वाइल्ड लाइफ बोर्ड बैठक में सीएम कमलनाथ वन अफसरों पर हुए नाराज

वाइल्ड लाइफ बोर्ड बैठक में सीएम कमलनाथ वन अफसरों पर हुए नाराज

Ashok Gautam | Updated: 12 Oct 2019, 09:44:34 AM (IST) Bhopal, Madhya Pradesh, India

वाइल्ड लाइफ बोर्ड बैठक में सीएम कमलनाथ वन अफसरों पर हुए नाराज
पूछा- वन्य प्राणी बोर्ड की बैठक में वन्यप्राणी से जुड़े मुददे क्यों है गायब

भोपाल। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने वन विभाग के अफसरों पर जमकर नाराज हुए। उन्होंने अधिकारियों से सवाल किए कि वाइल्ड लाफ बोर्ड की बैठक में वन्य प्राणियों से जुड़े मुद्दे एजेंडे क्यों नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगली बैठक में वन्य प्राणियों के प्रबंधन, रहवास विकास और नीति पर कार्ययोजना तैयार कर उसे एजेेंडा शामिल करें।

श्री नाथ शुक्रवार को मंत्रालय में राज्य वन्यप्राणी बोर्ड की अठारहवीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में वन मंत्री एवं बोर्ड के उपाध्यक्ष उमंग सिंघार तथा मुख्य सचिव एसआर मोहंती वन बल प्रमुख पू प्रकाशम उपस्थित थे। दरअसल वाइल्ड लाइफ बोर्ड की बैठक में करीब 7 बिंदु रखे गए थे, जिसमें वाइल्ड लाइफ से जुड़े एक भी बिंदु नहीं थी। सीएम कमलनाथ ने कहा कि अगली बैठक दो माह बाद होगी, उसमें वाइल्ड लाइफ से जुड़े मुद्दे एजेंडे में ज्यादा से ज्यादा रखे, जिससे उन पर विस्तार से चर्चा की जा सके।

बोर्ड ने एजेंडे में चम्बल नदी पर दो पुलों के निर्माण तथा धार और सिंगरौली जिले में हाईटेंशन बिजली लाइन बिछाने को मंजूरी दे दी है। इसके संरक्षित क्षेत्र से कुछ सड़कों के चौड़ीकरण का प्रस्ताव भी पास किया गया है।

पर्यटन प्रात्साहन में करें सर्वाधिक टाइगर होने का उपयोग

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश को पूरे विश्व में सर्वाधिक टाईगर होने का गौरव हासिल है। इसे हमें पर्यटन प्रोत्साहित करने की दृष्टि से उपयोग करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए हम एक अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार नई दिल्ली में करें और इसके जरिए हम अपना प्रदेश के वन्य क्षेत्रों का आकर्षक तरीके से प्रस्तुतिकरण करें। उन्होंने कहा कि इसके लिए शीघ्र ही वन्य और पर्यटन विभाग प्रस्ताव तैयार करें।

मुख्यमंत्री ने इसी तरह भोपाल में राष्ट्रीय उद्यानों के विकास के लिए भी एक सम्मेलन करने को कहा जिसमें देश के सभी राष्ट्रीय उद्यानों के संचालकों को आमंत्रित कर भविष्य आने वाली चुनौतियों की पहचान कर उनके संभावित उपायों पर विचार हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका ने वन और वन्यप्राणी क्षेत्रों को पर्यटन के लिए बेहतर उपयोग किया है उससे हमें सीखना चाहिए।


चंबल से ग्वालियर को पानी देने कमेटी करेगी अध्ययन

मुख्य सचिव एसआर मोहंती की अध्यक्षता वाली कमेटी चंबल नदी से ग्वालियर को पानी सप्लाई के संबंध में अध्ययन करेगी। कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही चंबल नदी से ग्वालियर को पानी सप्लाई की जाएगी। चंबल नदी से ग्वालियर को पानी सप्लाई करने का एजेंडा बोर्ड की बैठक में रखा गया था। इसमें अधिकारियों का कहना था कि नदी से पानी सप्लाई नहीं की जा सकती है, क्योंकि पानी सप्लाई से घडिय़ाल और डालफिन को पानी काम पड़ जाएगा। वाइल्ड लाइफ मुख्याल के अधिकारियों का कहा कहना था कि सितम्बर माह में नदी में पानी की मात्र 67 क्युविक मीटर पानी है।

जबकि घडिय़ाल को 165 और डलफिन को 200 क्युविक मीटर पानी की जरूरत पड़ती है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में सीएम की अध्यक्षता में अधिकारियों की एक कमेटी बनाई जाए, कमेटी की अध्ययन रिपोर्ट के बाद ही इस विषय में निर्णय लिए जाएंगे।

पार्कों में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग पर विचार

कमल नाथ ने बोर्ड की बैठक में वन विभाग के अफसरों से कहा कि राष्ट्रीय उद्यानों के पर्यावरण और वन्य जीवों की रक्षा के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करने पर विचार करें और इसकी संभावनाएं की तलाश करें। उन्होंने वन्यप्राणी क्षेत्रों आसपास के रहवासियों और पर्यटन के दृष्टिकोण से एक समन्वित नीति बनाने को कहा है। बैठक में तय किया गया कि वन्यप्राणी क्षेत्रों के संरक्षण विकास आदि पर विचार करने के लिए एक उप समिति बनायी जाएगी। जिसमें विषय विशेषज्ञ शामिल होंगे।

मंजुला सदस्य मनोनीत

बोर्ड की बैठक में मंजुला श्रीवास्तव को कटनी जिले के वाइल्ड लाइफ बोर्ड का सदस्य मनोनीत किया है। श्रीवास्तव पिछले कई वर्षों से वाइल्ड लाफ से जुड़े मुद्दों और वाइल्ड लाइफ के हितों जुड़े विषयों पर वर्षों काम कर रही है। वे पेशे से वकील हैं।

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned