नहाय खाय के साथ छठ पूजा की शुरुआत, छत्र योग से होगा समापन

नहाय खाय के साथ छठ पूजा की शुरुआत, छत्र योग से होगा समापन

Bhalendra Malhotra | Publish: Nov, 11 2018 04:03:03 AM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

भोजपुरी समाज धूमधाम से मनाएगा तीन दिवसीय छठ महोत्सव

भोपाल. आस्था का महालोक पर्व छठ रविवार से शुरू हो जाएगा। इस बार छठ कई दुर्लभ संयोगों से सुसज्जित होगी। छठ की शुरुआत सिद्धि योग से तो समापन छत्र योग से होगा। पहले दिन नहाय खाय के साथ श्रृद्धालु अपने व्रत की शुरुआत करेंगे।

इस दौरान राजधानी में 30 से ज्यादा जगहों पर छठ महोत्सव का आयोजन किया जाएगा जिसमें करीब 3.50 लाख लोग शामिल होंगे। छठ महोत्सव को देखते हुए भोजपुरी एकता मंच और नगर निगम द्वारा शनिवार को शीतलदास की बगिया पर स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। इस दौरान घाट की साफ सफाई कर उसे सजाने का काम किया गया। मंच के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर प्रसाद ने बताया कि महाप्रसाद ठेकुआ के निर्माण के लिए कमला पार्क शनिमंदिर पर निशुल्क गेहूं पिसाई की व्यवस्था की गई है। रविवार सुबह 12 बजे से पिसाई का काम शुरू होगा।

तीन दर्जन स्थानों पर होगा महोत्सव

शहर में भोजपुरी समाज के करीब 3.50 लाख लोग हैं। छठ पूजा के लिए शहर में करीब तीन दर्जन जगहों पर व्यवस्था की गई है। कई जगहों पर कृतिम घाटों का निर्माण किया जाएगा। घाटों पर सुरक्षा के लिए निगम के गोताखोरों की टीम और अन्य लोगों की व्यवस्था की गई है।

प्रमुख रूप से इन जगहों पर होगा आयोजन
शीतलदास की बगिया, खटलापुरा, काली मंदिर, प्रेमपुरा घाट, पंाच नंबर घाट, ओल्ड सुभाष नगर, सरस्वती मंदिर बरखेड़ा, चर्च के पास बरखेड़ा, हथाईखेड़ा डेम, होशंगाबाद रोड, पिपलानी।

पांच नंबर घाट पर होगी भव्य आतिशबाजी
पांच नंबर स्थित छठ घाट पर भोजपुरी भाषी विकास संघ द्वारा भव्य छठ पूजा का आयोजन किया जाएगा। संघ के प्रवक्ता पंकज ठाकुर के मुताबिक इसअवसर पर भव्य आतिशबाजी के साथ दीपदान का आयोजन भी किया जाएगा। संघ के अध्यक्ष प्रेमनारायण गिरी ने बताया कि घाट पर करीब तीस सालों से छठ पूजा का आयोजन किया जा रहा है। यहां हजारों की संख्या में श्रृद्धालु जुटते हैं।

 

नहाय खाय से होगी शुरुआत

महोत्सव की शुरुआत नहाय खाय से होगी। नाम के अनुसार व्रत रखने वाले स्नान कर भोजन ग्रहण करेंगे। आम दिनों में भी लोग स्नान के बाद ही भोजन करते हैं, लेकिन इस दिन कुछ विशेष रीति रिवाजों और नियमों का पालन किया जाता है । इसलिए इसे नहाय खाय ही नाम दिया गया है। श्रद्धालु नदी या तालाब में जाकर डुबकी लगाने के बाद सूर्य भगवान और छठ मैय्या का ध्यान करते हुए भोजन करते हैं। इसके बाद छठ व्रत के पूर्ण होने की कामना करते हैं। एक समय भोजन करने के बाद सूर्य की साधना की जाती है। इस बार नहाए-खाए 11 नवंबर को, खरना 12 नवंबर को, सांझ का अघ्र्य 13 नवंबर को और सुबह का अघ्र्य 14 नवंबर को है।

विशेष योग से सुसज्जित होगा छठ
इस बार छठ पर्व पर कई शुभ संयोग बन रहे हैं जो शुभ फ लदायी और समृद्धिदायक हैं। रविवार भगवान सूर्य के दिन से छठ आरंभ हो रहा है। इस दिन सिद्धि योग का संयोग भी बन रहा है। सांझ के अघ्र्य वाले दिन यानी 13 नवंबर को अमृत योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बन रहा है। छठ के अंतिम दिन प्रात:कालीन अघ्र्य पर बुधवार 14 नवंबर को सुबह के समय छत्र योग का संयोग बन रहा है। इस योग को धन और समृद्धिदायक माना गया है।

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