केंद्र की टीम ने जहांगीराबाद से लोगों की शिफ्टिंग पर जताई आपत्ति, बोले-ऐसे तो बाहर पहुंचेगा संक्रमण

- शहर के हॉटस्पॉट जहांगीराबाद, मंगलवारा और टीला में दौरा करने गईं टीमें, डॉक्टरों ने कहा मूवमेंट को हर हाल में रोकना होगा

भोपाल. शहर के हॉटस्पॉट जहांगीराबाद में लगातार बढ़ रहे संक्रमण और पॉजिटिव मरीजों की संख्या दो सौ से ज्यादा होने के बाद केंद्र से दो डॉक्टरों की टीम हॉटस्पॉट का निरीक्षण करने भोपाल पहुंची। टीम ने यहां पर आते ही सबसे पहले जहांगीराबाद का निरीक्षण किया। डॉक्टर अत्रे और डॉक्टर अंकुर ने अधिकारियों से कोरोना कम करने को लेकर उनकी स्ट्रेटजी के बारे में पता किया तो उन्होंने सैम्पल की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश देने के साथ हॉट्रस्पॉट एरिया से लोगों की शिफ्टिंग करने से साफ मना कर दिया। डॉक्टरों ने कहा कि जहांगीराबाद से अगर लोगों को बाहर शिफ्ट करेंगे तो संक्रमण बाहर जाएगा। इसलिए लोगों को जहांगीराबाद से शिफ्ट न करते हुए यहीं रखकर उनकी उचित देखभाल करें। जिस घर में ज्यादा सदस्य हैं, उनको पास में ही शिफ्ट कर सकते हैं। क्षेत्र को लगातार सैनिटाइज कराते रहे। टीम के सजेशन के बाद अब जहांगीराबाद से की जा रही शिफ्टिंग में कमी की जाएगी। टीम अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौपेंगी।

टीम ने पूछा कोरोना चेन तोडऩे क्या कदम उठाए

दोनों डॉक्टरों की टीम ने साथ में उपस्थित कलेक्टर तरुण पिथोड़े और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से पूछा कि अब तक कोरोना की चेन तोडऩे को लेकर क्या उपाय किए गए। इस पर अधिकारियों ने बताया कि हॉटस्पॉट एरिया के सैम्पल लिए जा रहे हैं, कोहेफिजा, मंगलवारा में जहां कोरोना पहुंचा है उन एरिया को पूरी तरह से बंद कर दिया है। लेकिन लोगों का मूवमेंट जारी है। इस पर दोनों डॉक्टरों की टीम ने कहा कि मूवमेंट हर हाल में रोकना होगा। वर्ना कोरोना पर काबू पाना मुश्किल होगा।

कोरोना के लक्षण को लेकर जानकारी की
हॉटस्पॉट जहांगीराबाद में जो मरीज सामने आ रहे हैं उनके सिमटम्स को लेकर डॉक्टरों ने स्वास्थ्स्य विभाग के अमले से जानकारी की । डॉक्टरों को बताया कि लोगों में कम जुकाम और खांसी के लक्षण दिख रहे हैं, कोई-कोई तो पूरा स्वस्थ्य दिखता है, लेकिन बाद में पॉजिटिव निकलता है। जहां मौत हुईं हैं उन इलाकों के घरों को पूरा सील कर दिया है।

दोनों डॉक्टर एम्स भोपाल में रह चुके हैं

केंद्र की तरफ से दौरा करने आए डॉक्टर अत्रे और डॉक्टर अंकुर भोपाल एम्स में रह चुके हैं। इस कारण उनको भोपाल की जानकारी काफी हद तक है। इसको देखते हुए केंद्र ने उनको यहां की जिम्मेदारी दी है। कलेक्टर तरुण पिथोड़े के साथ डीआईजी इरशाद वली, निगमायुक्त विजय दत्ता, सीएमएचओ व अन्य पुलिस प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे।

प्रवेंद्र तोमर Reporting
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