इस बार कलेक्टर गाइडलाइन में अवैध कॉलोनियों को शामिल कर खोले जा सकते हैं नए रेट

पंजीयन निकाल रहा आया के नए स्त्रोत, लगाई जाएगी वैध की मुहर, पिछले साल छह कॉलोनियों को किया गया शामिल

भोपाल। इस बार कलेक्टर गाइडलाइन से आय के स्त्रोत बढ़ाने के लिए पंजीयन के अधिकारी अवैध कॉलोनियों पर ननि से वैध की मुहर लगवाकर नए रेट खोल सकते हैं। इन कॉलोनियों में आवागमन की व्यवस्था है, पानी बिजली की व्यवस्था प्रॉपर है। लेकिन कुछ अनुमतियों के पेच के चलते ये कॉलोनियां कलेक्टर गाइडलाइन में शामिल नहीं हो पा रहीं हैं।

ऐसी ४७ कॉलोनियों की सूची पंजीयन विभाग के अधिकारियों के पास है। इसके पीछे मंशा ये है कि अगर मेट्रो, नेशनल हाइवे व अन्य सरकारी प्रोजेक्ट के चलते इस बार जमीनों के रेट नहीं बढ़ाए गए तो इन नई कॉलोनियों को शामिल कर नए रेट खोले जाने से कम से कम पंजीयन की आय तो बढ़ेगी। पिछले साल भी छह नई कॉलोनियों को शामिल कर नए रेट खोले जा चुके हैं।

राजधानी में हुजूर के नीलबड़, रातीबड़, कलखेड़ा, शाहजहांनाबाद स्थित कुम्हरपुरा, कोलार, अयोध्या बायपास सहित अन्य क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों की संख्या ३३९ पहुंच गई थी। नगर निगम के जियोग्राफीकल सर्वे के बाद ये स्थिति मार्च २०१८ में ही सामने आ चुकी थी। इसके बाद इसमें नगर निगम की एनओसी का पेच फंसने से पिछले साल भी सूची बनने के बाद अवैध कॉलोनियों को शामिल नहीं किया गया था, लेकिन इस बार अगर रेट नहीं बढ़े तो नई शामिल की गईं कॉलोनियां ही आय के स्त्रोत बढ़ाने में काम आएंगी। इसमें से सिर्फ वही कॉलोनी शमिल की गईं हैं जहां यातायात सुगम है।

नेशनल हाइवे, रेलवे के प्रोजेक्ट वाले गांवों में नहीं बढ़ेंगे रेट

जिन जगहों पर रेलवे, नेशनल हाइवे और अन्य प्रोजेक्ट के तहत जमीनों का अधिग्रहण किया जाना है, वहां के दाम नहीं बढ़ेंगे, इसमें भौरी, मीरपुर वीरान, झिरनिया, मुंगालिया हाट, दौलतपुर ठिकरिया, परवलिया सड़क, बरखेड़ा बोंदर गांव शामिल है।

मेट्रो के लिए पहले चरमें ४२ जगह अधिग्रहण
मेट्रो ट्रेन का काम शुरु कर दिया गया है, जिसके तहत कई जगहों पर निजी प्रॉपर्टी का अधिग्रहरण किया जाना है। पहले चरण में ४२ जगह जमीनों का अधिग्रहण किया जाना है। करोंद चौराहे से डीआइजी बंगला, भोपाल टॉकीज, रेलवे स्टेशन, भारत टॉकीज, बोगदा पुल, सुभाष नगर, एमपी नगर, बोर्ड ऑफिस चौराहा, हबीबगंज नाका, अल्कापुरी बस स्टैंड और एम्स तक कई प्रॉपर्टी का अधिग्रहण किया जा सकता है। इसको देखते हुए इन क्षेत्रों में भी प्रॉपर्टी के दाम नहीं बढ़ाए जाएंगे।

प्रवेंद्र तोमर Reporting
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