दावा रात 11.30 बजे तक का, आठ बजे बाद ही यात्री हो जाते हैं बेबस

16रूट पर रात आठ बजे बाद 25 बसें भी नहीं

भोपाल. नेहरू नगर में रहने वाले दीपक कुमार शाम को एमपी नगर में कोचिंग आते हैं। यहां से एमपी नगर आने-जाने के लिए एसआर 2 रूट की बस का उपयोग करते हैं। कई बार कोचिंग रात आठ बजे तक चलती है, ऐसे में उन्हें घर जाने के लिए बस नहीं मिलती, जिससे ऑटो या लिफ्ट लेकर घर जाना पड़ता है।

वहीं कोलार सर्वधर्म में रहने वाले रिटायर्ड कर्मचारी ओपी शर्मा एसआर 4, एसआर 8और एसआर 9नंबर की बस का उपयोग करते हैं। एमपी नगर या न्यू मार्केट से अक्सर रात आठ बजे के बाद बस तलाशते हैं, पर कोई साधन नहीं मिलता। ऐसे में किसी परिचित या निजी साधन से घर जाना पड़ता है। एक बार शर्मा के साथ दर्जन भर साथियों ने बस नहीं मिलने पर बोर्ड ऑफिस स्टॉप पर प्रदर्शन तक कर चुके हैं।

राजधानी में सुबह 5.30 बजे से शुरू होकर रात 11.30 बजे तक बस सेवा जारी रहने के दावों की ये दो हकीकत पोल खोल रही है। कुल १६ रूट्स में से सात एेसे हैं, जहां रात आठ बजे बाद बसें बंद हो जाती हैं। इससे रोजाना करीब 12 हजार यात्रियों को परेशान होना पड़ता है। दावा है कि बीसीएलएल तीन ऑपरेटिंग कंपनियों के जरिए शहर में 280 बसें चला रहा है, लेकिन हकीकत में 40 फीसदी बसें डिपो से ही बाहर नहीं निकलती हैं।

रात आठ बजे बाद यात्रियों को बस क्यों नहीं मिलती? इसका जवाब तलाशा तो पता चला महज 25 बसें ही ऑन रोड रह जाती हैं। इससे रात आठ बजे के पहले जिस स्टॉप पर हर 20 मिनट में बस मिलती है, वहां आठ बजे बाद एक से सवा घंटे में बस पहुंचती है।

ये रूट आठ बजे बाद पूरी तरह बंद

- टीआर 4 व टीआर 4ए रूट - मंडीदीप से चिरायु अस्पताल वाला रूट आठ बजे बाद बंद हो जाता है। ये बड़ा तालाब किनारे होता हुआ होशंगाबाद रोड की विद्यानगर जैसी कॉलोनियों के यात्रियों के लिए अच्छा है।
- टीआर 4बी- गांधी नगर से भोजपुर की ओर वाला रूट है, ये भी बंद हो जाता है।

- टीआर1- चिरायु अस्पताल से आकृति इको सिटी का रूट है।
- एसआर 4 रूट- करोंद चौराहा से बैरागढ़ चिचली कोलार तक का रूट है। ये न्यू मार्केट होकर गुजरता है। आठ बजे बाद बंद होने से यात्रियों को परेशानी होती है। एसआर 1 और एसआर 8 भी बंद हो जाता है।

नोट- ये कुछ रूट्स की स्थितियां हंै। 70 फीसदी रूट्स आठ बजे बाद सेवाएं बंद कर देते हैं।

सब्सिडी का फेयर इसलिए कर देते हैं बंद
दरअसल, रात आठ के बाद यात्रा करने वालों में विद्यार्थी और सीनियर सिटीजंस होते हैं। विद्यार्थी कोचिंग से लेट होते हैं और सीनियर सिटीजंस मित्रों के साथ समय बीताने के लिए बाजार वाले क्षेत्रों में जाते हैं। दोनों ही Ÿोणियों में महापौर पास के माध्यम से शुल्क में 50 फीसदी की छूट दे रखी है। ऑपरेटर्स बताते हैं कि महापौर पास का बकाया काफी हो गया है और रात को अधिकतर पासधारी होते हैं, इससे जल्द बस डिपो पहुंचाने की कोशिश करते हैं।

...और एेसे हैं गैर 'जिम्मेदार

भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के एडिशनल सीईओ ओपी भारद्वाज की जिम्मेदारी है कि वे बसों के शेड्यूल के साथ कब कहां से चल रही है, इसका पूरा ध्यान रखें। भारद्वाज ने बीते छह माह से इस मामले पर अपने कर्मचारियों-ऑपरेटर्स के साथ बैठक तक नहीं की। भारद्वाज का कहना है कि हम स्थिति को दिखाने के बाद ही कुछ कह पाएंगे।

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Pushpam Kumar Desk
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