीं वायरल हो सके।

manish kushwah
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