भाजपा-कांग्रेस की सबसे बड़ी जीत वाली विधानसभा के ये हैं हाल

भाजपा-कांग्रेस की सबसे बड़ी जीत वाली विधानसभा के ये हैं हाल

Deepesh Tiwari | Publish: Sep, 04 2018 08:44:31 AM (IST) Bhopal, Madhya Pradesh, India

दिक्कतें ज्यादा, खुशियां कम...

भोपाल. विधानसभा चुनाव में इस बार भाजपा जनता को सुविधाओं के जरिए खुश करने का दावा कर रही है। खुशी के पैमाने शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था आदि हैं।

'पत्रिका' ने इस मुद्दे पर 2013 में भाजपा-कांग्रेस दोनों की सबसे बड़ी जीत वाली इंदौर-2 और राघौगढ़ विधानसभा में सर्वे किया। विभिन्न वर्ग के लोगों से बात कर खुशियों की स्थिति जानी। भाजपा विधायक रमेश मंदोला के इंदौर-2 के लोग ज्यादा खुश नहीं हैं। वे इसे भोजन और भंडारे का क्षेत्र कहते हैं।

कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह के राघौगढ़ की जनता सरकारी सिस्टम से नाखुश है। जयवर्धन ने कहा, सरकार उनकी नहीं है, इसलिए भेदभाव होता है।

इंदौर-२ प्रदेश में सबसे ज्यादा वोटों से जीत वाली सीट है। विधायक रमेश मंदोला लोगों से संपर्क में रहते हैं, लेकिन इस इलाके में पांच साल में कोई नई सुविधा नजर नहीं आई।

कर्मचारी राज्य बीमा का मुख्यालय यहीं है, लेकिन मरीजों को एमवाय अस्पताल जाना पड़ता है। क्षेत्र में सरकारी सुविधाएं नहीं बढ़ी हैं। नंदा नगर, नेहरू नगर, विजय नगर, बजरंग नगर आदि क्षेत्र में बातचीत में सामने आया कि सरकारी सिस्टम से हर कोई परेशान है। न घूसखोरी कम हुई और ना सरकारी दफ्तरों का ढर्रा बदला।

दो तिहाई लोगों ने कहा- दफ्तरों में परेशान होना पड़ता है। महिलाओं का वास्ता छेड़छाड़ और चेन स्नेचिंग जैसी वारदात से रोज पड़ता है। दूसरे अपराध भी होते हैं। क्षेत्र बड़ी कॉलोनियों के विकास और सफाई के मामले में अव्वल है। यहां से 2008 में भी मंदोला जीते थे।

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आमने-सामने
शिक्षा, स्वास्थ्य सहित तमाम क्षेत्रों में हरसंभव प्रयास किए। मिल क्षेत्र कहे जाने वाले इलाके में तेजी से विकास हुआ है। यहां सराफा बाजार और आधुनिक इंदौर बस रहा है।
- रमेश मंदोला, विधायक, इंदौर-2


भोजन भंडारे के अलावा कोई काम क्षेत्र में नजर नहीं आता। पांच बार उद्घाटन के बाद भी कुलकर्णी भट्टा पुल नहीं बना। बीमा अस्पताल में गंदगी इतनी है कोई भी बीमार हो जाएं।
- छोटू शुक्ला, निकटतम प्रत्याशी कांग्रेस

 

सरकारी सिस्टम से नाराज हैं यहां के लोग

कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर राघौगढ़ से सबसे बड़ी जीत दर्ज करने वाले जयवर्धन सिंह क्षेत्र में खासे सक्रिय हैं। टोल वसूली के खिलाफ उनका अभियान सुर्खियां बना। वे सुविधाएं मुहैया कराने के मामले में पीछे रह गया।

इलाज के लिए अभी भी गुना और ग्वालियर तक सफर करना पड़ता है। स्वास्थ्य के लिहाज बहुत ज्यादा सुधार नहीं हुआ है। ट्रामा अस्पताल में डॉक्टर नहीं हंै। राघौगढ़ में भी यही समस्या है। जांच के लिए दूसरे शहर जाना पड़ता है।

पॉलीटेक्निक कॉलेज व डिग्री कॉलेज में प्राध्यापकों की कमी है। स्कूलों के हालात भी नहीं बदले। अपराधों में लगाम नहीं लग पाने से लोगों के बीच असुरक्षा का माहौल बना है। सड़कों पर काम हुआ है, लेकिन शहरी और आबादी के इलाकों में उम्मीदें पूरी नहीं हुई हैं। सरकारी दफ्तरों में कराना मुश्किल है। यह सीट कांग्रेस का गढ़ मानी जाती है।

200 करोड़ की सड़कें स्वीकृत करवाईं। गांवों में बिजली पहुंचाई। हालांकि, सरकार हमारी नहीं होने से भेदभाव होता है।
- जयवर्धन सिंह, विधायक, राघौगढ़

जयवर्धन सिंह विकास कार्य नहीं करवाए हैं। हमारी सरकार ने विकास कार्य मंजूर किए हैं। हम विकास के नाम पर वोट मांगेंगे।
- राधेश्याम धाकड़, निकटतम प्रत्याशी भाजपा

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