आधा साल बीता...15 जिलों के 20 लाख बच्चों को अब तक नहीं मिली छात्रवृत्ति

लेटलतीफी: प्रोफाइल अपडेशन का काम पिछड़़ा

भोपाल. अनुसूचित जाति-जनजाति के स्कूली छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति का काम प्रदेश के 15 जिलों में अटक गया है। ऐसे में आधा सत्र गुजर जाने के बाद भी छात्रों को छात्रवृत्ति और दूसरी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया है। इससे करीब 20 लाख छात्र प्रभावित हुए हैं।
स्कूलों में बच्चों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति से पहले हर पात्र विद्यार्थी का मैपिंग व प्रोफाइल अपडेशन समग्र शिक्षा पोर्टल पर होना जरूरी है। नई व्यवस्था के तहत इससे पहले छात्रवृत्ति नहीं दी जा सकती है। 15 जिलों में आधा सत्र गुजर जाने के बाद भी प्रोफाइल अपडेशन का काम 40 फीसदी भी पूरा नहीं हो पाया है। अधिकारियों को चिंता है कि सत्र समाप्त होने तक अगर कार्य पूरा नहीं हुआ तो छात्रो को छात्रवृत्ति बांटने में मुश्किल आएगी।

दिए सख्त आदेश
लोक शिक्षण संचालक केके द्विवेदी ने सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों को इस मामले में सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि बार-बार निर्देश देने के बाद भी प्रोफाइल अपडेट करने के काम में लेटलतीफी का मतलब यह है कि अधिकारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता के काम में भी शिथिलता और अवहेलना कर रहे हैं। जिले में यदि योजना का सही क्रियान्वयन नहीं हुआ तो इसकी जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारियों की होगी।

इन जिलों में पिछड़ा अपडेशन का काम
दतिया, झाबुआ, दमोह, बड़वानी, गुना, हरदा, रीवा, देवास, बैतूल, शाजापुर, निवाड़ी, सतना, अनूपपुर, सीधी, भिंड

पिछले साल के अटके मामले
2018-19 में प्रदेश में कुल 81 लाख स्कूली छात्रों को समेकित छात्रवृत्ति स्वीकृत की गई थी, लेकिन सत्र पूरा होने के पांच महीने बाद अक्टूबर में हुई समीक्षा में सामने आया कि 56 लाख विद्यार्थियों को दो चरणों में छात्रवृत्ति बांटी गई है। लोक शिक्षण संचालनालय का मानना है कि समग्र शिक्षा पोर्टल पर कई जिलों ने छात्रवृत्ति बंाटने के बाद भी अपडेट नहीं किया। ऐसे मेंं प्रत्येक जिलों से जानकारी मंगाई गई है। वहीं यह भी कहा गया है कि जहां छात्रवृत्ति नहीं बंटी है उसे तत्काल पूरा किया जाए।

रविकांत दीक्षित
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