सरकार ने केंद्रीय कर्मचारी को दिया बड़ा तोहफा, 25 लाख रुपये मिलेंगे एडवांस

मध्यप्रदेश में रहने वाले केंद्रीय कर्मचारियों को मोदी सरकार ने एक और बड़ा तोहफा दे दिया है। केंद्र के कर्मचारी अब नया घर बनाने या खरीदने के लिए 25 लाख

By: Manish Gite

Published: 10 Nov 2017, 11:03 AM IST

 


भोपाल। मध्यप्रदेश में रहने वाले केंद्रीय कर्मचारियों को मोदी सरकार ने एक और बड़ा तोहफा दे दिया है। केंद्र के कर्मचारी अब नया घर बनाने या खरीदने के लिए 25 लाख रुपए तक एडवांस ले सकते हैं। सरकार के इस फैसले का फायदे मध्यप्रदेश में रहने वाले करीब एक लाख केंद्रीय कर्मचारियों को भी मिलेगा।

 

केंद्र सरकार के इस फैसले से केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। अब उनके लिए घर बनाना या नया घर खरीदना बेहद आसान हो जाएगा। क्योंकि अब तक केंद्रीय कर्मचारियों को साढ़े सात लाख रुपए तक एडवांस सेने का ही प्रावधान था।

 

यह है नई स्कीम
-केंद्र के कर्मचारी नया घर बनाने या खरीदने के लिए ले सकेंगे 25 लाख रुपए एडवांस।
-इस पर 8.5 प्रतिशत ब्याज देना होगा।
-सरकार के मुताबिक हाउसिंग सेक्टर में जान फूंकने के लिए यह योजना शुरू की गई है।
-इससे पहले केंद्रीय कर्मचारी तो 7.50 लाख रुपए तक एडवांस दिया जाता था।

 

एडवांस लेकर बचा सकते हैं 11 लाख रुपए
-आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के सीनियर आफिसर बताते हैं कि हाउसिंग बिल्डिंग एडवांस स्कीम से पैसा लेकर कर्मचारी 11 लाख रुपए तक की बचत कर सकता है।
-इसके तहत बैंकों से 8.35 फीसदी के चक्रवृद्धि ब्याज पर 20 वर्षों के लिए 25 लाख रुपए लन लेने पर 21,459 हजार रुपए महीना किस्त देना पड़ेगी।
- करीब 20 सालों में कर्मचारी को 51.50 लाख का भुगतान करना होगा। इसमें ब्याज के रूप में 26.50 लाख देने पड़ेंगे।

-इस स्कीम के अंतर्गत इतनी ही राशि समान अवधि के लिए कर्ज लेने पर पहले 15 सालों में प्रति माह 13,890 रुपए किस्त बनती थी। इसके अलावा बाकी पांच सालों में 26,411 रुपए महीना देना होगा। इसी तरह कुल 40.84 लाख रुपए देने पड़ेंगे। ब्याज के रूप में 15.84 लाख रुपए जमा करना पड़ेंगे। इस तरह करीब 11 लाख रुपए की बचत की जा सकती है।

 

कम हुई ब्याज दर
-मंत्रालय से जारी एक बायन के अनुसार केंद्रीय कर्मचारी 34 माह का बेसिक वेतन लोन के रूप में ले सकते हैं।
-इसकी अधिकतम सीमा 25 लाख रुपए रखी गई है।
-इस पर ब्याज की दर 8.50 रखी गई है।
-पहले यह 6 से 9.50 फीसदी के स्लैब में थी।
-हर तीन साल में ब्याज दर की समीक्षा की जाती है।


पति-पत्नी केंद्रीय कर्मचारी हैं तो दोनों को मिलेगा लाभ
अपने घर का विस्तार करने के लिए अब 1.80 लाख की बजाय अब 10 लाख रुपए लोन लिया जा सकेगा। घर की अधिकतम कीमत 30 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ रुपए कर दी गई है। पति-पत्नी दोनों केंद्र सरकार की नौकरी कर रहे हैं तो दोनों संयुक्त रूप से या अलग-अलग कर्ज ले सकते हैं।

 

कम से कम 21 हजार वेतन जरूरी
मध्यप्रदेश में रह रहे केंद्रीय कर्मचारियों के लिए नया साल अच्छे दिन लेकर आ रहा है। मोदी सरकार 7th Pay Commission के तहत अपने कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने जा रही है। अभी किसी भी केंद्रीय कर्मचारी को कम से कम 18 हजार रुपए वेतन दिया जाता है, न्यूनतम वेतन की सीमा बढ़ाते हुए अब 21 हजार रुपए देने की तैयारी की जा रही है। केंद्र सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक न्यूनतम वेतन को 7,000 रुपए से बढ़ाकर 18,000 रुपए करने को पहले से ही मंजूरी दे दी है, उसके बाद यह नया कदम उठाया जा रहा है।

7th Pay Commission के अंतर्गत केंद्र सरकार बढ़ी हुई सैलरी का तोहफा अपने कर्मचारियों को देने जा रही है। इस में मध्यप्रदेश में रहने वाले केंद्र सरकार के कर्मचारियों की भी सैलरी बढ़ जाएगी।

जनवरी से बढ़ेगी सैलरी
-जनवरी की सैलरी बढ़ी हुई मिलेगी।
-7वें वेतन आयोग के मुताबिक बढ़ेगी न्यूनतम सैलरी।
-केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी 21,000 रुपए होगी
-पहले 7 हजार से बढ़ाकर 18 हजार की गई थी सैलरी।

Manish Gite
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