न व्यवस्थाएं और न सुविधा लेकिन इन अस्पतालों ने कोरोना मरीजों को भर्ती कर की मनमानी वसूली

सीएमएचओ ने जारी किए 9 निजी अस्पतालों को नोटिस

भोपाल। कोरोना संक्रमण के दौरान मरीजों को लूटने और बिना सुविधाओं के मरीजों को भर्ती करने वाले निजी अस्पतालों के खिलाफ अब स्वास्थ्य विभाग ने कार्यवाही करना शुरू कर दिया है। कई अस्पताल ऐसे थे जिन्होंने अतिरिक्त बेड लगाकर मरीजों को भर्ती कर लिया। उनके पास न तो वेंटीलेटर थे और न आक्सीजन की व्यवस्था थी। इसके बावजूद मरीजों को भर्ती करने से उनकी हालत और बिगड़ गई। मरीजों की शिकायतों के आधार पर बुधवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के अमले ने शहर के 9 निजी अस्पतालों का निरीक्षण कर उन्हें नोटिस जारी किया।


नोटिस के माध्यम से कई सवालों के जवाब मांगे गए हैं। साथ ही कई मरीजों की शिकायतों का हवाला दिया गया है, जिन्होंने यहां इलाज कराया और इनकी सेवाओं से खुश नहीं थे। इस बारे में सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर ततिवारी ने बताया कि हमने नौ प्राइवेट अस्पतालों को नोटिस दिया है। एक सप्ताह के भीतर इनसे जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत इनका रजिस्ट्रेशन भी निरस्त किया जा सकता है।

न आक्सीजन पाइपलाइन, न आइसीयू में उपकरण मिले

जानकारी के मुताबिक निरीक्षण के दौरान तीन अस्पतालों में न तो ऑक्सीजन पाइप लाइन व्यवस्थित मिली न ही प्रशिक्षित स्टाफ मिला। जितने बिस्तर अनुमति के लिए दिए आवेदन पत्र पर दिखाए गए, उतने नहीं हैं। इसके अलावा आईसीयू में मल्टी पैरा मॉनीटर और जरूरी उपकरण भी नहीं हैं। कई हॉस्पिटल ने तो नर्सिंग होम स्टेब्लिशमेंट एक्ट भी पालन नहीं किया।

इनको मिला है नोटिस

1. अर्नव अस्पताल, पटेल नगर

2. आशा मल्टीस्पेशलिटी, अशोक गार्डन

3. दीपश्री मल्टीस्पेशलिटी, गोविंदपुरा

4. मकसूद मेमोरियल, नारियल खेड़ा

5. विंध्यश्री अस्पताल, अयोध्या बायपास

6. भारती मल्टीकेयर, ऐशबाग

7. ईशू मल्टीस्पेशलिटी, बंगरसिया

8. रामसन अस्पताल, लांबाखेड़ा

9. रामांश अस्पताल, आनंद नगर

सुनील मिश्रा
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