scriptBRTS, 20 crore works were given in five years, yet the road is broken | पांच साल में 20 करोड़ के काम दिए, फिर भी टूटी पड़ी है रोड | Patrika News

पांच साल में 20 करोड़ के काम दिए, फिर भी टूटी पड़ी है रोड

प्रधाानमंत्री के दौरे में बीआरटीएस का कुछ हिस्सा दुरुस्त किया, बाकी अब भी बेहाल

भोपाल

Published: November 19, 2021 06:28:51 pm

भोपाल. बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम बीआरटीएस में सुधार नहीं हो पा रहा है। जबकि पांच साल से इसके लिए विशेष प्रयास हो रहे हैं। स्थिति ये है कि मरम्मत का करोड़ों रुपए में ठेका दिया जाता है, लेकिन ठेकेदार कुछ काम करने के बाद काम छोड़ देता है। हैरानी ये कि निगम प्रशासन ठेकेदारों से काम ही नहीं करवा पाता और उसे दूसरे काम दे दिए जाते हैं।

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इसका सीधा नुकसान मिसरोद से बैरागढ़ तक करीब 22 किमी लंबे इस बीआरटीएस के डेडिकेटेड, मिक्सलेन व सॢवस रोड के साथ सायकिल लेने से गुजरते हैं। उन्हें यहां गड्ढे या फिर टूटी फूटी रोड ही मिलती है। गौरतलब है कि इस पूरे प्रोजेक्ट को बनाने में साढ़े चार सौ करोड़ रुपए से अधिक राशि खर्च हुई थी। 247 करोड़ रुपए तो इसकी रोड व बस स्टॉप बनाने में ही खर्च हुए।

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बीआरटीएस कॉरिडोर
- 22 किमी लंबा है बीआरटीएस कॉरिडोर
- 2013 में इसे लोकार्पित किया गया था
- 03 कॉरिडोर में से महज एक ही बन पाया
- 450 करोड़ रुपए में तैयार किया था सिस्टम
- 15 करोड़ रुपए मेंटेनेंस के लिए शासन से मांगे थे, नहीं दिए गए

ऐसे समझें मरम्मत की कोशिश जो फेल हुईं
- 2016 में बीआरटीएस की मरम्मत का काम 70 लाख रुपए प्रतिकिमी की दर से ठेका दिया गया। सर्मन इंडिया कंपनी को ये काम दिया था। बैरागढ़ की ओर से काम शुरू भी किया गया था, लेकिन यहां से आगे नहीं बढ़ पाया।
- 2018 में बीआरटीस रोड को दुरुस्त करने तीन करोड़ रुपए का काम दिया गया। ये चार से अधिक ठेकेदारों को दिया। इन्होंने काम शुरू ही नहीं किया। निगम को जोनवार कुछ मरमम्मत कराना पड़ी।
- 2020 में स्मार्टसिटी के साइकिल ट्रैक मेंटेनेंस का डेढ़ करोड़ रुपए का ठेका खत्म हुआ, लेकिन साइकिल ट्रैक को 2018 के बाद कुछ भी सुधार नहीं किया गया। अब फिर मई 2021 में डेढ़ करोड़ रुपए से इसे दुरुस्त करने ठेका दिया गया, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं किया। निगम प्रशासन को प्रधानमंत्री के दौरे के पहले अपने स्तर पर ठेकेदार तय कर काम कराना पड़ा।

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निगम की ही तीन एजेंसियों में उलझा बीआरटीएस
नगर निगम प्रशासन ने जोन स्तर पर इसके सुधार का जिम्मा इंजीनियर्स को दिया हुआ है। बस स्टॉप, सिग्नलिंग व इसी तरह के कुछ काम बीसीएलएल के जिम्मे हैं, जबकि सायकिल ट्रैक स्मार्ट सिटी को दिया हुआ है। हकीकत ये हैं कि कोई भी यहां काम नहीं करवा रहा है। बीआरटीएस सुधार का आधा अधूरा काम करने वाले ठेकेदार निगम से पुराना बकाया मांग रहे थे। निगम ने हमेशा की तरह भुगतान में देरी और पार्ट पेमेंट की स्थिति की तो इन्होंने काम बंद कर दिया, हालांकि निगम ने इन्हें न ब्लैक लिस्ट किया और न आगे काम देना बंद किया। पांच साल में गेट से लेकर बस स्टॉप, सिग्नल, एलइडी स्क्रीन, टिकिट वेंडिंग मशीन का रखरखाव करने दो करोड़ रुपए से अधिक के काम दिए, लेकिन ठेकेदारों ने या तो काम शुरू ही नहीं किया और शुरू किया तो कुछ समय बाद काम छोड़ दिया।

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