बिजली कॉल सेंटर: 50 कर्मचारी, कैसे संभाले 2000 कॉल

बिजली कॉल सेंटर की व्यवस्थाएं उपभोक्ताओं की शिकायतों के सामने बौनी साबित हो रही है। बीते सप्ताह आई तेज आंधी और बिजली गुल के बाद बंद हुए बिजली कॉल सेंटर ने इस स्थिति को जाहिर कर दिया।

भोपाल. बिजली कॉल सेंटर की व्यवस्थाएं उपभोक्ताओं की शिकायतों के सामने बौनी साबित हो रही है। बीते सप्ताह आई तेज आंधी और बिजली गुल के बाद बंद हुए बिजली कॉल सेंटर ने इस स्थिति को जाहिर कर दिया। यहां महज 50 कर्मचारी ही नियुक्त थे जो एक समय में अधिकतम 50 शिकायतें ही सुन सकते हैं, लेकिन 2000 के करीब शिकायत एक समय में पहुंच रही थी।

अत्यधिक शिकायतों की वजह से कॉल सेंटर ही ठप्प हो गया था। बताया जा रहा है कि शाम से रात तक आठ बार कॉल सेंटर बंद हुआ और एक समय में डेढ़ से दो हजार शिकायतों की सुनवाई बंद हुई। आंधी बारिश के बीच कॉल सेंटर के बंद होने पर मांगे गए जवाब की रिपोर्ट में भी ये तथ्य बताए गए। हालांकि बावजूद इसके बिजली कंपनी एकीकृत कॉल सेंटर को ही सबसे बेहतर बता रही है।

गौरतलब है कि चार साल पहले तक जोन स्तर पर बिजली की शिकायतों की सुनवाई होती थी। यहां तीन शिफ्ट में कस्मर केयर रिप्रजेंटेटिव (सीसीआर) नियुक्त रहते थे। जोन स्तर पर टेलिफोन नंबर आवंटित थे। कॉल लगाने पर ये शिकायत दर्ज करते और संबंधित लाइनमैन को फॉरवर्ड करते थे। कई बार उपभोक्ता जोन कार्यालय पहुंचकर भी शिकायत दर्ज कराता था। करोड़ों रुपए खर्च कर स्थापित एकीकृत कॉल सेंटर के बाद जोन लेवल पर सीसीआर व्यवस्था खत्म कर दी। अब स्थिति ये हैं कि उपभोक्ता जोन कार्यालय पहुंच भी जाता है तो उसकी शिकायत की सुनवाई नहीं होती। उसे फोन करके कॉल सेंटर पर ही शिकायत दर्ज कराना पड़ती है।

आंधी में कराया तीन घंटे ओवरटाइम

आंधी बारिश की वजह से भोपाल समेत कंपनी क्षेत्र के अधिकांश क्षेत्रों में बिजली गुल की दिक्कत बनी। गोविंदपुरा कॉल सेंटर पर रात के समय महज दस कर्मचारी ही नियुक्त रखे जाते हैं। बीते सप्ताह आंधी से बढ़ी बिजली गुल की शिकायतों को दर्ज कराने कर्मचारियों को तीन घंटे अतिरिक्त रोका गया। कॉल सेंटर का संचालन निजी कंपनी को दिया हुआ है।

एकीकृत कॉल सेंटर से ये दिक्कत
सामान्य दिनों में तो ये ठीक काम करता है, लेकिन आंधी-बारिश के दौरान बढऩे वाली बिजली शिकायतों में यें फेल हो जाता है। ऑनलाइन सिस्टम पर काम होता है जिसमें सर्वर समेत अन्य तकनीकी दिक्कतें भी होती है।

जोन पर कॉल सेंटर ऐसे राहत भरे

यहां एक सीसीआर पूरे समय मौजूद रहता है। जोन स्तर पर डेडिकेटेड फोन नंबर रहता है। यानि जोन स्तर पर ही शिकायत दर्ज व सुनवाई की प्रक्रिया हो जाती है। एमडी बिजली कंपनी डॉ.़ संजय गोयल का कहना है कि एकीकृत कॉल सेंटर अच्छा काम कर रहा है। समय के साथ इसमें सुधार हो रहा है और लाइन बढ़ाकर इसकी मौजूदा दिक्कतों को भी दूर किया जाएगा।

देवेंद्र शर्मा Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned