कांग्रेस करने जा रही है बड़ा खुलासा, भाजपा पर आएगी आंच!

कांग्रेस करने जा रही है बड़ा खुलासा, भाजपा पर आएगी आंच!

Deepesh Tiwari | Publish: Jun, 17 2019 07:12:21 AM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

- मुख्यमंत्री से मिले राज्यसभा सदस्य
- बताईं तत्कालीन शिवराज सरकार से जुड़ी ये खास बातें...

भोपाल। MP की पूर्व भाजपा सरकार में घोटालों की जांच के नाम पर कांग्रेस लगातार नई कोशिशों और जांच में जुटी हुई है। इसी बीच कांग्रेस के हाथ एक ऐसा मामला आया है, जिसके चलते एक बार फिर वह भाजपा पर अटैक करने की रणनीति बना रही है।

दरअसल इंदौर बेस्ड अमरीकन सॉफ्टवेयर कंपनी स्पंदन द आइटी पल्स की मदद से कथित फोन टेपिंग और कॉल डिटेल निकालने की चार साल से दबी जांच कांग्रेस सरकार में शुरू हो सकती है।

kamal nath with tankha

सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता व राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र सौंपकर इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

उन्होंने दावा किया कि 2009 से 2014 के बीच मध्यप्रदेश पुलिस की एसटीएफ जैसी विंग ने बड़े राजनेता, उच्च अधिकारी और हाइप्रोफाइल लोगों के फोन टेप किए और कॉल डिटेल से संवेदनशील जानकारियां हासिल की थीं। इनकी उच्चस्तरीय जांच में बड़ा खुलासा हो सकता है।

तन्खा ने मध्यप्रदेश पुलिस के आइटी सेल में कंसलटेंट के रूप में काम करने वाले व्हिसिल ब्लोअर प्रशांत पांडेय की 2015 में सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका का हवाला दिया है।

इस मामले की पैरवी तन्खा कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश सरकार, पुलिस सहित इंदौर बेस्ड अमरीकन कंपनी को नोटिस जारी किया है, लेकिन चार साल बाद भी सरकार ने इसकी ना तो जांच कराई और ना ही जवाब दिया।

तन्खा को इस मामले की सभी बारीकियां पता हैं। तन्खा यह भी बताया है कि याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। निजता के उल्लंघन के इस मामले की जांच कराकर सरकार रिपोर्ट पेश कर सकती है।

हजारों पुलिसकर्मियों के पास है सॉफ्टवेयर
याचिकाकर्ता की मानें तो मध्यप्रदेश पुलिस के हजारों पुलिसकर्मियों के पास फोन टेपिंग, कॉल डिटेल निकालने से लेकर मोबाइल टॉवर लोकेशन से जुड़े सॉफ्टवेयर हैं।

वे इस सॉफ्टवेयर का हर माह पांच हजार रुपए किराया भी भरते रहे हैं। इसके अलावा कुछ बिल्डर्स और क्रिमिनल के पास भी इस सॉफ्टवेयर के होने का दावा किया है।

इन्हें जारी हुए थे नोटिस
बिना अनुमति के फोन टेपिंग और कॉल डिटेल मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार, गृह सचिव सहित सीबीआइ, मिलिट्री इंटेलीजेंस, मध्यप्रदेश एसटीएस, मध्यप्रदेश एटीएस और इंदौर बेस्ड अमरीकन कंपनी स्पंदन द आइटी पल्स को नोटिस जारी किए थे।

हाइप्रोफाइल लोग बने शिकार
शिवराज सरकार में मंत्री, विधायक, आइएएस-आइपीएस अफसर सहित हाइप्रोफाइल लोगों के फोन टेप होने का मामला उठा था। साथ ही देश के अन्य हिस्सों के लोगों के भी फोन टेप किए गए थे।

याचिकाकर्ता प्रशांत पांडेय ने यह आरोप भी लगाया था कि सरकार की आड़ लेकर पुलिस अफसरों ने बिल्डरों और बड़े ठेकेदारों से वसूली का जरिया बना लिया था।

पांडेय ने यह भी बताया था कि फोन टेपिंग और कॉल डिटेल के जरिए हाइप्रोफाइल लोगों को ब्लैकमेल भी किया गया था। कंपनी फोन नंबरों को कॉल सेंटरों को भी साझा कर रही है।

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