बचपन का सपना था आईएएस बनना, पहले प्रयास में बनी टॉपर

बचपन का सपना था आईएएस बनना, पहले प्रयास में बनी टॉपर

hitesh sharma | Publish: Apr, 06 2019 07:47:07 AM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

यूपीएससी ने सिविल सर्विसेज के घोषित किए परिणाम, राजधानी की सृष्टि देशमुख ने एलएनसीटी से की मैकेनिकल इंजीनियरिंग

भोपाल। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा-2018 का फाइनल रिजल्ट शुक्रवार को घोषित कर दिया है। फाइनल मेरिट सितंबर-अक्टूबर-2018 में आयोजित मुख्य परीक्षा और फरवरी-मार्च-2019 में आयोजित इंटरव्यू में प्रदर्शन के आधार पर जारी की गई है। इस बार कुल 759 उम्मीदवारों का चयन हुआ है।

इनमें जनरल कैटेगरी के 361, ओबीसी के 209, एससी के 128 और एसटी के 61 उम्मीदवार शामिल हैं। यूपीएससी उम्मीदवारों के माक्र्स रिजल्ट की घोषणा के 15 दिनों के भीतर जारी कर दिए जाएंगे। शहर के कस्तुरबा नगर में रहने वाली 23 वर्षीय सृष्टि देशमुख ने ऑल इंडिया में पांचवीं रैंक हासिल की है। गल्र्स कैटगरी में उन्हें पहला स्थान हासिल हुआ है।

एलएनसीटी कॉलेज से किया बीई

सृष्टि को दसवीं में टेन सीजीपीए ग्रेड हासिल हुई थी। 12वीं में भी 93 प्रतिशत माक्र्स थे। सृष्टि का कहना है कि साईंस के साथ मैंने इकॉनोमिक्स को यूपीएससी को ध्यान में रखकर एडिशनल सब्जेक्ट के रूप में लिया था। सृष्टि ने एलएनसीटी कॉलेज से 2018 में मैकेनिकल इंजीनियर की डिग्री ली। सेकंड ईयर से ही यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी थी। मैंने सोशलॉजी सब्जेक्ट को चूना था।

परिवार ने किया मोटिवेट

सृष्टि का कहना है कि कई बार स्टडी के दौरान स्ट्रेस हो जाता था। आपको लगने लगता है कि ये कैसे हो पाएगा। इस दौरान परिवार मेरा सहारा बना। पापा जयंत देशमुख निजी कंपनी में इंजीनियर व सेल्स मैनेजर हैं। वहीं, मम्मी सुनीता स्कूल टीचर हैं। पापा-मम्मी और छोटा भाई अथर्व हमेशा मुझे मोटिवेट करते थे।

इसी मोटिवेशन ने मुझे लक्ष्य पर फोकस करने में मदद की। मुझे जब भी स्ट्रेस होता था मैं पूजा करना और संगीत सुनना पसंद करती थी। सृष्टि का कहना है कि मैंने कभी प्लान-बी बनाने का सोचा भी नहीं। हमेशा बस आईएएस बनने का लक्ष्य लेकर ही पढ़ाई की। कॉलेज में कई बार फ्रेंड्स ने कैंपस में शामिल होने का सुझाव दिया, लेकिन मैंने कभी अपना रिज्युम तक किसी कंपनी में जॉब के लिए नहीं दिया। यदि सफल नहीं होती तो फिर से एग्जाम ही देती।

दिल्ली की बजाए भोपाल में रहकर की स्टडी, इंटरनेट की ली मदद

सृष्टि का कहना है अधिकांश कैंडिडेट दिल्ली जाकर सिविल सर्विसेज की तैयारी करते हैं। मैंने भोपाल में रहकर ही तैयारी की। इंटरनेट से स्टडी मटेरियल निकाला। ऑनलाइन क्लासेस भी ली। आपको इंटरनेट पता होना चाहिए कि इंटरनेट का सही उपयोग कैसे करें। मैंने सोशल मीडिया से पूरी तरह से दूरी बना ली थी। फैमिली-फ्रेंडस को भी टाइम नहीं दे पाती थी। शादियों और रिश्तेदारों के घर जाना भी छोड़ दिया था। मन में बस एक ही बात रहती थी कि मुझे कुछ बनना है।

एमपी कैडर में रहकर स्कूली शिक्षा-महिला सशक्तिकरण पर फोकस

सृष्टि का कहना है मेरी पहली प्राथमिका मध्यप्रदेश कैडर ही था। अच्छी रैंक मिलने के बाद एमपी कैडर ही लेना चाहूंगी। मध्यप्रदेश में स्कूलों में स्कूलों में टीचर्स की कमी है। स्कूलों में बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं मिलता। इस फील्ड में मैं काम करना चाहती हूं। महिला सशक्तिकरण पर फोकस करना चाहूंगी। क्योंकि महिला सशक्त होगी तो देश भी तरक्की करेगा। उनका कहना है पॉलिटिक्स मुझे पसंद नहीं। मैं जीवनभर सिविल सर्वेंट ही रहना पसंद करूंगा।

20 मिनट चला इंटरव्यू

मेरा सुजाता मेहता बोर्ड ने इंटरव्यू लिया। करीब 20 मिनट तक इंटरव्यू चला। मुझे बहुत ही आसान सवाल पूछे गए। मुझसे पूछा गया कि इतनी यंग हो, डिसिजन कैसे ले पाओगी। मैंने कहा कि यंग गर्ल होने के कारण डिजिसन पर सवाल तो उठेंगे लेकिन मैं अपने डिसिजन पर अडिग रहूंगी। इंजीनियरिंग के साथ भोपाल गैसे ट्रेजेडी से जुड़े सवाल पूछे गए।

मुझसे फिल्म पद्मावत पर हुए विवाद से जुड़े सवाल भी पूछे गए। सिविल सर्विसेज के लिए पहले सिलेबस को ध्यान रखें। पिछले सालों के पेपर्स जरूर देख, इससे आपको पैटर्न समझ आ जाएगा। एग्जाम में आसंर लिखने की प्रैक्टिस लिख-लिखकर करें। मैंने 15 से 16 घंटे तक पढ़ाई की। कौन सी बुक्स पढऩा है, ये ध्यान रखें। अपने सब्जेक्ट की बेसिक्स पर फोकस करें। खुद को मेंटली रूप से स्ट्रांग कर स्ट्रेस से बचे।

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