7जी टेक्नोलॉजी पर रिसर्च करेगा भोपाल का ये यूथ, चीन में रहेगा चार साल

भोपाल के रहने वाले और बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी में एमएससी कर चुके प्रतीक एस श्रीवास्तव का चयन इस प्रोजेक्ट के लिए हुआ है। 

By: Brajendra Sarvariya

Published: 04 Aug 2016, 05:10 PM IST

भोपाल। पूरे इंडिया में अभी 4जी इंटरनेट सर्विस शुरू होने में चार-पांच साल लग जाएंगे, पर दुनिया में इससे भी आगे की टैक्नोलॉजी पर काम हो रहा है। 5जी और 6जी ही नहीं बल्कि अब 7जी इंटरनेट सर्विस पर काम शुरू होने जा रहा है। इस काम की जिम्मेदारी जिस टीम को दी गई है, उसमें भोपाल का युवा भी शामिल है। आइए जानते हैं इस युवा और उसके प्रोजेक्ट के बारे में...




चीन में बिताने होंगे चार साल
भोपाल के रहने वाले और बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी में एमएससी कर चुके प्रतीक एस श्रीवास्तव का चयन इस प्रोजेक्ट के लिए हुआ है। उनका चयन यूनिवर्सिटीज ऑफ चाइनीज अकादमी ऑफ साइंसेज, चीन और द वर्ल्ड अकादमी ऑफ साइंसेंस इटली द्वारा किया गया है। इसके लिए प्रतीक को प्रेसिडेंट फैलोशिप दी जाएगी।




ये होगा प्रतीक का काम
प्रतीक 7 जी लेवल की टैक्नोलॉजी पर रिसर्च करेंगे। इसके लिए उन्हें 50 लाख रुपए की फंडिंग भी की गई है। इस रिसर्च में इंटरनेट एप्लीकेशन के लिए कम ऊर्जा एवं छोटे आकार के उपकरणों का निर्माण किया जाना है।  इस फैलोशिप के अंतर्गत दुनिया के 200 छात्रों का चयन हुआ है, जिसमे भारत के 3 छात्रों को साल 2016 की फैलोशिप दी गई है। इस रिसर्च के लिए प्रतीक को अगले चार साल चीन में ही रहना होगा।




ये होगा फायदा
7 जी टैक्नोलॉजी का फायदा ये होगा कि फिलहाल इंटरनेट कनेक्टिविटी घर-घर देने के लिए टॉवर्स लगाने होते हैं, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर और खर्च बढ़ जाता है। भारत समेत दुनियाभर में ऐसी कई जगह हैं, जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी देना काफी मुश्किल है। इन जगहों पर सेंट्रलाइज्ड टॉवर्स से कनेक्ट करते हुए सेंसर्स मोबाइल सिम की तरह दिए जाएंगे।
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