ताजपोशी: 15 साल का कांग्रेस का वनवास खत्म, 18वें मुख्यमंत्री बने कमलनाथ

शपथ : मैं कमलनाथ शपथ लेता हूं..., के साथ...महागठबंधन...और कर्जमाफी... कर्जमाफी का वचन पूरा करता हूं...

भोपाल. कमलनाथ ने सोमवार को भेल के जंबूरी मैदान में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वे प्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री हैं। दोपहर 2.25 मिनट पर कमलनाथ मंच पर पहुंचे। 2.30 बजे राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के आते ही शपथ ग्रहण समारोह शुरू हुआ।

कमलनाथ ने हिंदी में शपथ ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी 2.25 बजे मंच पर पहुंचे। शपथ के बाद कमलनाथ ने मंच पर मौजूद अन्य दलों के नेताओं से मुलाकात की। इसके पहले दूसरे मंच पर मौजूद अलग-अलग धर्मों के धर्माचार्यों ने धर्मशास्त्रों का पाठ कर कमलनाथ को शुभकामनाएं दीं। कंप्यूटर बाबा ने शपथ के पहले स्वस्तिवाचन किया।

उन्होंने कहा कि अपनी धर्म की सरकार बनी है, अब नर्मदा बचेगी, गौमाता बचेगी और संतों का सम्मान होगा। शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी पहुंचे। कमलनाथ के शपथ ग्रहण का गवाह बनने बड़ी संख्या में कांग्रेस के कार्यकर्ता पहुंचे।

इन चुनौतियों से होना है सामना
1- मंत्रिमंडल का गठन: कमलनाथ ने अकेले शपथ ली है। कैबिनेट के गठन में माथापच्ची होगी। कई वरिष्ठ नेता चुनाव हारे हैं। क्षेत्रवार प्रतिनिधित्व को साधना आसान नहीं।

2- प्रदेश की आर्थिक स्थिति: प्रदेश पर करीब 1.83 लाख करोड़ से अधिक का कर्ज है। कर्जमाफी से खजाने पर आने वाले बोझ से दूसरी योजनाएं प्रभावित होंगी। सरकारी आय-व्यय में संतुलन कठिन होगा।

3- पारदर्शी प्रशासन: कांग्र्रेस ने घोटालों की जांच के लिए जन आयोग गठित करने का ऐलान किया है। ये कैसे धरातल पर आएगा और इसकी वैधानिक स्थिति क्या होगी, यह अभी तय नहीं है।

4- राजनीतिक तालमेल: कांग्रेस के पास पूर्ण बहुमत नहीं है। उस पर बसपा-सपा का समर्थन और निर्दलीय विधायकों को साधे रखना कठिन टास्क होगा। ऐसे में खुद की पार्टी में समन्वय बढ़ाने की भी चुनौती रहेगी।

5- शपथ ग्रहण से पहले ज्योतिरादित्य समर्थक विधायकों का जिस तरह का व्यवहार सामने आया है। उसे नियंत्रित करना भी कमलनाथ के लिए चुनौतीपूर्ण होगा।

कमलनाथ ने मुख्यमंत्री की शपथ लेने के दो घंटे के भीतर मंत्रालय पहुंचकर कांग्रेस वचन पत्र के चार महत्वपूर्ण फाइलों पर हस्ताक्षर किए।
1- कमलनाथ ने सबसे पहले किसान कर्ज माफी की फाइल पर साइन किए। 31 मार्च 2018 तक जिन किसानों पर 2 लाख तक का कर्ज है,
उसे माफ किया जाएगा। कर्ज की राशि बैंको को राज्य सरकार देगी।

2- दूसरी फाइल युवाओं को रोजगार देने से संबंधित थी। उद्योग नीति में बदलाव किया गया है। अब प्रदेश सरकार ने उन उद्योगों को आर्थिक सहायता देने का निर्णय किया है, जो 70त्न स्थानीय लोगों को रोजगार देंगे।

3- प्र्रदेश में 4 गारमेंटस पार्क स्थापित करने की फाइल पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इनमें भोपाल, इंदौर, जबलपुर और छिंदवाड़ा में ये पार्क प्रस्तावित हैं। इन पार्कों की स्थापना से प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

4- चौथी फाइल प्रदेश की आधी आबादी यानी महिलाओं को खुश करने वाली साइन की है। अब कन्या विवाह में राज्य सरकार क्र51 हजार देगी। खास बात यह है कि इसके लिए आय सीमा नहीं रखी गई है।

सत्य के रास्ते चलने वाली पार्टी को विजयी बनाकर दिया बड़ा संदेश -

मध्यप्रदेशवासियों का हार्दिक अभिनंदन। आपने सत्य और प्यार के रास्ते पर चलने वाली कांग्रेस पार्टी को विजयी बनाकर एक बड़ा संदेश दिया है। आपकी प्रगति हमारा संकल्प है। हम पूरी लगन से आपकी सेवा करेंगे। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और नेताओं को बधाई। आपकी आवाज़ बुलंद रहे।
- राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष

विकास के लिए एक-एक दिन महत्वपूर्ण, हम सहयोग करेंगे -

मुख्यमंत्री कमलनाथ व नई सरकार को बधाई। मध्यप्रदेश के विकास के लिए एक-एक दिन महत्वपूर्ण है। मैं चाहता हूं कि यह सरकार प्रतिदिन जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के विकास को आगे बढ़ाए। इसमें हम हर तरह से सकारात्मक सहयोग सरकार को करेंगे।
- शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री

प्रदेश को आपसे बहुत उम्मीदें हैं, भरोसा है आप खरे उतरेंगे-

हमारे वरिष्ठ नेता कमल नाथ को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बनने पर मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। प्रदेश को आपसे बहुत उम्मीदें हंै और मैं जानता हूं आप उन पर जरूर खरे उतरेंगे। आपके इस सफर में मैं हर कददम पर आपके साथ खड़ा रहूंगा।
- ज्योतिरादित्य सिंधिया, सांसद एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री

राजनीति में विरोधी, लेकिन यहां साथ-साथ: चुनाव में एक-दूजे पर प्रहार करने वाले मंच पर साथ-साथ नजर आए...

जुगलबंदी-कमलनाथ ने उठवाया शिवराज का हाथ
कमलनाथ खासतौर पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिले और मंच पर उनका हाथ पकड़कर उठाया, वहीं शिवराज के दूसरी ओर खड़े सिंधिया भी बगल में आ गए और उन्होंने शिवराज का दूसरा हाथ पकड़कर उठा दिया। इससे पहले सिंधिया और शिवराज कटे-कटे नजर आए।

शिवराज ने छुए कैलाश के पैर
शिवराज सिंह चौहान ने कैलाश जोशी के आते ही उनके पैर छुए। वे बाबूलाल गौर से भी मिले, लेकिन मंच पर उनसे बातचीत नहीं की। मंच पर प्रदेश के चार पूर्व सीएम मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, बाबूलाल गौर, कैलाश जोशी व दिग्विजय सिंह मौजूद रहे। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मंच पर पहुंचे तो पहले शिवराज से ही हाथ मिलाया।

मंच के बायीं ओर नेताओं को बैठाया गया, जबकि मध्य में परिवारों को बैठाया था। दायीं ओर धर्म गुरुओं को स्थान मिला। शपथ के लिए सभी धर्मों के गुरुओं ने अपना धर्म-संदेश दिया। नाथ के परिवार के अलावा दिग्विजय सिंह की पत्नी अमृता राय और अन्य नेताओं की पत्नियां भी मंच पर थींं।

अनमोल पल- पहली बार मंच पर नाथ के परिजन साथ ...
कमलनाथ के शपथ ग्रहण के गवाह उनके परिवार के लोग भी बने। एक तरफ वीआइपी मेहमान थे तो दूसरी तरफ उनके परिवार के सदस्यों को बैठाया गया। परिजनों में पुत्र नकुल नाथ, वकुल नाथ, पुत्र वधु, बहन, बहनोई और पोती मौजूद थीं। अन्य करीबी रिश्तेदार भी उपस्थित थे।

राज्यपाल का रेकॉर्ड- एक दिन में दो राज्यों के मुख्यमंत्रियों को शपथ
देश में संभवत: एक ही दिन में दो राज्यों के मुख्यमंत्रियों को शपथ दिलाने का रेकॉर्ड राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के नाम दर्ज हुआ है।

आनंदीबेन ने सोमवार 17 दिसंबर को भोपाल में कमलनाथ और रायपुर पहुंचकर भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। आनंदीबेन के पास मध्यप्रदेश के साथ छत्तीसगढ़ का अतिरिक्त प्रभार है।

दोनों राज्यों के चुनाव एक साथ हुए और यह संयोग ही रहा कि दोनों राज्यों में लगातार 15 साल से भाजपा सरकार की थी। हालांकि, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को प्रचंड बहुमत मिला और मध्यप्रदेश में कांग्रेस बहुमत के बहुत करीब आकर ठिठक गई। कांग्रेस ने यहां अपने सहयोगियों के साथ सरकार बनाई।

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दीपेश तिवारी
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