scriptcm shivraj singh | मोदी बोले- आदिवासी देते हंै जीवन जीने का असली ज्ञान, दुनिया में किसी के पास है ऐसी विरासत | Patrika News

मोदी बोले- आदिवासी देते हंै जीवन जीने का असली ज्ञान, दुनिया में किसी के पास है ऐसी विरासत

 


------------------------
- मोदी ने जनजातीय गौरव दिवस का किया शुभारंभ, सिकल सेल अभियान व राशन आपके ग्राम योजना का किया शुभारंभ
-----------------------
मोदी बोले- पहले सरकारों ने जनजातीय वर्ग को नहीं दिया उचित महत्व
------------------------

भोपाल

Published: November 15, 2021 06:06:02 pm


भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आदिवासी जिंदगी जीने का असली ज्ञान देते हैं। आदिवासियों के गायन-नृत्य और जीवन के संघर्ष में असली तत्वज्ञान है। दुनिया के किसी देश में हैं इससे बड़ी ताकत, इससे बड़ी विरासत, इससे बड़ी पूंजी..? भारत के अलावा किसी देश में नहीं है। यह बात पीएम मोदी ने सोमवार को भोपाल के जम्बूरी मैदान में बिरसा मुंडा की जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस का शुभारंभ करते हुए कही। यहां मोदी ने जौहर मध्यप्रदेश के जरिए अभिवादन के साथ आदिवासी देसी भाषा में भाषण की शुरूआत की और आदिवासियों से हाल-चाल पूछे। फिर कहा कि मैंने जीवन का एक कालखंड आदिवासियों के बीच गुजारा है। इसलिए जानता हूं कि आदिवासियों के गीत-नृत्य में भी तत्वज्ञान होता है। इसलिए अभी यहां जो आदिवासियों ने गीत प्रस्तुत किया, उसे समझने का प्रयास किया। आप देखिए, ये गीतों में क्या कह रहे हैं। इनका एक एक शब्द जीवन जीते का कारण प्रस्तुत करता है। मैंने जाना कि ये कह रहे हैं कि शरीर चार दिन का है, मिटटी में मिल जाएगा। खाना पीना खूब किया, भगवान का नाम भूलाया है। मौज मस्ती में उम्र बीता दी, जीतवन सफल नहीं किया। लडाई झगडा खूब किया, जब अंत समय आया मन में पछतावा व्यर्थ है। ये धरती खेत खलिहान किसी के नहीं है, अपने मन में गुमान व्यर्थ है। ये धन दौलत किसी के नाम नहीं है, इसे यही छोड के जाना है। इसके बाद मोदी ने कहा कि जीवन का असली तत्वज्ञान यही है। ये आदिवासी दुनिया को जीवन जीने का असली तरीका बताते हैं।
-------------------------
आते ही बिरसा को नमन-
मोदी ने मंच पर आते ही सबसे पहले बिरसा मुंडा को नमन करके फूल अर्पित किएं। इसके बाद मंच के एक छोर से दूसरे छोर तक जाकर आदिवासियों को अभिवादन किया। मंच पर आने से पहले मोदी ने आजीविका स्व सहायता समूहों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मोदी ने कार्यक्रम में राज्य सिकल सेल अभियान और राशन आपके ग्राम योजना का शुभारंभ किया। साथ ही पचास एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के लिए रतलाम के विद्यालय का वचुर्अल शुभारंभ किया। राशन आपके ग्राम योजना में दो वाहन चालकों को चाबी देकर शुभारंभ हुआ। वहीं तीन नवनियुक्त पर्टिकुलरली वल्ररेवल ट्रायबल गु्रप शिक्षकों को नियुक्ति पत्र भी दिया। कार्यक्रम में तीन शार्ट फिल्म दिखाई गई।
-------------------------
भूल नहीं सकते बिरसा का शौर्य व कमलापति का बलिदान-
मोदी ने कहा कि यह देश बिरसा का शौर्य और रानी कमलापति का बलिदान भूल नहीं सकता। महाराणा प्रताप की वीरता की कहानी उन भीलों के बिना कैसे पूरी हो सकती है, जिन्होंने प्रताप से कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष किया। हम इनका कर्ज कभी नहीं चुका सकते, लेकिन हम अपना दायित्व निभा सकते हैं। मोदी ने स्व. पुरूंदरे का जिक्र भी किया।
-------------------------
यूं कांग्रेस पर बरसे-
मोदी ने कहा कि पिछली सरकारों ने जनजातीय वर्ग के बलिदान को भूला दिया। जनजातीय वर्ग से वोट तो लिया, लेकिन जनजातीय वर्ग को विकास और उनका हक कभी नहीं दिया। आदिवासियों को उचित महत्व न देकर पहले सरकारों ने जो अपराध किया उसे अब बोला जाना जरूरी है। उसकी हर जगह चर्चा होनी चाहिए।
-------------------------
जनजातीय विकास का मॉडल यूं बताया-
मोदी ने कहा कि गुजरात में जब मैं पहली बार सीएम बना था, तभी जनजातीय विकास मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता में था। हमने तय किया है कि देश के विकास में हर समाज की हिस्सेदारी और भागीदारी दी जाएगी। इसके तहत हमने कई योजनाएं शुरू की, यहां भी जनजातीय वर्ग के लिए काम हो रहा है। देश में हजारों लोगों के पास जैसे डायरेक्ट खाते में विभिन्न योजनाओं का पैसा पहुंच रहा है, वैसे ही आदिवासी समाज के पास भी पहुंच रहा है। जल जीवन मिशन के तहत मध्यप्रदेश के ग्रामीण इलाकों में तीस लाख परिवारों तक नल से जल मिलना शुरू हो गया है।
-------------------------
पहले और अब का अंतर-
मोदी ने कहा कि पहले जनजातीय क्षेत्रों को लेकर भौगोलिक दष्टि से कठिन बताया जाता था, लेकिन यह सब काम न करने के बहाने थे। यही कह कहकर जनजातीय वर्ग को सुविधाओं से वंचित रखा गया। आदिवासी जिले बुनियादी विकास से दूर रहे। लेकिन, अब ऐसा नहीं है। कोई जिला बुनियादी विकास से दूर नहीं है। हर क्षेत्र और हर समाज में विकास की आकांक्षा होती है। कई जिला, कोई व्यक्ति विकास की दौड में पीछे नहीं रहेगा।हमने सौ जिलों को आंकाक्षी जिलों में लाकर प्राथमिकता से विकास शुरू किया। हम डेढ सौ मेडिकल कॉलेज ऐसे जिलों में मंजूर कर चुके हैं। पहले के लोग इन क्षेत्रों के दोहन की नीति पर चले, लेकिन हम इन क्षेत्रों के सामथ्र्य के सही इस्तेमाल की नीति पर चल रहे हैं। अभी हमने पद्मश्री पुरस्कार दिए, जो लोग पुरस्कार लेने आए उनके पैर में जूते नहीं थे। दुनिया हैरत से देखती रह गई। लेकिन, ये ही तो हमारे असली हीरे हैं। जनजातीय समाज में प्रतिभा की कमी नहीं, लेकिन पहले सरकारों में राजनीतिक ईच्छाशक्ति नहीं थी, और थी तो बुहत कम थी। सृजन आदिवासी समाज का हिस्सा है, लेकिन इस सृजन को पहले बाजार नहीं दिया गया। अब हम बाजार जोड़ रहे हैं, तो इनके उत्पाद राष्ट्रीय और अंतर्राष्टीय स्तर पर बिक रहे हैं। बांस की खेती जैसी मामूली चीज को बाजार से नहीं जोड़ा गया, लेकिन हमने नियम बदल दिया। लकड़ी-पत्थर की कलाकारी दशकों से इस समाज में रही है। हमने उनके इन उत्पादों को बाजार से जोड़ा है।
-------------------------
ये बोले मोदी-
- मोदी ने कहा कि कोरोना काल में भी मुफ्त राशन के जरिए हमारी सरकार ने किसी गरीब व आदिवासी की बडी मदद की। अब राशन आपके द्वार योजना के तहत राशन आपके घर तक पहुंचेगा।
- आयुष्मान योजना के जरिए कोरोना काल में भी गरीब और आदिवासी का पांच लाख तक का निजी अस्पतालों में भी मुफ्त इलाज कराया।
- कोरोना का मुफ्त वैक्सीन लगाया गया। आदिवासियों ने भी बढ चढकर वैक्सीन लगवाया। आदिवासी ने बताया कि वह वैक्सीन का महत्व समझता और स्वीकार्यता है।
- स्व सहायता समूहों से साढ़े सात लाख लोग जुडे हैं, जनजातीय समाज को बीस लाख जमीन के पट्टे हमने दिए हैं।
- शिक्षा में जनजातीय समाज के लिए एकलव्य विद्यालय खोले हैं। हमारा लक्ष्य 750 विद्यालय खोलने का है।
- चालीस हजार रुपए प्रति छात्र सात साल पहले खर्च किया जाता था, जो अब एक लाख रुपए प्रति छात्र से भी ज्यादा हो गया है।
- पहले 18 ट्राइबल संस्थान बनाए गए थे, लेकिन अब सात साल में नौ ट्राइबल संस्थान बनाए गए हैं।
--------------------------------
modi.jpg

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

Republic Day 2022 LIVE : राष्ट्र के नाम संबोधन में बोले राष्ट्रपति कोविंद - कोविड नियमों का पालन करना ही राष्ट्र धर्मRepublic Day 2022: 939 वीरों को मिलेंगे गैलेंट्री अवॉर्ड, सबसे ज्यादा मेडल जम्मू-कश्मीर पुलिस कोस्वास्थ्य मंत्री ने कोरोना हालातों पर राज्यों के साथ की बैठक, बोले- समय पर भेजें जांच और वैक्सीनेशन डाटाBudget 2022: कोरोना काल में दूसरी बार बजट पेश करेंगी निर्मला सीतारमण, जानिए तारीख और समयमुख्यमंत्री नितीश कुमार ने छोड़ा BJP का साथ, UP चुनावों में घोषित कर दिये 20 प्रत्याशीकोरोना पॉजिटिविटी दर में उतार-चढाव जारी, मिले नए 427 केसUP Assembly elections 2022 : 'मुस्लिमों को पिछड़ा बनाने के लिए सरकारें दोषी, बच्चों को हासिल करवाओं तालीम'स्वास्थ्य मंत्री ने कोरोना हालातों पर राज्यों के साथ की बैठक, बोले- समय पर भेजें जांच और वैक्सीनेशन डाटा
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.