MP में आयकर छापों पर बवाल: कमलनाथ बोले - दबूंगा नहीं

- आयकर छापों पर बवाल: कमलनाथ बोले- दबूंगा नहीं
- बिना सूचना छापों पर चुनाव आयोग हुआ खफा, अफसरों ने दी सफाई
- तीसरे दिन कार्रवाई खत्म

By: KRISHNAKANT SHUKLA

Published: 10 Apr 2019, 10:42 AM IST

भोपाल. मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबियों पर छापे के तीसरे दिन मंगलवार को चुनाव आयोग ने राजस्व सचिव एबी पाण्डेय और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अध्यक्ष पीसी मूडी को तलब कर लिया। दोनों वरिष्ठ अफसरों ने आयोग को आयकर छापों के बारे में जानकारी दी। इससे पहले आयोग ने राजस्व सचिव को पत्र लिखकर आयकर छापों की समय पर सूचना नहीं देने पर आपत्ति की थी।

छिंदवाड़ा में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि इन छापों के जरिए मुझे दबाने का प्रयास किया गया, लेकिन मेरे आज तक के राजनीतिक जीवन में कोई मुझे दबा नहीं पाया। यह मुद्दों से भटकाने का प्रयास है। जिनके यहां से पैसे बरामद हुए हैं, उनके भाजपा से कनेक्शन हैं।

यह सब केन्द्र सरकार की एजेंसियों के हथकंडे हैं, लेकिन हमें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। उधर, लातूर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभा में कहा कि कांग्रेस के दरबारियों के घर से बक्सों में नोट निकले हैं। नोट से वोट खरीदना इनकी राजनीतिक संस्कृति रही है। वहीं, भोपाल में आयकर छापे की जद में आए अश्विनी शर्मा के घर से मंगलवार को जानवरों की खाल और महंगी ट्राफियां बरामद हुई।

मुख्यमंत्री के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ ने हाईकोर्ट में याचिका लगाकर आयकर विभाग की कार्रवाई को चुनौती दी। इस पर 11 अप्रैल को सुनवाई होगी।

जनवरों की खाल जब्त : पुलिस ने अश्विनी शर्मा के घर से जानवरों की खाल और महंगी ट्रॉफियां बरामद की है, जो बेशकीमती बताई जा रही है।

आयोग ने कहा-छापों की देनी चाहिए सूचना

चुनाव आयोग ने पत्र में लिखा था, चुनाव के समय प्रवर्तन से जुड़ी प्रत्येक कार्रवाई राजनीतिक रूप से तटस्थ, निष्पक्ष और गैर-भेदभावपूर्ण हो। चुनावी उद्देश्यों के लिए अवैध धन के उपयोग का संदेह है, तो समय पर सूचना दें।

राजस्व विभाग बोला- तटस्थता जानते हैं

केन्द्रीय राजस्व विभाग ने कहा, हम तटस्थता, निष्पक्षता और गैर-भेदभावपूर्ण का अर्थ समझते हैं कि राजनीतिक संबद्धता के बावजूद, जब भी किसी के खिलाफ जानकारी उपलब्ध हो तो हमें कार्रवाई करनी चाहिए।

अश्विनी के घर में मिले हथियार

आयकर टीम को अश्विनी शर्मा के भोपाल स्थित घर से हथियारों का जखीरा मिला है। पुलिस ने हथियार जब्त कर मामला दर्ज कर लिया है। फ्लैट से 13 बोतलें अवैध शराब मिलने पर आबकारी एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।

सीएसपी के अनुसार दोनों मामलों में गिरफ्तारी के बाद आरोपी को जमानत पर रिहा कर दिया गया है। वन अमले ने भी अश्विनी के घर में दबिश देकर सांभर, चीतल, सिंकारा के सींग और खाल लगी महंगी ट्राफियां जब्त कीं।

कक्कड़ ने हाईकोर्ट में दायर की याचिका

सीएम के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ ने मंगलवार को इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि टीम तड़के ३ बजे उनके घर में दरवाजे तोड़कर घुसी और उन्हें बंधक जैसे हालात में रखा। आयकर विभाग ने कोर्ट में कहा, बिना पक्ष रखे याचिका लगाना उचित नहीं है।

मध्यप्रदेश पुलिस का रवैया ठीक नहीं रहा

कार्रवाई के बीच भोपाल में पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच छापे के पहले दिन हुए टकराव के बाद मंगलवार को सीआरपीएफ के एमएस वर्मा ने कहा कि स्थानीय पुलिस का रवैया बिलकुल उलटा रहा। हम यहां जांच में सुरक्षा दे रहे थे और स्थानीय पुलिस अपशब्द कह रही थी। इसके बारे में उच्च स्तर पर भी मुझसे पूछा जाएगा तो मैं यहीं जवाब दूंगा। उधर, इंदौर में भाजपा ने एसएसपी रुचिवर्धन मिश्र को हटाने के लिए निर्वाचन आयोग से मांग की।

आईटी ज्वाइंट कमिश्नर ने सौंपी रिपोर्ट

व्यय निगरानी टीम के स्टेट नोडल अधिकारी और ज्वाइंट कमिश्रर प्रशांत मिश्रा ने सोमवार को छापे की रिपोर्ट मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी बीएल कांताराव को सौंप दी है। मिश्रा ने रिपोर्ट में प्रवीण कक्कड़, अश्विनी शर्मा और प्रतीक जोशी के यहां से बरामद नकदी और सामान की जानकारी दी। रिपोर्ट को सीईओ ने चुनाव आयोग नई दिल्ली को भेज दिया है। उनका कहना है कि यह कार्रवाई दिल्ली टीम ने की थी, इसके चलते नकदी और सामान दिल्ली के व्यय निगरानी के खाते में जोड़ी जाएगी।

 

 

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