बीएसएनएल : तंगी से परेशान कर्मचारी कर रहे आत्मदाह

वेतन नहीं मिलने से परेशान हो रहे कर्मचारी...

भोपाल। बीएसएनएल bsnl के मध्यप्रदेश में कार्यरत कर्मचारियों को पिछले दो महीने से वेतन का भुगतान नहीं हुआ। विवाद बढऩे और विभाग के कुछ लोगों के आर्थिक तंगी के चलते आत्मदाह करने के बाद दिसंबर माह का वेतन शनिवार को खातों में डाला गया जबकि जनवरी के वेतन का अभी पता नहीं है।

शनिवार को ही स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेने वाले कर्मचारियों का जीपीएफ gpf आया है। ये पैसा अब उन्हें सोमवार तक मिलेगा। दरअसल घाटे में चलने के कारण बीएसएनएल ने कर्मचारियों को वीआरएस देना शुरू किया।

इसके तहत मध्यप्रदेश परिमंडल में बीते माह 31 जनवरी को 3300 कर्मचारी योजना का लाभ लेकर बाहर हो गए लेकिन उनका वेतन दिसंबर माह का ही अटक गया। इसी बीच सेवामुक्त हुए कर्मचारियों का जीपीएफ GPF भी नहीं दिया गया। लंबे समय तक वेतन नहीं मिलने से कई जगह कर्मचारियों ने आत्महत्या जैसे कदम उठाना शुरू कर दिया।

मामला दिल्ली तक पहुंच गया। इससे चिंतित बीएसएनएल ने आनन-फानन में दिसंबर माह का वेतन 15 फरवरी दे दिया। जबकि जनवरी माह का वेतन अभी बाकी है। बीएसएनएल परिमंडल में 31 जनवरी के पहले 6500 कर्मचारी-अधिकारी कार्यरत थे।

वीआरएस ले चुके कर्मचारियों ने 'पत्रिकाÓ को बताया कि विवाद बढऩे पर निगम ने बैंक से राशि लेकर दिसंबर का वेतन तो डाल दिया लेकिन जनवरी का अभी बाकी है।

उनका कहना है कि वीआरएस लेने वालों के साथ-साथ उन कर्मचारियों को भी वेतन भुगतान नहीं हो रहा जो अभी भी बीएसएनएल में कार्य कर रहे हैं, जबकि कर्मचारियों की संख्या कम होने से उनके ऊपर काम का बोझ ज्यादा बढ़ गया है। बीएसएनएल से सेवामुक्त हुए केके राजू ने बताया कि राशि नहीं मिलने से कई लोगों को बैंकों की ईएमआई भरने में परेशानी हो रही है।

सरकार और कांग्रेस संगठन जानबूझकर ऐसा माहौल बनाने में लगी हुई है, जिससे नियमितीकरण के मुद्दे से ध्यान भटकाया जा सके। लेकिन अतिथि शिक्षक इसका मुकाबल दृढ़ता के साथ करने का फैसला ले चुके हैं।


सरकार की वादाखिलाफी नीयत से तंग आकर मंगलवार 18 फरवरी से भूख हड़ताल कर प्रदेश भर से हजारों अतिथि शिक्षक सामूहिक अनशन पर जाने को विवश हो चुके हैं। रविवार 16 फरवरी को थानसिंह धाकड़, कंचन लाल, अविनाशी किरार, गोपाल सिंह अहिरवार,देवेंद्र सिंह क्रमिक अनशन पर बैठकर सरकार से नियमितीकरण की मांग करते रहे।

शिक्षा अधिकार मंच मध्यप्रदेश के डायरेक्टर विजय कुमार ने रविवार को धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन का समर्थन देते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार निजीकरण का रास्ता साफ करने में लगातार काम करने में लगी हुई है?। निजीकरण के लिए सरकारी प्रयासों के बीच अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण की मांग का निराकरण की नीति फंसना भी बताया।

जन सत्याग्रह के छप्पनवें दिन मुख्य रूप से नवीन शर्मा, प्रीति चौबे,अनिता श्रीवास्तव,सरिता व्यास,अनवार अहमद कुरैशी,देवेंद्र शाक्य,अजय तिवारी, रामस्वरूप गुर्जर,द्वारका तिवारी,सुनील वर्मा,रवि गुप्ता,फहीम सरफरोश ने नेतृत्व किया। सोमवार को नवीन शर्मा,अनिता हरचंदानी,पवन शर्मा, शैलेंद्र श्रीवास्तव क्रमिक अनशन पर बैठेंगे।

फैक्ट फाइल...
6500 कर्मचारी थे 31 जनवरी 2020 के पहले मप्र परिमंडल में
3300 कर्मचारियों ने ले लिया स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का लाभ
15 फरवरी को दिया दिसंबर का वेतन

दिसंबर माह का कर्मचारियों का वेतन शनिवार को आ गया है। जनवरी माह का वेतन भी जल्दी मिल जाएगा। प्रयास लगातार जारी है।
- डॉ. महेश कुमार शुक्ला, महाप्रबंधक, मप्र परिमंडल, दूरसंचार

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दीपेश तिवारी
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