बच्चों के पोषण में सिर्फ दिखावटी काम न हो, जमीन पर भी असलीयत दिखे-कलेक्टर

- करीब छह माह बाद हुई बच्चों के पोषण आहर को लेकर बैठक

भोपाल. बच्चों के पोषण आहार को लेकर जिले में काफी समय बाद बैठक आयोजित की गई है। सोमवार को कलेक्टर अविनाश लवानिया ने कलेक्टर कार्यालय में बैठक कर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों के पोषण में कोगजों में ही नहीं जमीन पर काम दिखना चाहिए। कलेक्टर ने कहा कि पोषण अभियान का उद्देश्य सिर्फ लक्ष्य प्राप्ति नहीं होना चाहिये। इसका उद्देश्य गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य संबंधी सभी आयाम और पोषक तत्व प्राप्त होना चाहिये। इसके लिये जमीनी स्तर पर अधिकारी और कर्मचारी, आशा आगनवाड़ी कार्यकर्ता डोर टू डोर सर्वे करेंगे। समय-समय पर बच्चों की की देखभाल के लिये जांच शिविर भी लगाये जाएं ताकि जन्म से ही कुपोषण, एनिमिया और अन्य बीमारियों के बच्चों की पहचान कर उन्हें बचाया जा सके।

अधिकारियों के साथ निरीक्षण करने पहुंचे संभागायुक्त पुराने शहर में रामनगर, परी बाजार रीडेंसिफिकेशन योजना में 461 आवास सरकारी कर्मचारियों के लिए बनाए जाएंगे। सोमवार को परी बाजार निरीक्षण करने पहुंचे संभागायुक्त ने इस संबंध में अधिकारियों से चर्चा भी की। यहां काम कर रही डेवलपर संस्था को निर्देश देकर आगामी दस दिनों में काम शुरू करने को कहा है। दरअसल रामनगर शासकीय कालोनी में बने 71 आवास कई सालों से खाली पड़े थे। इनको तोड़कर यहां नए निर्माण होंगे। संभागायुक्त ने बीडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बुद्धेश वैद्य को निर्देश दिए कि काम ऐसा हो कि क्षेत्र की हरियाली बनी रहे और वन विभाग से स्वीकृति के बाद ही कम से कम पेड़ काटे जाएं। काम ऐसा करें जिससे अन्य कालोनियों की पानी, सीवेज जैसी सुविधाओं में कोई परेशानी न हो। संभागायुक्त ने पुराने स्ट्रक्चर को तोडऩे के लिए आठ दिन का समय डवलपर को दिया है।

प्रवेंद्र तोमर Reporting
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