यात्रियों के लिये बड़ी खबर , प्रदेश में बढ़ने वाला है बसों का किराया

- बस मालिक 50% किराया बढ़ाने की मांग
- सरकार ने दिए 25% बढ़ाने के संकेत
- मांग ना मानने पर फिर हो सकती है बस हड़ताल
- डीजल के दाम बढ़ने से महंगाई की मार

By: Hitendra Sharma

Published: 28 Feb 2021, 09:48 AM IST

भोपाल. मध्य प्रदेश में अब यात्रियों की मुश्किल बढ़ने जा रही है। प्रदेश में आसमान छू रही डीजल पेट्रोल की कीमतों के बाद यात्री वाहनों संचालकों ने किराया बढ़ाने के लिये सरकार पर दबाब डालना शुरु कर दिया है। मध्य प्रदेश में 35 हजार से ज्यादा यात्री बस चलती हैं। जिनसे प्रदेश में लोगों का आवागमन सुगम हो पाता है। अब बस ऑपरेटर यात्री किराये में 50 फासदी की बढ़ोत्तरी पर अड़ गये हैं। प्रदेश सरकार ने किराया 25 फासदी बढ़ाने के संकेत दिये हैं।

फिर हो सकती है हड़ताल
मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण के दौर में बस संचालकों की लम्बी हड़ताल के बाद प्रदेश सरकार को झुकना पड़ा था अब फिर से बस ऑपरेटर सरकार पर यात्री किराये में 50 फासदी की बृद्धी पर अड़ गये हैं। बस संचालको ने सरकार के सामने डीजल की कीमतों को लेकर बात की है। एसा माना जा रहा है कि एक बार फिर सरकार बस ऑपरेटर्स के दबाब में किराया बढ़ाने जा रही है। बस संचालकों और परिवहन मंत्री के बीच बातचीत के बाद यह तय माना जा रहा है कि मार्च के पहले सप्ताह में ही यात्री किराये में बढ़ोत्तरी की घोषणा की जा सकती है।

25 फीसदी तक बढ़ सकता है किराया
प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री गोविंद सिंह से बस संचालकों की मुलाकात के बाद कहा है कि मार्च के शुरु होते ही यात्रियों को बढ़े किराये के साथ यात्री करनी होगी। इससे पहले प्रदेश में मई 2018 में यात्री बसों का किराया बढ़ाया गया था। तब यात्री बसों का किराया 92 पैसे प्रति किलोमीटर से बढ़ाकर एक रुपये प्रति किलोमीटर किया गया था। उस समय डीजल कीमत 68 रुपये 32 पैसे थी। अब डीजल की कीमतें 90 रुपये के पास पहुंच गई हैं। इसलिये किराये में 25 फीसदी की बढ़ोत्तरी की जा सकती है।

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30 रुपये बढ़ गये डीजल के दाम
बस ऑपरेटर्स के अनुसार मंत्रालय में बस किराया बोर्ड की बैठक में किराया 50 फीसदी बढ़ाने का प्रस्ताव सरकार को दिया है। सरकार ने बात नहीं मानी तो एक बार फिर प्रदेश मे बस हड़ताल शुरु हो जाएगी। बस संचालकों का तर्क है कि सरकार के टैक्स के बाद प्रदेश में डीजल 90 रुपये के पास पहुंच गया है। पिछली बार जब सरकार ने किराया बढ़ाया था तब डीजल की कीमतें 68 रुपये थी अब तक करीब 30 रुपये दाम बढ़ गये हैं इसलिये किराया बढ़ाया जाना जरूरी हो गया है।

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