कमलनाथ ने उठाई मांग, कहा टैक्स से मिलने वाली राशि में राज्यों की बराबर हिस्सेदारी हो

कमलनाथ ने उठाई मांग, कहा टैक्स से मिलने वाली राशि में राज्यों की बराबर हिस्सेदारी हो

Amit Mishra | Publish: Jun, 16 2019 08:35:39 AM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

केंद्र सरकार ने विभिन्न केंद्र प्रायोजित योजनाओं में फंडिंग में राज्यों के हिस्से को भी कम कर दिया है।

भोपाल/दिल्ली. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शनिवार को दिल्ली मेंं हुई नीति आयोग की बैठक में टैक्स के रूप में मिलने वाली राशि में राज्यों की बराबर की हिस्सेदारी की मांग उठाई है।

कमलनाथ ने कहा कि राज्यों को संवैधानिक भावना का निर्वहन करने में सहायता करने के लिए वित्तीय लचीलापन प्रदान करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, राज्यों के लाभ में काफी कटौती की गई, क्योंकि केंद्र सरकार ने विभिन्न केंद्र प्रायोजित योजनाओं में फंडिंग में राज्यों के हिस्से को भी कम कर दिया है।


राज्य सरकार को अधिकार दिया जा सकता है
सेस और सरचार्ज जैसे उपायों के माध्यम से अतिरिक्त संसाधनों को जुटाने के लिए हाल के वर्षों में केंद्र की प्रवृत्ति ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि खनिज संपन्न राज्यों को अपना जायज हिस्सा मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि वर्तमान में सार्वजनिक उपयोग की विकास परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए, वन संरक्षण अधिनियम 1980 के तहत राज्य सरकार को अधिकार दिया जा सकता है।

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गतिविधियों को अंजाम देना चुनौतीपूर्ण
सीएम ने कहा कि मध्य प्रदेश ने वनों के संरक्षण के लिए अथक प्रयास किए हैं। इसके परिणामस्वरूप राज्य में लगभग 95000 वर्ग किमी जंगल हैं, जो देश में सबसे ज्यादा है। वन क्षेत्रों की विशालता देखते हुए विकास गतिविधियों को अंजाम देना चुनौतीपूर्ण है, जिसके लिए कई अनुमतियां और मंजूरी की जरूरत होती है। इससे या तो विकास प्रक्रियाओं में देरी होती है या वे रुक जाती है। जलवायु परिवर्तन और बढ़ती आबादी के लिए पानी की जरूरत के मद्देनजर अलग से नदी कार्य योजना बनाने की आवश्यकता है।


किसानों को उपज का उचित दाम मिले
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि देश के कृषि क्षेत्र में संरचनागत सुधार की जरूरत है। उत्पादन बढऩे के बावजूद किसानों को सही दाम नहीं मिल रहे हैं। जरूरी है कि कृषि बाजारों का ढांचा सुधारा जाए। सुरक्षा संबंधी मुद्दों और वाम चरमपंथ प्रभावित क्षेत्रों से जुड़े विषयों पर सीएम ने राज्यों के बीच सूचनाओं का सुव्यवस्थित तंत्र स्थापित करने की मांग उठाई।

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छह माह के कार्यकाल का लेखा-जोखा पेश करेंगे पीसी शर्मा

कमलनाथ सरकार 17 जून को छह माह का कार्यकाल पूरा करने जा रही है। इस दिन सरकार के मंत्री जनता दरबार में पहुंचकर सरकार की उपलब्धियों को बताएंगे। जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा का कहना है कि प्रभारी मंत्री जिला स्तर पर प्रेस कान्फ्रेंस, परिचर्चा करेंगे। जहां प्रभारी मंत्री नहीं पहुंच पाएंगे वहां विधायक या कांग्रेस के जिलाध्यक्ष कार्यक्रम में शामिल होंगे।

 

3 माह काम करने का मौका मिला
मंत्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार को छह माह के कार्यकाल में बमुश्किल तीन माह काम करने का मौका मिला। शेष तीन माह चुनाव आचार संहिता में बीत गए। इन छह माह के दौरान सरकार द्वारा 21 लाख से अधिक किसानों का कर्जा माफ किया गया। पेंशन राशि को दोगुना किया गया।

जानकारी दी जाएगी
प्रदेश के 21 हजार से अधिक मंदिरों के पुजारियों के मानदेय में तीन गुना वृद्धि की गई। इसके अलावा सरकार ने कई जनहितेषी निर्णय लिए। जिलास्तर पर प्रेस कांफ्रेंस, परिचर्चा के माध्यम से लोगों को जानकारी दी जाएगी।


पांच दिन गांव में रहेगी सरकार
पुरानी सरकारों का जनता दरबार, जनदर्शन जैसे सफल प्रयोगों को भी सरकार अपनाने जा रही है। इसके लिए सरकार पांच दिन 17 से 21 जून तक गांवों में रहेगी। उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी अपने प्रभार जिला देवास से इसकी शुरुआत कर रहे हैं। ग्रामीणों, किसानों के बीच रहकर उनकी समस्याओं को सुनेंगे। मौके पर इसका निराकरण होगा। यह प्रयोग सफल रहा तो इसे प्रदेश के अन्य जिलों में लागू किया जाएगा।

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