एमपी में बाढ़ से कितना नुकसान, केन्द्रीय दल तीन दिनों तक पांच जिलों का करेगा दौरा

अनुमान है कि प्रदेश के 14 जिलों में लगभग 7 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसलें प्रभावित हुई हैं।

By: Pawan Tiwari

Published: 10 Sep 2020, 08:01 AM IST

भोपाल. अगस्त में मध्यप्रदेश में भारी बारिश के कारण आई बाढ़ के कारण कितना नुकसान हुआ है इसका आंकलन करने के लिए केन्द्रीय दल आज पहुंचेगा। मध्यप्रदेश में अति-वृष्टि के कारण बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हुई क्षति का आंकलन करने के लिये केन्द्रीय अध्ययन दल तीन दिवसीय प्रवास पर आयेगा। आशुतोष अग्निहोत्री, संयुक्त सचिव केन्द्र सरकार के नेतृत्व में टीम के अन्य सदस्यों के रूप में कृषि, वित्त, जल-संसाधन, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग और ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधिकारी होंगे। अध्ययन दल 12 सितम्बर को वापस दिल्ली रवाना होगा।

पांच जिलों का करेंगे दौरा
केन्द्रीय अध्ययन दल बाढ़ प्रभावित जिले सीहोर, रायसेन, होशंगाबाद, हरदा और देवास जाकर बाढ़ से प्रभावित फसलों एवं अन्य क्षति का आंकलन करेगा। अगस्त माह के अंतिम दिनों प्रदेश में हुई भारी बारिश के कारण कई जिलों में भीषण बाढ़ आ गई थी। जिस कारण किसनाों की फसलें खराब हो गईं थी जबकि लोगों के घरों में पानी भर गया था। बाढ़ का असर सबसे ज्यादा भोपाल, होशंगाबाद एवं जबलपुर संभाग के जिलों में था। यहां बाढ़ के कारण किसानों की खरीफ फसल, आवास और अन्य घरेलू सामान क्षतिग्रस्त हुआ।

बता दें कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हवाई निरीक्षण किया था। वो प्रभावित गांवों का भी दौरा करने पहुंचे थे। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान के संबंध में केन्द्र सरकार को भी अवगत करवाया गया। उसी के बाद केन्द्र सरकार ने मध्यप्रदेश में अध्ययन दल भेजा गया है।

7 लाख हेक्टेयर में फसलें प्रभावित
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करते हुए कहा था फसल बीमा योजना और आरबीसी के प्रावधानों को मिलाकर नुकसान की भरपाई की हरसंभव व्यवस्था कर पुनर्वास के सभी प्रयास होंगे। अनुमान है कि प्रदेश के 14 जिलों में लगभग 7 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसलें प्रभावित हुई हैं।

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