scriptChildren suffer from anxiety in NCERT survey | 43 प्रतिशत बच्चों का पढ़ाई में मन नहीं, रिजल्ट और भविष्य को लेकर चिंतित हैं बच्चे | Patrika News

43 प्रतिशत बच्चों का पढ़ाई में मन नहीं, रिजल्ट और भविष्य को लेकर चिंतित हैं बच्चे

एनसीईआरटी के सर्वे में खुलासा, आठवीं तक के 81 फीसदी स्कूली बच्चे पढ़ाई,परीक्षा और रिजल्ट के कारण एंग्जाइटी का शिकार, तनाव कम करने योग-ध्यान का सहारा

भोपाल

Published: September 12, 2022 12:43:12 pm

भोपाल.देश में छठवीं से लेकर आठवीं तक के 81 फीसदी स्कूली बच्चे पढ़ाई, परीक्षा और रिजल्ट के कारण एंग्जाइटी का शिकार हैं। 43 प्रतिशत बच्चों का पढ़ाई में मन नहीं लगता है। हाल ही में हुए एनसीईआरटी के सर्वे में यह खुलासा हुआ है।

survey.png

आइडेंटिटी क्राइसिस, रिश्तों को लेकर बढ़ती संवेदनशीलता, समकक्षों के दबाव, बोर्ड परीक्षा का डर, भविष्य में एडमिशन को लेकर चिंता- सर्वे के मुताबिक मध्यप्रदेश समेत देश में 73 प्रतिशत बच्चे स्कूल जीवन से संतुष्ट हैं। 51 फीसदी बच्चे निजी जीवन से संतुष्ट हैं। हायर सेकंडरी स्कूल के बच्चों में आइडेंटिटी क्राइसिस, रिश्तों को लेकर बढ़ती संवेदनशीलता, समकक्षों के दबाव, बोर्ड परीक्षा का डर, भविष्य में एडमिशन को लेकर चिंता और अनिश्चितता जैसी चुनौतियां देखने को मिलीं।

ऑनलाइन पढ़ाई से असंतुष्ट कई विद्यार्थी
51 फीसदी विद्यार्थियों ने माना कि उन्हें ऑनलाइन कंटेट सीखने में परेशानी होती है। जहां सबने माना कि वर्चुअल दुनिया में दूरियां बढ़ी हैं वहीं बच्चों ने भी इसे महसूस किया। 39 फीसदी छात्रों का कहना है कि ऑनलाइन क्लास से आपसी बातचीत में भी कमी हुई है।

बढ़ते तनाव के बड़े कारण
- पढ़ाई का पैटर्न बदल गया है। आजकल बच्चे जो पढ़ रहे हैं उस पर ध्यान कम देकर आगे की पढ़ाई पर ज्यादा फोकस करते हैं।
- बढ़ते कॉम्प्टीशन के कारण उम्र से पहले ही बच्चों पर दबाव डाला जा रहा है। सोसायटी और पीयर प्रेशर भी एक बड़ा कारण है।
समाधान
- पाठ्यक्रम में तनाव प्रबंधन को शामिल किया जाना चाहिए।
- छात्रों को पहले वास्तविकता में जीना चाहिए। भविष्य की चिंता न करें।
- क्षमता के हिसाब से लक्ष्य तय करें। नींद पूरी करें। स्क्रीन टाइम कम करें।
- जरूरी है कि अगर तनाव हो रहा है तो उसके बारे में अपनों से बात करें। पैरेंट्स टीचर्स काउंसलर्स और फ्रेंड्स आदि की मदद लें।

सबसे लोकप्रिय

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Weather Update: राजस्थान में बारिश को लेकर मौसम विभाग का आया लेटेस्ट अपडेट, पढ़ें खबरTata Blackbird मचाएगी बाजार में धूम! एडवांस फीचर्स के चलते Creta को मिलेगी बड़ी टक्करजयपुर के करीब गांव में सात दिन से सो भी नहीं पा रहे ग्रामीण, रात भर जागकर दे रहे पहरासातवीं के छात्रों ने चिट्ठी में लिखा अपना दुःख, प्रिंसिपल से कहा लड़कियां class में करती हैं ऐसी हरकतेंनए रंग में पेश हुई Maruti की ये 28Km माइलेज़ देने वाली SUV, अगले महीने भारत में होगी लॉन्चGanesh Chaturthi 2022: गणेश चतुर्थी पर गणपति जी की मूर्ति स्थापना का सबसे शुभ मुहूर्त यहां देखेंJaipur में सनकी आशिक ने कर दी बड़ी वारदात, लड़की थाने पहुंची और सुनाई हैरान करने वाली कहानीOptical Illusion: उल्लुओं के बीच में छुपी है एक बिल्ली, आपकी नजर है तेज तो 20 सेकंड में ढूंढकर दिखाये

बड़ी खबरें

Swachh Survekshan 2022: लगातार छठी बार देश का सबसे साफ शहर बना इंदौर, सूरत दूसरे तो मुंबई तीसरे स्थान परअब 2.5 रुपये/किलोमीटर से ज्यादा दीजिए सिर्फ रोड का टोल! नए रेट लागूकांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए KN त्रिपाठी का नामांकन पत्र रद्द, मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर में मुकाबला41 साल के शख्स को 142 साल की जेल, केरल की अदालत ने इस अपराध में सुनाई यह सजाBihar News: बिहार में और सख्त होगी शराबबंदी, पहली बार शराब पीते पकड़े गए तो घर पर चस्पा होंगे पोस्टर, दूसरी और तीसरी बार में मिलेगी ये सजास्वच्छता अभियान 2022 शुरू, 100 लाख किलो प्लास्टिक जमा करने का लक्ष्यसैनिटरी पैड के लिए IAS से भिड़ने वाली बिहार की लड़की को मुफ्त मिलेगा पैड, पढ़ाई का खर्च भी शून्यएयरपोर्ट पर 'राम' को देख भावुक हो गई बुजुर्ग महिला, छूने लगी अरुण गोविल के पैर, आस्था देख छलके आंसू
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.